मोहित यादव उर्फ मोनू मानेसर नासिर जुनैद का हत्यारा। 30 महीने जेल में बिताने के बाद जमानत पर बाहर।
आरोपी के साथ फरीदाबाद पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर राजेश दुग्गल खुशनुमा माहौल में फोटो खिंचवा रहे हैं।
और फ़िर यही अपराधी अपने फेसबुक प्रोफाइल से ये फोटो पोस्ट करता है।
आप सोच सकते हैं अगर इसकी जगह अपराधी किसी और धर्म का होता तो क्या इस तरह उसके साथ पेश आता कोई भी पुलिस कर्मी?
नासिर-जुनैद को ज़िंदा जलाकर मारने वाले आरोपी के साथ ख़ुशगवार माहौल में फोटो खिंचवाने वाले फरीदाबाद पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर राजेश दुग्गल साहब से पूछना है कि आप इस तरह से पुलिस का इक़बाल बुलंद कर रहे हैं ?
मुख्यमंत्री @NayabSainiBJP जी क्या एैसे चलेगी प्रदेश की क़ानून व्यवस्था ?
@FBDPolice@police_haryana
आवाज सबको उठानी है, बोल नहीं सकते तो लिखो, लिख नहीं सकते तो लिखने वालों का समर्थन करो, देश की आजादी में सभी ने साथ दिया, आज वक्त आ गया है, अगर आज चुप रहे तो कल अपने आने वाले भविष्य अपने बच्चों को क्या जवाब दोगे!
हरियाणा पुलिस में ज्वाइंट कमिश्नर राजेश दुग्गल जिस शख्स से भेंट कर रहा रहे हैं, वो कोई गणमान्य नहीं है, बल्कि अपराधी है। उस पर कई सारे मुकदमे दर्ज हैं। राजस्थान के दो युवकों को ज़िंदा जलाकर मार देने का आरोप है। लेकिन @police_haryana के अफसर उस शख्स से भेंट कर रहे हैं। सवाल यह है कि @DGPHaryana इस अफसर के खिलाफ एक्शन लेंगे?
दरिंदा किशन रावत गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन सवाल यह यूपी पुलिस इस दुर्दांत अपराधियों का एनकाउंटर क्यों नहीं करती? क्यों नहीं! ऐसे दुर्दांत अपराधियों की संपत्तियों पर बुलडोज़र चलाया जाता? अगर एनकाउंटर और बुलडोज़र न्याय सम्मत ही है तब यह ‘दूसरों’ के लिए ही क्यों है?
मेरठ पुलिस ने ईद के दौरान सड़क पर नमाज़ अदा करने वाले नमाजियों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ पासपोर्ट जब्त करने के भी निर्देश जारी किए हैं, कल ही संभल के CO कुलदीप कुमार ने नमाज़ पढ़ने और ईरान के लिए प्रदर्शन करने वाले नमाजियों का 'बढ़िया इलाज' करने की धमकी दी थी।
नमाजियों पर कार्रवाई की बात वो पुलिस कर रही है जो ख़ुद होली सड़कों पर खेल रही थी और जो पुलिस कावड़ियों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा करती हैं, इस देश में संविधान भले एक हो भले संविधान ने सबको बराबरी का दर्जा दिया हो लेकिन ये ही संविधान उत्तर प्रदेश में दो हिस्सों में बंट जाता है, हिंदू सड़कों पर हनुमान चालीसा का पाठ करें, जागरण करें या धार्मिक यात्राएं निकाले या कावड़ लेकर निकले तो उसका पुलिस स्वागत करती हैं उसके लिए बिछ जाती हैं व्यवस्था करती हैं, लेकिन जुमा या ईद के दौरान मस्जिद, ईदगाह भर जाने पर अगर एक मुसलमान सीढ़ियों पर भी नमाज़ अदा करें तो कार्रवाई की धमकी और पासपोर्ट जब्त करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। यहां तक कि अपने घर के अंदर नमाज़ पढ़ने वाले मुस्लिमों पर भी कार्रवाईयां की गई हैं।
संभल के बाद अब मेरठ पुलिस ने ईद की नमाज़ को लेकर निर्देश जारी किए हैं। मेरठ पुलिस ने कहा है कि अगर ईद की नमाज़ सड़क पर अदा की गई तो नमाज़ अदा करने वालो के खिलाफ कार्रावाई की जाएगी उनका पासपोर्ट निरस्त किया जाएगा। यही पुलिस बीते सप्ताह अर्धनग्न होकर सड़क पर होली खेल रही थी। उससे ना तो यातायात बाधित हुआ होगा? और ना ही किसी की तकलीफ हुई होगी! उससे पहले यही पुलिस कांवड़ियों के पैर दबा रही थी, तो कहीं कांवड़ियों पर फूल बरसा रही थी। लेकिन जैसे ही ईद का त्योहार आया पुलिस की ओर से ऐसे निर्देश आने लगे जैसे बयान कुंठित गैंग के दक्षिणपंथी देते रहे हैं। जिन पुलिस अफसरान ने ऐसे निर्देश दिए हैं, या जो ऐसा सोच रहे हैं, वो यह भी स्पष्ट कर दें कि वो नोकरी किसकी कर रहे हैं! जनता की? संविधान की? या फिर दक्षिणपंथी संगठन और सत्ताधारी दल की?
कृपया संज्ञान लें @RailMinIndia@RailwaySeva@GM_NRly@drm_fzr
Jalandhar Cantt Railway Station पर रेलवे महिला स्टाफ का बेहद खराब व्यवहार। पैसे का change नहीं दिया, उल्टा धमकी दी कि RPF को बुला रहे हैं और टिकट भी नहीं दिया।
यह सीधा यात्रियों के साथ धोखाधड़ी है। ऐसे कर्मचारी को तुरंत निलंबित कर जांच की जाए।
कुछ रह गया हो तो आप लोग Add कीजियेगा
सबसे पहले JIO सिम लेने की लाइन में लगे
उसके बाद नोटबंदी की लाइन में लगे
फिर आप आधार कार्ड बनवाने की लाइन में लगे
फिर आप आधार को Pan कार्ड से लिंक करवाने की लाइन में लगे
फिर जन धन खाता खुलवाने की लाइन में लगे
फिर किसान यूरिया लेने के लिए लाइन में लगे
फिर आप 5 Kg राशन लेने की लाइन में लगे
वैक्सीन लगवाने के लिए लाइन में लगे
बेरोजगार युवा नौकरी के लिए लाइन में लगे
आज आप LPG सिलेंडर की लाइन में लगे हो
कल आप पेट्रोल- डीजल की लाइन में लगोगे
परसों दूध, सब्जी, दवाई के लिए लाइन में लगोगे
और कुछ रह गया क्या???
आधार, राशन, बैंक, छात्रवृत्ति, स्कूल एडमिशन, परीक्षा फॉर्म, बीमा, मनरेगा, किसान योजनाएँ और लगभग सभी सरकारी सेवाएँ आज मोबाइल OTP से जुड़ी हुई हैं।
अगर किसी गरीब व्यक्ति के मोबाइल में रिचार्ज नहीं है तो उसे OTP कैसे मिलेगी? क्या सिर्फ OTP पाने के लिए हर महीने रिचार्ज करवाना गरीबों की मजबूरी बना दी गई है?
ऊपर से टेलीकॉम कंपनियों की 28 दिन में सेवा समाप्त करने की मनमानी व्यवस्था ने लोगों पर और बोझ डाल दिया है।
पहले महीने 30 दिन का होता था, लेकिन अब 28 दिन के रिचार्ज से साल में 12 की जगह 13 बार रिचार्ज करवाना पड़ता है। इसका सीधा असर गरीब, मजदूर, किसान और छात्रों पर पड़ रहा है।
जब सरकार खुद आधार, बैंक, राशन और सरकारी योजनाओं के लिए OTP अनिवार्य कर रही है, तो कम से कम OTP सेवा को सभी नागरिकों के लिए मुफ्त किया जाना चाहिए। डिजिटल इंडिया का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि गरीबों पर हर महीने नया आर्थिक बोझ डाल दिया जाए।
@narendramodi@JM_Scindia@reliancejio@TRAI@airtelindia@BSNLCorporate@PMOIndia@mygovindia
टेलीकॉम कंपियों अपनी लूट बंद करो, हम रोज़ाना के 1.5 GB या 2 GB डेटा के पूरे पैसे देते हैं! लेकिन जो डेटा हम इस्तेमाल नहीं करते, वह रात 12 बजे अपने आप क्यों खत्म हो जाता है? बचा हुआ डेटा ग्राहकों को अगले दिन 'कैरी फॉरवर्ड (आगे) क्यों नहीं किया जाता ?
सहमत है तो शेयर करें 👏
मोदी जी आज क्या हुआ?
आपने तो ईरान के राष्ट्रपति की मौत पर राष्ट्रीय शोक घोषित किया था।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शोक का एक ट्वीट करने की आपकी हिम्मत नही हो रही, इसलिये की जिम्मेदार अमेरिका है।
देश को ऐसा डरपोक प्रधानमंत्री नही चाहिए जो ट्रम्प की कठपुतली हो।
https://t.co/GmrtrG5YSS
लखनऊ के रामाधीन सिंह मार्केट के बाहर युवक के गले में फांसी पतंग के मांझे नस काटने से बचा, राहगीरी महिला और दूसरे शख्स ने संभाला, लोगों का मानना है इस धागे से पेड़ भी कट सकता है, सरकार को इस धागे पर बैन लगाना चाहिए!
This elderly man possibly in his late 70s or 80s with his two companions were mercilessly beaten by a goon in UP. You may host thousands AI summit but the damage you have done to this country's social fabric will never let the nation to be considered a developed.
▪️बहुत कम ऐसा होता है कि कुछ देखकर अंदर से खून खौल जाये और बहुत देर तक मन अशांत हो
▪️बँदायूँ में उस जाहिल अक्षय का 3 मुसलमानों को गाली देना और मारना देख कर बहुत बहुत गुस्सा आया
• क्या समझता है यह आदमी अपने आपको?
• इसकी हिम्मत कैसे हुई तीन और हिंदुस्तानियों के साथ यह करने की?
👉इसका तो पुलिस वो हाल करना चाहिए कि छठी का दूध याद आ जाए
👉यह किसी आतंकवादी से कम नहीं है, यह अराजकता, यह दुस्साहस इसको सत्ता में विराजमान नफ़रतियों ने दिया है
• जब देश का प्रधानमंत्री शमशान कब्रिस्तान करेगा
• जब उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री अस्सी बीस करेगा
• जब असम का मुख्यमंत्री वीडियो में मुसलमानों पर गोलियां चलाएगा
👉तभी इन जैसों को ऐसी हरकतें करने का हौसला मिलता है
• मीडिया में बैठे हुए इस देश के गोदी गिद्ध जो कल युवाओं को मोदी की पोल खोलने पर नोच रहे थे - आज सांप क्यों सूंघ गया?
• जब बजरंग दल के अक्षय जैसे हिंसक लड़के मुसलमानों को पीटते हैं, क्रिसमस के दिन तोड़ फोड़ करते हैं तब देश की छवि धूमिल नहीं होती?
• या वो वाला ठेका सिर्फ कल के लिए मिला था?
🔺घिन आती है ऐसे मीडिया से जो नफ़रत की आग में घी डालता है
🔺घिन आती है ऐसी सरकार से जो नफ़रत की खेती करती है
🔺घिन आती है उस समाज से जो चुपचाप तमाशबीन बना सब देखता है
देश की बेइज़्ज़ती किसी कार्यक्रम में युवाओं के लोकतंत्रित प्रदर्शन से नहीं होती बल्कि गुंडों की तरह धार्मिक हिंसा पर उतारू एैसे नौजवानों से होती है जिनको ना तो क़ानून का कोई डर है और ना ही समाज का।
अफ़सोस है कि इस भीड़ को सरकारी संरक्षण प्राप्त है
@narendramodi जी ओर ये सब आपकी सरकार में हो रहा है।