@PMOIndia,@ChouhanShivraj,@nstomar म.प्र में अल्पवर्षा की स्थिति में वाटरशेड एक्सपर्ट टीम की भूमिका मनरेगा में बहुत आवश्यक थी परंतु आज 400 वाटरशेड एक्सपर्ट नौकरी की तलाश मे़ हैं और मनरेगा में जलसंरक्षण के नाम विना वैज्ञानिक पद्धति के काम हो रहे हैं इस पर किसी का कोई ध्यान नहीं।
@ChouhanShivraj,@nstomarम.प्र सरकार यदि चाहती है कि प्रदेश में मनरेगा के बजट का लाभ मजदूरों के साथ साथ किसानों को भी मिले तो जलसंरक्षण के कार्यो में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये वाटरशेड एक्सपर्ट टीम की जिला और जनपद पंचायत स्तर पर नियुक्त करना चाहिये इसमें नुकसान नहीं है।
@PMOIndia,@ChouhanShivraj,@nstomar म.प्र में अल्पवर्षा की स्थिति में वाटरशेड एक्सपर्ट टीम की भूमिका मनरेगा में बहुत आवश्यक थी परंतु आज 400 वाटरशेड एक्सपर्ट नौकरी की तलाश मे़ हैं और मनरेगा में जलसंरक्षण के नाम विना वैज्ञानिक पद्धति के काम हो रहे हैं इस पर किसी का कोई ध्यान नहीं।
@PMOIndia.@ChouhanShivraj,@nstomarअल्प वर्षा की स्थिति में जलप्रबंधन और अतिवर्षा की स्थिति में मिट्टी का प्रबंधन बहुत ही आवश्यक होता है यह दोनों वाटरशेड योजनाओं के मुख्य घटक होते हैं ��तः म.प्र में सरकार को वैज्ञानिक पद्धति आधारित वाटरशेड योजनाओं को बंद नहीं करना चाहिये।
@ChouhanShivraj,@nstomarवाटरशेड से निर्मित छोटी छोटी संरचनायें ही आसपास के भूमिगत जलस्रोतों को जिंदा रखने में सहायक होती है इन छोटी छोटी संरचनाओं में न किसी किसान की जमीन का अधिग्रहण किया जाता है न ही ज्यादा लागत होती हैं परंतु उपयोगी जरूर होती है वाटरशेड का महत्व समझना जरूरी है
@chouhanshivraj,@nstomar कृषि हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी हैं और जल के बिना कृषि उत्पादन संभव नहीं है फिर भी वैज्ञानिक पद्धति(रिज टू वैली अवधारणा) आधारित योजनाओं को बंद करके सरकार क्या हासिल करना चाहती है...???
@nstomar,@ChouhanShivrajम.प्र में जिन क्षेत्रों में वाटरशेड परियोजनाओं का क्रियान्वयन हुआ है वहाँ आज अल्पवर्षा की स्थि���ि में भी किसान अपने भूमिगत जलस्रोतों से सिंचाई करके अपनी खरीफ की फसल बचा रहा है फिर भी वाटरशेड जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रदेश में बंद किया जा रहा है।
फुर्सत मिले तो खाव्बो मे आया करो
और अब चुनाव आया है नौकरी दिलाया करो
और जो नौकरी मे है उन्हें बाहर किया करो
अगर तर�� आये तो माननीय PM @narendramodi जी कहना मान कर उच्च शिक्षित 8 से 18 साल अनुभवी वाटरशेड अमले को जल संरक्षण मे नौकरी वापस दिलाओ मान @ChouhanShivraj @JM_Scindia
T-04
संविदाकर्मियों के शोषण का चस्का लगा आपको,
किसी ने टोका तो ठस्का लगा आपको,
तिनके से भी हल्का समझा आपलोगों ने म.प्र. के संविदाकर्मियों को,
शोषण के इस महापाप को शिवराज जी, कमलनाथ जी यह क्या हुआ आपको @OfficeOfKNath@ChouhanShivraj@JM_Scindia@RahulGandhi@narendramodi
��ान @DrMohanBhagwat जी मप्र मे महामारी के समय मे भी 400 वाटरशेड कर्मियो को @ChouhanShivraj सरकार ने बाहर कर दिया कृपया कर हमारी बहाली कराने कि कृपया करें क्योंकि कोई ग्रामीण मंत्री ना होने से हमारी सुनवाई नहीं हो रही है
आप से इस ट्वीट के रिप्लाई कि अपेक्षा है 🙏
@narendramodi
महारा�� संविदा के हक के लिए महल से सड़क पर उतरे और सड़क से राज्यसभा तक पहुँच गये,कुछ समय बाद मंत्री की कुर्सी पर भी बैठ जाएंगे । लेकिन संविदा कल भी सड़क था आज भी सड़क पर है ।
#संविदा_स्वास्थ्य_नियमितीकरण
@JM_Scindia
@ChouhanShivraj माननीय, प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि कोरोना के सँकट काल में किसी की नौकरी नहीं जानी चाहिए । पर हो क्या रहा, आपके प्रदेश में हीवर्षों से सँविदा निय���क्ति पर कार्यरत युवा को, जिन्होने IWMP के तहत जल सँरक्षण एवं संवर्धन का बेहतरीन कार्य किया है, को हटा दिया गया है।
आईडब्लयूएमपी वाटरशेड ने गांवों में पानी रोककर किसानों को आत्मनिर्भर बनाया और सरकार ने दस से पंद्रह साल पुराने वाटरशेड के संविदाकर्मियों की नौकरी छीनकर उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया। @ChouhanShivraj@PMOIndia@narendramodi @Pankajonmission @pravindubey121@ravishndtv @SuhasBhagatBJP
@mpsanvida @ChouhanShivraj गांव मे शौचालय तो बन रहे पर जल नहीं, मकान तो बन रहेहै पर आजीविका का नहीं क्योंकि जल नहीं,
खेत तो है पर सिंचाई के लिये जल नहीं,
���ीवन तो है पर जिंदगी नहीं क्योंकि जल नहीं
"जल है तो जीवन है"
क���पया वाटरशेडकर्मी की बहाली करे
#हमारा_संरक्षण_करो_हमारी_नौकरी_खत्म_मत_करो @ChouhanShivraj
गांव मे शौचाल��� तो बन रहे पर जल नहीं,
मकान तो बन रहे पर आजीविका नहीं क्यों कि जल नहीं,
खेत तो है पर सिंचाई के लिये जल नहीं,
जीवन तो है पर जिंदगी नहीं क्योंकि जल नहीं
"जल है तो जीवन है"
कृपया वाटरशेडकर्मी की बहाली करे
#हमारा_संरक्षण_करो_हमारी_नौकरी_खत्म_मत_करो @ChouhanShivraj