#हरि_आये_हरियाणे_नू
अमेरिकी भविष्यवक्ता श्री एंडरसन ने भविष्यवाणी की थी कि भारत में जन्मा एक संत संसार को सच्चा संविधान देकर सदाचार, दया, सेवा और प्रेम का संदेश देगा तथा धर्म में शांति स्थापित करेगा। यह भविष्यवाणी परम संत रामपाल जी महाराज पर पूर्ण होती है।
#हरि_आये_हरियाणे_नू
संत रामदेव पीर ने 500 वर्ष पूर्व अपनी पुस्तक चौबीस प्रमाण में भविष्यवाणी की थी कि कलियुग के चौथे युग में परमात्मा हरियाणा में प्रकट होंगे। वही परमात्मा आज संत रामपाल जी महाराज के रूप में अवतरित हुए हैं।
2Days Left Avataran Diwas
#हरि_आये_हरियाणे_नू
तीन दिवसीय अखंड पाठ, विशाल महाभंडारा, निःशुल्क नामदीक्षा, दहेज मुक्त, विवाह, रक्तदान शिविर, आध्यात्मिक प्रदर्शनी
जैसे कई भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
2Days Left Avataran Diwas
#हरि_आये_हरियाणे_नू
महान महिला भविष्यवक्ता फ्लोरेंस ने जगत के उद्धारक संत के बारे में लिखा है कि
वह संत गौर वर्ण का है तथा बिना डाढ़ी, मूँछ के है। वह उत्तरी भारत के किसी पवित्र स्थान पर मौजूद है।
2Days Left Avataran Diwas
रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान, Part 1 || कलयुग में सतयुग की शुरुआत || Annapurna Muhim || Factful Debates || Sant Rampal Ji Maharaj || Kabir Saheb || Satlok Ashram || Kalyug Mein Satyug ki Shurwat
#हरि_आये_हरियाणे_नू
हरियाणा की धरती पर अवतार
भारतवर्ष का वह छोटा सा गांव धनाना जहां पर पूर्ण ब्रह्म कबीर जी के अवतार संत रामपाल जी महाराज का अवतरण 8 सितंबर 1951 को हुआ। इसी अवसर पर 6-8 सितंबर को संत रामपाल जी महाराज का 75 वां अवतरण दिवस मनाया जा रहा है।
2Days Left Avataran Diwas
#हरि_आये_हरियाणे_नू
2Days Left Avataran Diwasसंत रामपाल जी महाराज जी ही वह अवतार हैं जिनके बारे में भाई बाले वाली जन्म साखी के पेज 306-307 में लिखा है कि उस महान संत का जन्म जाट जाती में होगा और उसका प्रचार क्षेत्र बरवाला होगा।
#GodKabir_In_Treta_DwaparYug
कबीर साहेब जी ही त्रेतायुग में लंका के राजा रावण के छोटे भाई विभीषण जी को मुनीन्द्र रुप में मिले थे। विभीषण जी ने उनसे तत्वज्ञान ग्रहण कर उपदेश प्राप्त किया और मुक्ति के अधिकारी हुए। 🌱
True Knowledge By Sant Rampal Ji
#GodKabir_In_Treta_DwaparYug
🪴🪴
द्वापर में रानी इन्द्रमति की जान बचाकर, उसको शरण में लेना!
द्वापरयुग में एक राजा चन्द्रविजय था। उसकी पत्नी इन्द्रमति धार्मिक प्रवृति की थी। द्वापर युग में परमेश्वर कबीर करूणामय नाम से आये थे।
True Knowledge By Sant Rampal Ji
#GodKabir_In_Treta_DwaparYug
🌿🌺🌿🌸🌿🌸🌿🌸🌿
True Knowledge By Sant Rampal Ji
लंका फतह करने में बाधा बन रहे समुद्र के आगे असहाय हुए दशरथ पुत्र राम से भिन्न वह आदिराम/आदिपुरुष परमात्मा कौन है, जो त्रेतायुग में मुनींद्र ऋषि के रूप में उपस्थित थे
#GodKabir_In_Treta_DwaparYug
त्रेतायुग में कबीर साहेब ने मुनींद्र ऋषि रूप में एक पहाड़ी के आस-पास रेखा खींचकर सभी पत्थर हल्के कर दिये थे। फिर बाद में उन पत्थरों को तराशकर समुद्र पर रामसेतु पुल का निर्माण किया गया था।
True Knowledge By Sant Rampal Ji
#GodKabir_In_Treta_DwaparYug
कबीर साहेब जी ही त्रेतायुग में मुनींद्र ऋषि नाम से आये। तब रावण की पत्नी को मंदोदरी, विभीषण, हनुमानजी, नल-नील, चन्द्रविजय और उसके पुरे परिवार को शरण में लिया जिससे उन पुण्यात्माओं का कल्याण हुआ।
-True Knowledge By Sant Rampal Ji