Storms are inevitable, however progress doesn’t pause. Use every moment wisely; repair, prepare, and stay ready for what’s next.
Resilience lies in action, not waiting.
#MondayMotivation
पाकिस्तान का मशहूर ड्रामा “परीज़ाद” का एक डायलॉग बहुत ज़्यादा वायरल हुआ था और वो डायलॉग आज की दुनिया के हिसाब से तक़रीबन ठीक और सच्चाई के क़रीब था।
परीज़ाद ड्रामा के हीरो पारिज़ाद से एक अमीर औरत कहती है।
"सुनो लड़के यह चेहरा ये सूरत और शख्सियत यह सब लोअर मिडल क्लास के मसायल होते हैं। मर्द की सूरत शख्सियत और वक़ार सब उसके पैसे से होता है।
जाओ इस बेरहम दुनिया में जाओ और अपने हिस्से की दौलत समेट लो ख़ुद को इतना अमीर करो कि यह जो तुम्हारी शख्सियत के ऐब हैं दुनिया को स्टाइल लगने लगे और
हां छोड़ो ये शायरी, वायरी यह सब भरे हुए पेट के चोचले हैं ग़रीब की शायरी दुनिया को फालतू लगती है और मर्द अगर अमीर हो तो दुनिया को उसकी गाली भी शायरी लगने लगती है।