आरक्षण ग़रीबी उन्मूलन कार्यक्रम न��ीं है।
SC, ST और OBC को मिलने वाले आरक्षण में आर्थिक कसौटियाँ शामिल ही नहीं हैं। फिर सुप्रीम कोर्ट के जज आर्थिक पहलू को आरक्षण से जोड़कर संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ अपना फैसला सुना रहे हैं। इसपर पुनर्विचार करना चाहिए।
ये बँटवारा बिना जातिवार जनगणना के किस आधार पर होगा? जाति जनगणना के ख़िलाफ़ केवल सत्ता में बैठे लोग ही नहीं हैं। तमाम बड़ी बड़ी स्वायत्त संस्थाओं में ऐसे लोग ही बैठे हैं, जो आरक्षण की मूल भावना को ही बदलकर उसे नष्ट कर देने पर आमादा हैं।
इसका पुरज़ोर विरोध होना चाहिए।
हे राम राम राम राम !!!!
कितना बेशर्म इंसान है।आए दिन रेल हादसे हो रहे है।और
इनकी नाकामयाबी का ख़ामियाज़ा देश की गरीब जनता अपनी जान गँवा कर चूका रही है।
और यें उन हादसों की ज़िम्मेदारी नहीं लेकर,इस्तीफ़ा नहीं देकर, देश से माफ़ी नहीं माँगने की बजाई कैसे अहंकार दिखा कर अपनी नाकामया��ी को कवर करने की कोशिश कर रहे है। शर्मनाक!!
बेशर्मी की हदें पार कर दी इन्होंने।
लानत है लानत है लानत है !!
#TrainAccident
रेल हादसों में पिछले 2 महीने में 21 लोगों की मौत हो गई.
और रेल मंत्री इसे छोटी घटना बता रहे हैं. कह रहे हैं- कांग्रेस छोटी-छोटी घटनाओं को उठा रही है.
21 लोगों की मौत, छोटी घटना है?
ये तस्वीर लखनऊ को लखनऊवासियो को भाजपा की सरकार को अमित शाह जी को पीढ़ियों तक शर्मिंदा करेगी!
एक युवक अपनी पत्नी की इज़्ज़त बचाने के लिये हाथ जोड़ कर खड़ा हैं वो भी दिन के 2 बजे और अमित शाह कहते है रात में 12 बजे भी गहना पहने महिलायें सुरक्षित है भाजपा राज में।
तो, ये प्रधानमंत्री फर्जी हुआ ना ?????
मै तो कहता हूँ सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पुरे चुनाव का जाँच होना चाहिए
प्रधानमत्री फर्जी है - इसको रीट्वीट करके पुरे देश में फैला दो 🙏🙏🙏🙏
आख़िर Medal क्यों नहीं आ रहे हैं?
Paris Olympics में हमारे देश से 117 खिलाड़ी गए हैं जिनमें सबसे ज्यादा
हरियाणा से 24 और पंजाब से 19 खिलाड़ी हैं, गुजरात से 2 खिलाड़ी हैं
सरकार खेलो इंडिया के तहत जो पैसा देती है उसमें
गुजरात को 426 करोड़ और वहीं हरियाणा को मात्र 66 करोड़ मिला है।
यह सोचने वाली बात है कि
जो गुजरात मात्र 2 खिलाड़ी Olympic में भेज रहा है उसे 426 करोड़ और जो हरियाणा 24 खिलाड़ी भेज रहा है उसे मात्र 66 करोड़
सरकार खेलो इंडिया स्कीम के तहत दे��� में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाने के लिए मदद करती है।
मीठा मीठा गप
कड़वा कड़वा थू!
ऐसे कैसे चलेगा सर!
सारी दिक़्क़त दूसरों में है क्योंकि वो आपको बदनाम करना चाहते हैं, आपसे जलते हैं और आपके नाम पर व्यूज़ पाना चाहते हैं!
और आप सालों से बेसमेंट में क्लासेज़ चलाकर बेदाग़ हैं?
दृष्टि संस्थान में आपके अतिरिक्त तमाम अध्यापक हैं पर आपके अलावा छात्र कितने अध्यापकों का नाम जानते हैं?
UPSC मेंटरशिप का चेहरा आप बने हुए हैं…दुनिया भर का तजुर्बा, नैतिकता और उचित-अनुचित का ज्ञान आपके पास है, फिर भी नियमों के ख़िलाफ़ बेसमेंट में क्लासेज़ चलाकर बच्चों की जान आप जोखिम में डाल रहे हैं…
…लेकिन गलती दूसरों की है कि आपसे सवाल क्यों पूछा जा रहा है?
वाह मोदीजी वाह..!
#UPSC
CGSI भर्ती प्रक्रिया में हो रही असामान्य देरी ने हमें गहरे मानसिक तनाव और आर्थिक असुविधा में डाल दिया है। इस प्रक्रिया को प्रारंभ हुए 6 साल व इंटरव्यू को हुए 1 साल बीत चुके हैं, फिर भी परिणाम जारी नहीं हुआ है। हम सरकार व पुलिस प्रशासन से शीघ्र परिणाम जारी करने की अपील करते हैं।
देश की वित्त मंत्री @nsitharaman SC, ST, OBC के बजट को गैर बहुजन अफसरों के साथ मिलकर खा गई।
जब संसद में इस हकमारी पर विपक्ष के नेता @RahulGandhi ने सवाल किया तो शरारतपूर्ण हसी आ रही है।
हे भद्र नारी, तुम देश की 85% आबादी को इतना अनसीरियस कैसे ले सकती है? शर्म, लज्जा नहीं हैं?