1. EWS सारलीकरण- 5 साल की आयु और प्रयास में छूट तथा प्रमाणपत्र 3 साल तक मान्य।
2. सिंन्हो आयोग एवं राजस्थान मॉडल के अनुरूप #EWS मानदंडों में सुधार
3.सरकारी योजनाओं में EWS को अन्य आरक्षित वर्गों जैसे सभी लाभ मिलें।
4.UGC काला कानून वापस लिया जाए
5.#EWS को आयु में छूट - भर्ती व प्रवेश प्रक्रियाओं में अन्य वंचित वर्गों के समान अवसर सुनिश्चित करना
6.पंचायत चुनावों में 10% #EWS आरक्षण संविधान के अनुरूप प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन
7.अन्य आयोगों की तर्ज पर राष्ट्रीय आर्थिक पिछड़ा आयोग तथा राज्यों में ऐसे आयोगों का गठन
@RavindraBhati__@weareskpf
#JUSTICE_FOR_EWS
#EWS_AGE_RELAXATION
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
#सरलीकरण
"मैं ब्राह्मण हूँ और जनेऊ की कसम खाकर कहता हूँ अगर आरक्षण UGC और Modi Act को खत्म नहीं किया गया, तो भाजपा का राजनीतिक विनाश कर देंगे!"
-ये कहना है बुजुर्ग का
इनको भी आपिया, कांग्रेसी, सपाई बोल दो!!
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद अब पूरे देश में SC/ST एक्ट के दुरुपयोग की चर्चा…….
इस एक केस ने पूरे गांव से लेकर शहर तक लोगों के मन में डर के साथ आक्रोश पैदा कर दिया है
रावण को लगता है बार-बार ये भीड़ की धमकी दे कर, देश में आग लगा कर ये जाटवों द्वारा अनुपात से अधिक आरक्षण लेने के बाद भी, अपनी राजनीति के लिए ब्लैकमेलिंग करता रहेगा और समाज होता रहेगा।
इस बार यदि हिंसा हुई तो इसकी सांसदी चली जाएगी। पर सरकार को अराजक और दंगाई लोग पसंद है, आयोजकों पर ये सरकार FIR ही नहीं करती। पिछली बार के जातवादी दंगों में 14 लोग मरे थे। उससे पहले इसने एक और जातिगत संघर्ष चालू कराया था, तब इसे जेल में NSA लगा कर रखा गया था।
बाल्मीकी, डोम और खटीक समुदाय में नेता नहीं हैं क्या? उनके अधिकार कब मिलेंगे? या इन जातियों को भी एक दंगाई भीड़ सेना में ही नेतृत्व दिख रहा है? उपवर्गीकरण से ही कम प्रतिनिधित्व वाली जातियों को आरक्षण मिल सकता है।
मायावती के समय से ही जाटवों ने SC आरक्षण का बहुत बड़ा हिस्सा लिया है। अब समय आ गया है कि समीक्षा हो और इन्हें SC के हिस्से से 4-5% ही आरक्षण मिले और बाकी में बाल्मीकि, खटीक, मुसहर, डोम, हेला, कंजर, नट, बहेलिया आदि को आगे किया जाए।
इन जातियों के नेता नहीं हैं तो बाबा साहेब का आशीर्वाद ले कर इनके युवाओं को नेतृत्व हाथ में लेना चाहिए। कोई अनपढ़ नेता आपके अधिकारों का हनन कर रहा है, जागो और छीन लो अपना अधिकार।
कोई माई का लाल आरक्षण नहीं हटा सकता
भाजपा और मोदी के रहते वर्तमान आरक्षण कोई चर्चा नहीं होगी-- गोपालगंज के बैकुंठपूर से विधायक मिथिलेश तिवारी
आपको बता दें बैकुंठपूर में 30% ब्राह्मण और 20% राजपूत वोट है जिसके दम पर ये चुनाव जीते हैं ऐसे सभी चाहे राजपूत हो या ब्राह्मण उनका Boycott करना पड़ेगा भाजपा ऐसे ही toolkit का इस्तेमाल करेगी
इनको इतना फेमस कर दीजिए और इन तक बता दीजिए की अगर आप समाज के साथ नहीं तो समाज भी आपके साथ नहीं अगले चुनाव में जमानत जप्त की तैयारी कीजिए
RHA की अब तक की सबसे बड़ी जीत:
१. आरक्षण पर सोशल मीडिया और मीडिया में लगातार चर्चा
२. आरक्षण पर ‘दलित नेता’ की जगह अमुक जाति बनाम अमुक जाति का वाक्युद्ध
३. आरक्षण पर लोगों के पास आँकड़े, तथ्य और तर्क
४. सरकार द्वारा एकता तोड़ने के प्रयास, जो लोगों को दिख रही है
५. आरक्षण पर उपेक्षित जातियों के कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा खुल कर अपनी बात रखने का आरंभ
आने वाले दिनों में यह और वृहद् और व्यापक होने वाला है। नवंबर की प्रतीक्षा कीजिए।
क्या राहुल गांधी ने किसी SC-ST को गाली दी?
क्या राहुल गांधी ने किसी को कोई जाति सूचक शब्द कहे?
क्या राहुल गांधी ने किसी आजा-जजा वर्ग के व्यक्ति का अपमान किया?
अगर आपका जवाब नहीं, नहीं, नहीं है तो फिर उनके खिलाफ SC-ST एक्ट में केस कैसे दर्ज हो गया?
क्या यह SC-ST एक्ट का दुरुपयोग नहीं है?
और सवाल यह है कि जब एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग राहुल गांधी जैसे बड़े नेता के खिलाफ हो सकता है तो फिर बेचारे आम आदमी की औकात क्या है इस देश में?
क्या कांग्रेस पार्टी एससी एसटी एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ कोई आंदोलन करेगी? क्या कांग्रेस संसद में इस एक्ट के सुधार के लिए बात रखेगी?
एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग इफरात में होता है और यह जगजाहिर है। राहुल गांधी बहुत बड़े नेता हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। गांधी परिवार के उत्तराधिकारी हैं। वो किसी भी तरह इस केस से बच ही निकलेंगे। यह उनको भी पता है, आपको भी पता है और हमें भी पता है। लेकिन उस आम आदमी का क्या, जिसके खिलाफ दुर्भावना से एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है और वह वर्षों तक भुगतता रहता है?
जवाब चाहिए। कौन देगा?
@RahulGandhi@INCIndia
अनुसूचित जाति के विकास और कल्याण के लिए इस साल का बजट है…
1 लाख 70 हज़ार करोड़…
अनुसूचित जनजाति के विकास और कल्याण के लिए इस साल का बजट है…
1 लाख 60 हज़ार करोड़…
और इसरो का इस साल का बजट है… मात्र 12 हज़ार करोड़…
नए भारत में आपका स्वागत है…
Cast appeasement वाले भारत में आपका स्वागत है…!!!
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
आरक्षण भीख ही है:
१. मेरिट पर सीट ले नहीं पाते, कोई छोड़ता है तब मिलता है
२. फॉर्म का दाम कम, हॉस्टल-कोर्स फी फ्री, सवर्णों के टैक्स के पैसे से सब्सिडाइज होता है
३. फ्री कोचिंग भी भीख ही है क्योंकि टैक्स का पैसा जाता है
४. हर स्तर पर जितनी भी आर्थिक छूट है, वह भीख ही है जो मेरे जैसे टैक्सदाताओं के पैसे से दी जाती है।
पहले लोग कहते थे कि आरक्षण पर बात मत करो, फलां जाति नाराज़ हो जाएगी।
अब मेनस्ट्रीम मीडिया पर आरक्षण पर चर्चा हो रही है और हमारे लोग भी इन डिबेट्स में हिस्सा ले रहे है
हम सभी को मिलकर इसी तरह प्रयास करते रहना है। आगे और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि SC/ST कोटा में ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा नहीं लागू होगी क्योंकि वह केवल OBC के लिए थी। तो मोदी जी, OBC रिजर्वेशन तो पहले था ही नहीं, फिर वो क्यों आया और आपकी पार्टी ने उसका समर्थन क्यों किया था?
दूसरी बात, आपके वकील ने कहा कि ‘आय के आधार पर’ SC/ST आरक्षण बिलकुल नहीं होगा क्योंकि उसका आधार केवल ‘आर्थिक पिछड़ापन’ ही नहीं, ‘ऐतिहासिक उत्पीड़न और अन्याय’ है। ‘केवल’ आर्थिक पिछड़ापन कहाँ, आप तो इनकम को कहीं भी आधार नहीं मानते!
जिस EWS का आप ढोल पीटते हैं, उसमें न तो फॉर्म के दाम कम हैं, न हॉस्टल की फीस, न कोर्स फीस… तो ये दो कौड़ी का राजनैतिक झुनझुने का सामान्य वर्ग करे क्या? @narendramodi यह बताएँ कि सामान्य वर्ग के टैक्स के पैसों से फंड हो रही SC/ST आरक्षण सब्सिडी का लाभ, सामान्य वर्ग के EWS को ही क्यों नहीं मिलता?
कोई तर्क है इसका कि आप जिसे सर्टिफाइड गरीब मानते हैं, वो प्रमाण पत्र उससे माँगते हैं, उसे सत्यापित करते हैं और उसे नौ लाख से सोलह लाख तक का लोन ले कर पढ़ाई करनी पड़ती है। फिर आप 1000 SC और 1000 OBC जातियों के शून्य प्रतिनिधित्व पर मौन हो जाते हैं कि इन जातियों का आरक्षण कहाँ है?
सत्य यह है कि आपका ‘विकसित भारत’ टूटते हायवे और निम्न गुणवत्ता के 50% लोगों से भरे कॉलेजों और विद्यालयों से कभी पूरा नहीं हो सकता। आरक्षण की समीक्षा करनी ही होगी, उसे तार्किक रूप से लाना ही होगा।
१. शून्य प्रतिनिधित्व वाली जातियों की पहचान
२. EWS की SC के स्तर की आर्थिक छूट
३. न्यूनतम अंक का विधान, GC से 10% से अधिक का कटऑफ में अंतर न हो SC/ST में
४. सक्षम लोगों को फर्जी तर्क के कारण आरक्षण न दिया जाए
५. हर श्रेणी में सबसे गरीब, पिछड़े को ही आरक्षण मिले
६. हर दस वर्ष में जातियों की समीक्षा और निष्कासन, नई जातियों को लिस्ट में जोड़ना बंद करें
500 में से 11 अंक वाला शिक्षक, आपके बच्चों को पढ़ा रहा है;
800 में से 1 अंक लाने वाला डॉक्टर, अपनी प्रैक्टिस शुरू कर चुका है;
लेकिन आरक्षण पर बात नहीं होनी चाहिए!
टैक्स कौन सा वर्ग सबसे अधिक दे रहा है? देखें इस वीडियो में...