@kaliyug_wale@theaanyapandit@narendramodi@OfficialSMVDSB आज और अभी से..
ऐसे किसी भी देवस्थानम ट्रस्ट जो कि सरकार के नियंत्रण में हैं..
मेरा 1 रुपए भी दान पात्र में नहीं जायेगा..
अब से सिर्फ श्रमदान और पुष्प ही भेंट चढ़ाऊंगा सरकारी कब्जे वाले मंदिर में !!
और मानसिक धन समर्पित कर अपने घर के पास वाले मंदिर में अर्पित कर दिया करूंगा आकर🚩
खैर, एक बात तो इस आंदोलन से तय हो गई कि, भाई, इस सरकार की शब्दशः माँ-बहन करने पर ये लोग कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बिठाकर चाय पिलाते हैं और हाथ मिलाने को वैसे ही आतुर होते हैं, जैसे वैलेंटाइन्स डे पर लंच कर��कर युवती को कमरे पर ले जाने को आतुर युवा!
नड्डा जी तो ऐसे, “एम आई राइट?” कह रहे थे, जैसे बिहार के लड़के के विवाह में होने वाले जीजा से साले साहब दहेज में दिए जाने वाले फ्रिज की लम्बाई और आयतन बताकर ब्रांड कन्फर्म कर रहे हों कि, “जीजू, ये चल जाएगा या दूसरा ले लें?”
उन्होंने एक केंद्रीय मंत्री से मिलने की बात की थी; मोदी जी ने दो भेज दिए, कि ऐसे कैसे! जेन-जी बुला रहा है, तो उसकी बात तो सुननी पड़ेगी। उधर ��िलेनियल बेचारा स्वीमिंग पूल में डूबे कंकाल वाला मीम बन गया, यह कहते-कहते कि, “इसको हटा लो, सरकार। समाज और राष्ट्र के लिए ठीक रहेगा।” पर दीपके को गोदी में लेकर उछालने का जो आनंद है, वह और कहाँ!
पुराने मित्रों ने बताया कि शेर दो कदम पीछे ले रहा है; अब आगे तांडव होगा। मोदी जी ऐसे ही कुछ नहीं करते; सब सोच-समझकर, प्लानिंग के साथ होता है। और अमित शाह जी की टीम तो सब कुछ रिकॉर्ड करती ही है।
शेर बेचारा स्कार की तरह अतीत की गहराइयों में शरमाकर बार-बार दो कदम पीछे ले रहा है, और आप उसे मुफासा बताकर आइमैक्स का टिकट बेचना चाहते हो!
हाजी मोहम्मद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सज़ा।
न्यायालय ने भी माना कि
हाजी मोहम्मद ताहिर हुसैन ने धर्म की वजह से ही
IB ऑफिसर अंकित शर्मा की बेहद क्रूरता से
जानवर की तरह हत्या की गई
@nshuklain
आरक्षण भारत छोड़ो -
आरक्षण नहीं लोगों को फ्री शिक्षा फ्री खाना फ्री सामिग्री दो आरक्षण देकर प्रतिभाओं का अपमान मत करो।
भारत को गड्डे में मत ले जाओ। @narendramodi
जी
राजस्थान का दलित छात्र कह रहा है:
"हमारे साथ जातिगत भेदभाव तो मीणा समाज के लोग करते हैं! मेरे भाई की शादी में उसको घोड़ी नहीं चढ़ने दिया मीणा समाज के लोगों ने! मीणा खुद ST हैं! तो UGC guidelines से हमें क्या फायदा होगा, क्योंकि जो भेदभाव करते हैं उनको आपने खुद विक्टिम बना दिया!"
रुचिका सिंह की मां ने पहली बार मीडिया से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ अनुरोध किए।
उन्होंने कहा कि:
1. 20 वर्ष से कम उम्र के लोगों ��े इंस्टाग्राम इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जाए।
2. नाबालिगों के विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने पर रोक लगाई जाए।
3. उन्होंने अपनी बेटी को माफ किए जाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।
4. उन्होंने प्रधानमंत्री से अपनी बेटी को गोद लेने का अनुरोध किया।
5. उन्होंने अपनी बेटी के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की अपील की।
स्त्रोत: पीटीआई
मैं ख़ुद आदिवासी समाज से हूं
शिक्षा में आरक्षण नहीं होना चाहिए।
इसके बाद मेरे लोग ही मुझे गाली देंगे।
शिक्षा में सबको बराबरी होनी चाहिए।
Video - Prabhat Khabar
रांची: जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का धरना जारी, बिस्कुट और रूखे-सूखे पर गुजारा
भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एक सप्ताह से अधिक समय से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि सीमित संसाधनों के कारण वे बिस्कुट और सादे भोजन के सहारे आंदोलन जारी रखे हुए हैं। इसी बीच JSSC PGT से जुड़ा एक मामला भी चर्चा में है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक महिला अभ्यर्थी को 300 में 299 अंक मिलने के बावजूद चयन नहीं मिला।
सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं, जब दूसरे आंदोलनों में Zomato, Swiggy और Blinkit के जरिए भोजन व सामान भेजा गया, तो झारखंड के आंदोलनकारी छात्रों ��क ऐसी मदद क्यों नहीं पहुंच रही? CJP अब कहाँ है?
मोदी जी आपने कॉकरोचों के गाली और हिंसा को माफ़ कर दिया अब लगे हाथ मज़ाक़ करने वाली और फिर समाज से माफ़ी माँग लेने वाली लॉ प्रथम वर्ष की छात्रा अनामिका उपाध्याय का मुक़दमा भी वापस ले लीजिए वो एक अंतर्राष्ट्रीय ताइकांडो खिलाड़ी है और ग़रीब ब्राह्मण की लड़की है।
@narendramodi
SC/ST वर्ग में भी प्रतिस्पर्धा होती है। जितनी सीटें होती हैं, उनमें प्रवेश उसी को मिल���ा है जिसके अंक अधिक होते हैं। और अधिक अंक किसके आते हैं? अक्सर उसी के, जिसके पास कोचिंग के पैसे हों, अच्छी पढ़ाई की सुविधाएँ हों और बेहतर संसाधन उपलब्ध हों।
गाँव का गरीब SC ST छात्र, जिसके लिए वास्तव में यह आरक्षण बनाया गया था, अक्सर इन सुविधाओं से वंचित रह जाता है। परिणाम यह होता है कि उसे आरक्षण का लाभ ही नहीं मिल पाता, उसकी सीट अमीर खा जाता है..
विडंबना यह है कि फिर उसी गरीब छात्र का उदाहरण देकर आर��्षण की माँग को उचित ठहराया जाता है।
Every policy evolves.
Every policy is questioned.
Every policy is improved.
Reservation should be no different.
If you believe it’s time, join the movement now !
देखो ब्रो, जैसे ‘ब्राह्मणों की कब्र खुदेगी’ पर कोई एक्शन नहीं होता, पर ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ पर सारे भाजपाई नाचने लगते हैं, वैसे ही केवल ‘गारंटी’ का कोई अर्थ नहीं, तुम्हें ‘मोदी की गारंटी’ माँगनी चाहिए थी।
.@RHAreforms को ले कर तीन दिन से मुझे कई कॉल्स आ रहे हैं, की हम इस आर्मी से हैं, हम इनकी टीम से हैं, हम तैयार हैं, आपसे मिल कर प्लान बनाते हैं कि कब सड़कों पर उतरना है।
मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मेरा व्यक्तिगत मत सड़कों पर उतर कर आग लगाने का नहीं है। और आप आग लगाओगे नहीं तो सरकार सुनेगी ही नहीं, यह भी सत्य है। फिर भी, मैं पहले आरक्षण पर चर्चा चाहता हूँ, जो आरम्भ हो चुकी है, उसके बाद हम आगे का रोडमैप एक-दो दिन में बताएँगे।
एक ने फ़ोन करके मुझे उस ��ड़के को आगे करने को कहा जिसने पेज बनाया और जो फ़ोन 'मिलते हैं आपसे भैया' से आरम्भ हुआ, वह अंत में 'जब उसको सड़क पर आना ही नहीं था, तो पेज बनाया क्यों, पेज हमें दे दो, फलाना जी लीड करेंगे क्योंकि उन्होंने ५० इंटरव्यूज़ और पॉडकास्ट्स दे दिए हैं' पर जा कर मेरे काटने पर समाप्त हुआ।
मैं आरक्षण की समीक्षा, इसका समापन, इसके नाम पर हो रही राजनीति के लिए बात करना चाहता हूँ, और लंबे समय से कर रहा हूँ। मैं इस से इसलिए नहीं जुड़ा हूँ कि मुझे इसके नाम पर राजनीति करनी है, टिकट लेना है। मैं इसमें सच में सुधार चाहता हूँ।
जितने लोग जुड़ेंगे, और माँग करेंगे सुधार की संभावना बढ़ेगी, अन्यथा नई पार्टी आएगी, नए लोग आएँगे जो इस पर सकारात्मक भाव रखेंगे। या फिर, जो भी सत्ता में हैं, उनके विरोध में एलपीजी मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यही दो विकल्प हैं।
जो सड़कों पर उतरना चाहते हैं, निःसंदेह उतरें। मैं उन्हें रोक नहीं सकता। परंतु, जो लड़का इस से अलग रहना चाहता है, उसे आप जबरन इसमें घसीट नहीं सकते कि तुमने पेज बनाया अब तुम जंतर मंतर पर भूख हड़ताल करो।
मैं आदर्शवादी बातें नहीं करता क्योंकि समय आदर्श नहीं है। 7 महीने में मैंने देख लिया है कि किस आंदोलन पर सरकार क्या करती है।