Indians are dying to live in Canada & 2 million have already migrated
But Canadians are trying to leave their own country!
The SHOCKING part? More people fled Canada in last quarter of 2021 than in any year since 1970s
THREAD: Why the Canadian dream turned into a nightmare🧵
मुहम्मद युनुस इंदिरा उर्फ़ मेमुना बेगम का दूसरा पति संजय गाँधी का पिता था, इस गुप्त निकाह से जब संजय गांधी को अपने असली बाप का पता चला तो उसने अपनी इन्दिरा के मुँह पर कांग्रेस का चुनाव चिन्ह बना दिया था। यही यूनुस मेनका के साथ शादी के समय ससुर का रोल कर अड़ गया था कि बारात मेरे घर से निकलेगी। यही मुहम्मद युनुस था जो संजय गाँधी की लाश पर छाती पीट पीटकर रो रहा था। जब सफदरजंग एयरपोर्ट पर उसका छोटा जहाज क्रेश करवाया गया, ये मुहम्मद युनुस वही है जिसने अपनी पुस्तक 'Persons Passions and Politics' में लिखा है कि मैं संजय गाँधी का बाप हूँ, और मैंने उसका खतना करवाया था...!
कश्मीरी पंडितों के कत्ल राजीव ने करवाए थे अपने भाई को बचाने के लिये, यही सौदा हुआ था। उसी मुहम्मद युनुस का एक बेटा और था आदिल शहरयार यानि इन्दिरा का तीसरा बेटा, जो अमेरिका में ड्रग्स और हथियार की तस्करी के आरोप में ३५ वर्ष की सजा पाकर जेल में बंद था, उसी आदिल शहरयार को इंदिरा वध के बाद राजीव गाँधी की सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति से क्षमादान दिलाने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। तब के अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने क्षमादान नहीं दिया।
इसी बीच भोपाल गैस कांड हो गया, एंडरसन भोपाल आया, अर्जुन सिंह ने उसे कैद करवा लिया, राजीव गाँधी ने अपने भाई आदिल शहरयार के बदले एंडरसन को छोड़ने का अमेरिका से सौदा किया। हज़ारों हिन्दुओं की लाशों का सौदा किया गया। इस नीच जेहादी छद्म मियाँ नेहरू खानदान ने अपने तीसरे भाई आदिल शहरयार को अमेरिका से छुड़वा लिया और एंडरसन को भगा दिया। इस घटना को सुषमा स्वराज ने संसद में आदिल शहरयार के बारे में बहस की चुनौती रखकर कांग्रेसियों की बोलती बंद कर दी थी जब वे उन पर ललित मोदी को भगाने का आरोप लगा रहे थे।
खैर जाते जाते एक खुलासा और दोस्तों कि जिस कांग्रेस ने लगातार पचपन साठ सालों तक हिन्दुओ की गर्दन पर पैर रख कर देश को नोचा खसोटा। क्या आप उस कांग्रेस के देशद्रोही विमान अपहरण कुकृत्य के बारे में जानते है जो कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने किया था... नही... न... चलो में बताता हूं...?
ये बात बीस दिसम्बर १९७८ की है जब आपातकाल में इंदिरा गांधी के जुल्मों सितमो के कारण वे सत्ता से बाहर हो गई थीं और भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में थीं। तब लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC ४१० को, लखनऊ से उड़ने के चंद मिनटों बाद हाईजैक कर लिया गया थाम इस फ़्लाइट में १३० के करीब यात्री थे, हाईजैक करने वाले थे इंडियन यूथ कांग्रेस के दो सदस्य, एक आजमगढ़ का भोला पांडे और दूसरा था बलिया का देवेन्द्र पांडे। उन दो हथियार बंद हाईजैकर्स, ध्यान दें हथियार बंद हाई जैकर्स ने, यात्रियों को रिहा करने के बदले में तीन मांगें रखी, "पहली मांग" इंदिरा गांधी को जेल से रिहा किया जाय, "दूसरी मांग" संजय गांधी और इंदिरा गांधी के खिलाफ सारे आपराधिक मामले वापस लिये जायें, "तीसरी मांग" केंद्र की जनता सरकार अपना इस्तीफा दे, जिसके प्रधान मंत्री थे श्री मोरारजी देसाई।
बाद में इन दोनों ने उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री के साथ बातचीत में सरेंडर कर दिया, इस घटना की सभी पार्टीयों ने जम कर आलोचना की, लेकिन संसद में चर्चा के दौरान कांग्रेस तो इससे भी और एक कदम आगे चली गयी, कांग्रेस के वरिष्ठ सांसदों, जिनमे वसंत साठे और आर वेंकटरमन थे, उन्होंने इस घटना की तुलना लम्पट गांधी के नमक आंदोलन से कर डाली और इसे अभिव्यक्ति की आजादी और विरोध करने के अधिकार से जोड़ दिया। कुछ दिन बाद हुए चुनावो में इन्हीं हाई जैकर्स को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश से टिकट देकर विधायक बनवाया और वेंकटरामन आगे जाकर देश के राष्ट्रपति बने। भोला पांडे को कांग्रेस ने हाईजैकिंग के इस कारनामे को अंजाम देने के इनाम में १९९१ से २०१४ तक पांच बार सांसद का टिकट भी दिया। जिसे वो कभी जीत ना सका, वरना एक हथियार बंद हाईजैकर भारतीय संसद में बैठा होता। किन किन लोगों को मालूम है ये घटना, किसी को नहीं। पर इस घटना से आप लोग कांग्रेस के चाल और चरित्र को और अधिक गहराई से जान लीजिये कि किस हद तक जा सकते है कांग्रेसी...?
दोस्तो अधर्म के बढ़ते साये मे जुबां खोलेगा कौन, यदि हम अब भी चुप रहे तो फिर बोलेगा कब और कौन...?
साथियों भारतीय राजनीति में हिंदू विरोधी विपक्ष आखिरी सांसे गिन रहा है, इसे दुबारा जिंदा मत होने देना। बाकि का काम मेरे जैसे हजारों सिरफिरे जो सिर कफ़न बांध निकले है वो निपटा देंगे... जय भवानी जय शिवाजी...!!
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