चढ़ावा चोरी मामले में मोदी ने रात 2 बजे विनय कटियार से कहा- "अरे भाई, क्या-क्या होगा अब?"
मैंने कहा- "कुछ नहीं... सब ठीक हो जाएगा."
लेकिन जब मैं आयोध्या आया तो देखा- इसमें सब शामिल हैं, चंपत राय, गोपाल राव, अनिल मिश्रा.
'किसी कारण' से ये लोग बच गए, जेल नहीं गए. हो सकता है आगे जेल जाएं.
इथेनॉल के लाभ गिनाते RW मित्रों के पोस्ट/वीडियो देख कर हँसी आती है। भाई, किसी ने इथेनॉल को बुरा नहीं कहा कि यह ईंधन ख़राब है, जो तुम लोग प्रपंच गडकरी के कहने पर चला रहे हो।
हमारा सीधा प्रश्न यह है कि
१. इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल उस गाड़ी में डालोगे जो उसी के लिए बना है, या किसी में भी डाल लोगे?
२. सरकार ने किसी उपभोक्ता को कहीं बताया कि ये E10-20 है, और जाँच लो कि तुम्हारी गाड़ी उस योग्य बनी है कि नहीं?
३. शोध के आँकड़े सार्वजनिक क्यों नहीं हैं कि किस-किस कंपनी की कौन-कौन सी गाड़ियों पर, इथेनॉल के साथ या प्योर पेट्रोल पर दीर्घकालिक स्टडी की गई?
अधिक नहीं पूछूँगा क्योंकि गडकरी और पुरी, दोनों हग दे रहे हैं इन प्रश्नों पर। उनका बचाव यह है कि ये तो F1 कार और फाइटर जेट में डलता है। ये लोग इस बात को ऐसे बेच रहे हैं कि भारत के नागरिकों को अब पानी छोड़ कर E20 पीना चाहिए।
कंटेंट बनाओ बे, आत्मा मत बेचो। तुमसे अधिक जानते हैं इसके लाभ और एनर्जी डाइवर्सिफिकेशन को।
एथेनॉल वाले मामले पर मैं मोदी सरकार के साथ हूं.
मोदी जी पेट्रोल में एथेनॉल मिलवा रहे हैं, तो कुछ सोचकर ही मिलवा रहे होंगे.
और क्या आप देश के लिए अपनी गाड़ी कुर्बान नहीं कर सकते?
सब मोदी जी ही करेंगे और आप देशद्रोही की तरह बस मलाई खाएंगे. शर्म नहीं आती.
कुर्बानी देनी होगी.
युद्ध रुकने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत क्यों नहीं मिल रही है? तेल के दाम क्यों नहीं घटाए जा रहे?
इस पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि भारत जिस कच्चे तेल का इस्तेमाल कर रहा है, वह लगभग दो महीने पहले खरीदा गया था।
अगर कच्चे तेल की कीमतें अगले 2–3 महीने तक इसी तरह कम बनी रहती हैं, तभी कीमतों में कमी पर विचार किया जा सकता है। अभी इस पर कुछ कहना काल्पनिक होगा।
मतलब, 2–3 महीने पहले जो कच्चा तेल खरीदा गया था, वह महंगा था, इसलिए अभी सस्ते तेल का फायदा ग्राहकों को नहीं दिया जा सकता।
बस मंत्री जी से लगे हाथों यह भी पूछना था कि यह पूरी स्कीम पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही कैसे लागू हो गई और लगभग उत्तर प्रदेश चुनाव तक कैसे चलने वाली है?
मोदी सरकार के लिए पूरा देश एक experiment lab है। लोगों पर जबरदस्ती E20 पेट्रोल थोपा जा रहा है। Ethanol से लोगों की गाड़ियां बंद पड़ रही हैं, parts खराब हो रहे हैं और mileage गिर रहा है। लोगों में बहुत ज़्यादा गुस्सा है।
मैं प्रधानमंत्री जी को इस विषय पर चिट्ठी लिखने जा रहा हूँ। आप सभी लोग मुझे DM और कमेंट करके बताइए कि मुझे चिट्ठी में क्या लिखना चाहिए..
इथेनॉल बहस में कार कंपनियों की कोई आवाज़ नहीं है। उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उनके सर्विस स्टेशन में कारें आती होंगी। बाइक आती होगी। कुछ तो फीडबैक होगा। उन्हें पता होगा कि मंत्री सही बोल रहे हैं या नहीं। क्या उन्हें भी डर लग रहा है? इतनी बड़ी बड़ी कार कंपनियाँ हैं और चूँ तक नहीं ? डर इस देश का बुनियादी चरित्र हो गया है।
चढ़ावा चोरों को कतई उम्मीद नहीं थी कि,
जिस तरह से लोगो ने राम मंदिर के लिए चंदा देने की मुहिम चलाई थी,
ठीक उसी प्रकार से चोरों को जेल में पहुंचाने के लिए सड़को पर उतर जाएगी।
थैंक यू वकीलों।
चोरों को गद्दारों को,
गोली मारों सालों को
बिहार के मनीष कश्यप के साथ एथेनॉल वाला खेला हो गया।
दरअसल मनीष कश्यप की नई Toyota Innova HyCross (E20 Compatible) महज़ 12,000 किमी चलने के बाद खराब हो गई।
Toyota ने वारंटी देने से इनकार कर दिया।
इस विडियो में तो AG साफ़ कह रहे हैं कि एथनॉल ब्लेंडिंग एक एक्सपेरिमेंट है और इसका रिजल्ट एक साल में पता चलेगा।
फिर कल इसी रिपोर्ट पर इतना शोर क्यों मचाया गया? इसे ग़लत क्यों कहा गया?
सोचो जिस फ्यूल का माइलेज 30 फीसदी तक कम होता है,
वो फ्यूल 110 रुपए लीटर मिल रहा है।
अगर ओरिजिनल खरीदेंगे तो लगभग 160 रुपए लीटर मिलेगा।
आ गए अच्छे दिन.........
https://t.co/nLVVgiOfAE
जितने वीडियो देख रहा हूँ लोगों के, जो पेट्रोल पम्प से सीधे बोतलों में पेट्रोल भरवा रहे हैं, उनमें से अधिकांश तो ऐसा दिखता है कि सरकार ने संभवतः E85 को E20 के नाम पर डालना आरम्भ कर दिया है।
फ्यूल और एथनॉल का सेपरेशन दिख रहा है। एक जगह देखा उसका रंग गुलाबी है ना कि डार्क ऑरेंज। कहीं तो लीची के जूस जैसा रंग भी दिखा।
यह अविश्वास इसलिए भी है क्योंकि @nitin_gadkari, @HardeepSPuri और @PMOIndia ने बिना किसी जागरूकता अभियान के, या उपभोक्ता सहमति के, पेट्रोल कह कर E20 हमारी टंकियों में डलवाना चालू कर दिया था, दो साल बाद पता चला कि ये तो पेट्रोल है नहीं और हमारी गाड़ी भी उसके लिए उचित रूप से तैयार नहीं है।
अब @narendramodi बताएँ कि ये क्या बिक रहा है पम्प पर? क्या पेट्रोल पम्प वाले अपनी तरफ़ से भी कुछ घपला कर रहे हैं? स्थानीय पुलिस फिर क्या कर रही है? आप हर बात को चुप्पी या फिर सोरोस का एजेंट कह कर टाल नहीं सकते।
सोचिये अगर राम मंदिर चोरी कांग्रेस RULED स्टेट में हुईं होती तो मीडिया क्या बोलती??
चित्रा - सनातन पर प्रहार, चोर है कांग्रेस सरकार
अंजना - पाकिस्तान कनेक्शन ढूंढ कर लाएंगे, राम का सम्मान बचाएंगे
रुबिका - पहले महमूद गजनवी ने लूटा, अब कांग्रेस लुट रही है मंदिर को
श्वेता - सोने में अगर चिप लगाई होती, तो ये जग हंसाई ना होती
रोमाना - 70 साल से जिनके पेट देश लूट कर नहीं भरा, अब मंदिर लूट कर क्या भरेगा
तिहाड़ी - आज हम आपको बताएंगे कि कैसे देश के मंदिर का पैसा लूटकर पाकिस्तान को अमीर बनाया जा रहा
अर्णव -Nation Wants to know, आखिर मंदिर का पैसा राहुल गाँधी ने क्यों चुराया
गुल्लु - चोरो के घरों पर बुलडोजर कब चलेगा?
हिन्दूवादी संगठन - राहुल गाँधी इस्तीफा दो..
ये हैडलाइन होती अगर बीजेपी की जगह कांग्रेस होती,
तब चम्पत राय चँगेज खान बन जाता.
टीनू यादव अखिलेश यादव का रिश्तेदार निकलता
और कुछ दिमाग में आ रहा है मीडिया क्या बोलता?