उत्तर प्रदेश की मथुरा पुलिस,
एक वाहन पर सवार 2 से अधिक व्यक्ति पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 194C के तहत नुकीले सूजे से टायर पंक्चर करती हुई पाई गई।
थैंक्यू मथुरा पुलिस।
What a F*CKED UP society we Indians have created for ourselves.
Two men got into an accident when a policeman suddenly opened his car's door without looking at the traffic.
Instead of helping and asking if they were injured, the policeman started beating them up. 😡
लिफ्ट में एक कुत्ता प्रेमी महिला अपने झबरा कुत्ते को लेकर जा रही थी।
उसने छोटे बच्चे को काट लिया लेकिन नीच महिला अपने प्यारे कुत्ते को लेकर निकल गई बच्चा तड़पता रहा।😎
CBSE’s May 2025 tender required answer sheets to be scanned with automatic robotic scanners, spines preserved, at a minimum of 300 DPI.
The tender re-issued in August quietly removed all of it. “Scanners” became generic. Resolution dropped to 200 DPI.
Now we know what that meant in practice. It has been exposed that COEMPT scanned the answer sheets using mobile phones.
The blurred copies, the missing pages, the unscanned books - they are not “errors.” They are the predictable outcome of a contract written to fit a vendor.
This is fraud. And every child whose marks were wrongly evaluated is a victim of it.
This morning, the Prime Minister had time to speak about mangoes. He has not had time to speak about 18.5 lakh children whose answer sheets were scanned with phones.
Dharmendra Pradhan ji still sits in office.
Modi ji’s silence is no longer indifference. It is complicity.
कोयम्बटूर में बच्चे के मर्डर केस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुस्कुराते हुए अपने नाखूनों को रगड़तीं IG रम्या भारती जी,
पुराने लोग कहते थे नाखूनों को रगड़ने से बाल अच्छे होते हैं।
Brutal attack and violence against innocent student in Sidhartha Engineering College Puthur of Tirupati district the reports say . The culprits shall be arrested and barred from the college
#dgpapofficial
इनसे मिलिए- ये हैं IAS सुबोध कुमार सिंह।
जब 2024 में NEET का पेपर लीक हुआ था, लाखों बच्चों की मेहनत बर्बाद हुई थी, तब सुबोध कुमार सिंह NTA के DG थे।
लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए मोदी सरकार ने चाल चली और इन्हें पद से हटा दिया।
लेकिन जैसे ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ, इन्हें स्टील मिनिस्ट्री में पोस्टिंग दे दी और अब ये छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के Principal Secretary हैं।
BJP सरकार में इसी तरह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम दिया जाता है, उन्हें बड़े-बड़े पदों पर बैठाया जाता है।
कारण साफ है- पेपर लीक के इस गोरखधंधे में BJP सरकार खुद ही साझेदार है, जिसका खामियाजा देश के मेहनती छात्रों को चुकाना पड़ रहा है।
BJP का फंडा साफ है- जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम
NEET 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी।
परीक्षा नहीं - NEET अब नीलामी है।
कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले WhatsApp पर बिक रहे थे।
22 लाख से ज़्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आँखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाज़ार में सरेआम नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक - 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे, और फिर वही ख़ामोशी।
मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो ग़रीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है।
22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। और मोदी सरकार से बड़ा ख़तरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं।
मैं भारत के युवा के साथ हूँ। यह वक़्त बेहद मुश्किल है - मैं जानता हूँ। लेकिन यह व्यवस्था ऐसे नहीं रहेगी। हम मिलकर इसे बदलेंगे।
मथुरा में गोवर्धन चौराहे के पास खुले नाले में माँ और बेटी गिर गए हालांकि उनको उनको सकुशल निकाल लिया गया।
अभी अगर ये नगर आयुक्त की बिटिया होती तो पूरे मंडल के नाले को कवर करने का रातों रात टेंडर निकाल दिया गया होता।
आप अगर साधारण इंसान हैं तो एयरपोर्ट चेकिंग में आपकी चड्ढी की इलास्टिक में भी कुछ कोई नशे की वस्तु है तो पकड़ ली जाएगी,
लेकिन अगर आपका नाम यजुवेंद्र चहल है तो आप फ्लाइट में लहराते हुए वेप पी सकते हैं।
है किसी की औक़ात तो रोक ले!!
सड़क हादसे में लहूलुहान पति… और अस्पताल पहुंचते ही पत्नी से 108 एंबुलेंस धुलवाई जाती है। दर्द, अपमान और लाचारी ...सब कैमरे में कैद। वीडियो वायरल हुआ तो प्रशासन जागा, पायलट और EMT बर्खास्त... तस्वीर कटनी की है
ये सरासर अपराध है...
बिहार के छपरा जिला में सारण SDM का जो वीडियो आज फिर से वायरल हो रहा है, बताया जा रहा है कि वह करीब चार साल पुराना है। लेकिन सवाल ये है कि क्या अपराध पुराना हो जाने से उसका अपराध खत्म हो जाता है?
श्रीमान @India_NHRC जी,
उपरोक्त प्रकरण घोर मानवाधिकार उत्पीड़न के अंतर्गत आता है। आपसे निवेदन है कि यह स्पष्ट किया जाए कि उस समय इस मामले में क्या कार्यवाही हुई थी? क्या प्राथमिकी दर्ज हुई? क्या कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई?
और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि,
क्या उस कार्रवाई से संबंधित SDM साहब को कोई सबक मिला, या आज भी उनका डंडा किसी गरीब और बेबस पर वैसे ही बरसने के लिए बेकरार रहता है?
एक SDM स्तर के अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह कानून हाथ में लेकर नागरिकों के साथ मारपीट करे। अगर चार साल पहले ऐसा हुआ था और उस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता है।
ध्यान रहे कि,
न्याय केवल समय पर ही नहीं, बल्कि देर से भी होना चाहिए ताकि ऐसे अपराधिक प्रवृति वालों का दंड मिल सके।
लगता है इस SDM का मानसिक संतुलन खराब, आए दिन चेकिंग के नाम पर राहगीरों को पीटता है। पता नहीं कौन सा संविधान पढ़कर SDM बना है। यह वीडियो कुछ दिन पुराना है।
Additional CEO of Shri Mata Vaishno Devi Shrine allegedly resisted removing shoes for a puja during a souvenir shop inauguration.
When prompted by the priest, he reportedly said, “That’s why I don’t come for performing rituals.”