बात ₹5 की नहीं थी, बात रवैये और सम्मान की थी!
[12626/केरला एक्सप्रेस] में, मैंने अभी थोड़ी देर पहले प्यास में ₹15 वाली पानी की बोतल ली,
लेकिन वेंडर ने बिना किसी झिझक के ₹20 मांग लिया!
जब मैंने सही दाम पूछा, तो अकड़ दिखाई और जैसे कहना चाहता हो — ले तो ले, ये मेरी मर्जी है!
बोतल तो मैंने झेल ली 20 में, लेकिन बेअदबी और बेज्जती झेलना किसी के बस की बात नहीं है!
पानी बेच रहे हो, पैसे की तंगी समझ आती है, लेकिन रवैये में जहर मिलाना बिल्कुल गलत है!
ये मामला सिर्फ मेरी तकलीफ का नहीं है,
अगली बार कोई और मुसाफिर इससे न जूझे इसलिए ये पोस्ट किया!
रेलवे में सुविधा जरूरी हैं,लेकिन संस्कार और सम्मान उससे भी जरूरी!
@RailMinIndia@IRCTCofficial कृपया ऐसे वेंडरों पर कार्रवाई करें!"
धन्यवाद 🙏 "
ग़रीब की ताक़त है उसका वोट - यही उसका हक़, उसकी आवाज़, उसकी पहचान है।
आज वही ताक़त छीनी जा रही है - SIR के ज़रिए वोट चोरी की साज़िश चल रही है।
हम हर कीमत पर वोट चोरी रोकेंगे!
#VoterAdhikarYatra
सभी साथियों से विनम्र अनुरोध है कि कल दिनांक -18 अगस्त शाम 16:00 से 22:00 बजे तक ट्विटर का महा अभियान की योजना बनाई गई है इस अभियान में #tag पर विशेष ध्यान दें उसमें कोई गलतियां,और बदलाव न करें और आप जिसको भी टैग करना चाहे टाइप कर सकते हैं
चुनाव आयोग का MISLEADING विभाग संडे को नहीं आया था वर्ना मुख्य चुनाव आयुक्त के जवाबों पर ही ठप्पा लगा देता। राष्ट्रीय शर्म के प्रतीक बन चुके मुख्य चुनाव आयुक्त को याद रखना चाहिए कि वे खनन, शिक्षा, कृषि और सहकारिता सचिव नहीं हैं कि रिटायर करने के बाद लोग भूल जाएंगे। चुनाव आयुक्त की करतूत को लंबे समय तक याद रखते हैं। उनके पास अफ़सर होने का विशेषाधिकार भले बचा रह जाए मगर विश्वास ख़त्म हो चुका है।ज्ञानेश कुमार को अरुण गोयल की तरह इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। 800 लोग आयोग में काम करते हैं। उन्हें आज क्या बताएँगे ? यही कि मैंने संडे को आयोग की साख बर्बाद कर दी है। DTC की बसों में मत बताना कि चुनाव आयोग में काम करते हैं वरना लोग पूछने लगेंगे कि बताइये वोट चोरी कैसे करते हैं ।