@priyanshu__63 ये मुखपुत्र आरक्षण के खिलाफ आंदोलन करते करते चंद्रशेखर भाई के खिलाफ आंदोलन करने लगे🤣 सही मे टोपा है ये लोग और कुछ नहीं -खाने को चना नहीं पिछवाड़ा मांगे जाइफल तनख्वाह 550 कंधे पर टांगे राइफल.🤡
A High Court judge's residence yields crores in burnt cash. Three separate attempts to challenge the accountability process, three dismissals by the Supreme Court. He resigns before removal, and an inquiry committee of 55 witnesses finds all charges proved, even after he walks away. No FIR. No trial. No punishment. This is what judicial accountability looks like in India, and why Section 2(c)(iv) of the Prevention of Corruption Act still hasn't been used. #JusticeVarma #JudicialAccountability #SupremeCourt #CashScandal #Ambedkarite
ब्राह्मणों की नाजायज़ संतानें अब एक नाबालिग बौद्ध लड़की को सेक्स वर्कर कह रही हैं? तुम्हें अपना इतिहास ठीक से पढ़ना चाहिए।
महाभारत (संभव पर्व, अध्याय 64, श्लोक 4) में कहा गया है कि ब्राह्मण परशुराम ने इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रियों से मुक्त किया; इसके बाद, उसी अध्याय के श्लोक 7 में बताया गया है कि जो क्षत्रिय स्त्रियाँ विधवा हो गई थीं, उन्हें ब्राह्मणों ने गर्भवती किया। इसका मतलब है कि महाभारत के अनुसार, क्षत्रिय ब्राह्मणों की नाजायज़ संतान हैं।
श्रीमद्भागवत पुराण के स्कंध 1, अध्याय 3 के श्लोक 20 में कहा गया है कि जब राजा ब्राह्मणों के विरोधी हो गए, तो क्रोधित परशुराम ने इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रियों से मुक्त किया; उसी पुराण के स्कंध 2, अध्याय 7 के श्लोक 22 में बताया गया है कि शक्तिशाली परशुराम के रूप में अवतार लेकर उन्होंने अपनी तेज़ कुल्हाड़ी से इक्कीस बार उनका विनाश किया। इसके अलावा।
वाल्मीकि रामायण जो लगभग हर क्षत्रिय के घर में पाई जाने वाली पुस्तक है के बाल कांड के सर्ग 75 में परशुराम स्वयं कहते हैं कि उन्होंने क्षत्रियों को "बार-बार, उनके पैदा होते ही" नष्ट कर दिया।
इसलिए, मैं उन लोगों से अपील करता हूँ जो खुद को क्षत्रिय मानते हैं: अंबेडकरवादियों, दलितों और बौद्धों को गालियाँ देना बंद करें और इसके बजाय दलितों, अंबेडकरवादियों और बौद्धों के साथ मिलकर उस ब्राह्मणवाद के ख़िलाफ़ लड़ें जिसने आपको अवैध करार दिया है।
इंस्टाग्राम आईडी “Thakur Hemant Parihar” से मेरी नाबालिग बेटी को लेकर लगातार 2-3 आपत्तिजनक वीडियो बनाए और पोस्ट किए जा रहे हैं। इनमें मेरी बेटी के लिए बेहद अश्लील एवं अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है और मुझे भी आपत्तिजनक तरीके से संबोधित किया गया है।
क्या मैं दलित समाज से संबंध रखता हूँ, इसलिए क्या मेरे और मेरे परिवार का इस तरह सोशल मीडिया पर अपमान किया जाएगा? किसी भी व्यक्ति को मेरी सामाजिक पहचान या परिवार को निशाना बनाकर अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है।
यह एक नाबालिग बच्ची की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। संबंधित वीडियो/स्क्रीनशॉट के डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हैं।
संबंधित पुलिस एवं साइबर क्राइम प्राधिकरण से निवेदन है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आरोपी की पहचान कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया पर मेरी नाबालिग बेटी एवं परिवार को निशाना बनाने पर रोक लगाई जाए।
@SambhalPolice@Uppolice@DelhiPolice@Cyberdost@NCWIndia@BhimArmyChief
आरक्षण विरोधियों द्वारा लंबे समय से संविधान प्रदत्त आरक्षण के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। अब इसी मुहिम को “आरक्षण में सुधार” जैसे शब्दों की आड़ में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
पूना पैक्ट दिवस, जिसे मान्यवर कांशीराम साहब ने “धिक्कार दिवस” कहा था, इसी अवसर पर सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन ।
📅 दिनांक: 24 सितंबर 2026
⏰ समय: सुबह 10:00 बजे
📍 स्थान: जंतर मंतर, नई दिल्ली
आप सभी अधिक से अधिक संख्या में पहुँचें और आंदोलन को मजबूती दें।
निवेदक: भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
#24_सितंबर_चलो_जंतर_मंतर
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#ASP_K_Support_UGC_Act
#ASP_K_Support_UGC_Act
SC, ST and OBC communities should not expect justice from the collegium system when the institution itself lacks meaningful social diversity and representation.
Collegium proposes elevation of 8 judicial officers as Delhi High Court Judges.
Kunal Kamra is absolutely right when he says " The Indian Supreme Court is a Brahmin Baniya Arbitration Center" 🔥🔥
@DeshFirst247@SINHA_ANKIT@raviparmarIN ये दोनों लंड है जो सुबह शाम हगते है वही खा लेते है 🤣 टट्टी गोबर से ऊपर जिंदगी है ही नहीं इन माफ़ीवीरों की औलादो की. जाओ मुन्ना कही और मुँह मारो जाकर यहां अब खाने को बिस्कुट नहीं मिलेगा. Open compition का चोद वो बातयेंगे जो खुद हराम का खाकर खुद जिंदगी काट रहे है😂
@DeshFirst247@SINHA_ANKIT@raviparmarIN मुग़लो के दरबार मे अपनी बहन बेटियों को नाचवाने वाले और तलवे चाटने वाले यहां open compition और झाड़ू पोछा का ज्ञान पेल रहा है, वही जाओ गांडू झाड़ू पोछा लगवाओ जाके 🤣 और हमें लग रहा तू टट्टी ही साफ कर रहा होगा जगह जगह जाकर🤣
@SINHA_ANKIT@DeshFirst247@raviparmarIN हम तो एक ही बाप के है,तुम मुग़लो की औलादो के होते होंगे 4-5 बाप🤣.3,000 साल से हराम का खाकर अब टैलेंट का रंडी रोना बता रहा. EWS की भीख में 10% आरक्षण लेकर बैठा है और ज्ञान यहां पेल रहा है.जिनके बाप दादा खुद हम लोगो के घर आटा चावल मांगते हो वो इधर कुत्तो की तरह मुँह ना मारे🤣
@DeshFirst247@SINHA_ANKIT@raviparmarIN लौडू ललित सुनो-private sec तुहार अब्बा को दहेज़ मे मिला था का?Priv sec को खड़ा करने मे सिर्फ 15% का नहीं 85% का रोल होता है और उनकी हिस्सेदारी 0.चूति*ये एक बारी IIDS Princeton report पढ़ लेना wtsp uni छोड़ कर,तब कहो तुझे कुछ समझ मे आये वरना तेरे लिए नास्ता भिजवाया है खाले🤣
@SINHA_ANKIT@raviparmarIN 2.
Interview calls मिले है.प्राइवेट कंपनियाँ बहुजनों के टैक्स,ज़मीन व लोन पर खड़ी हैं। जब PSU बेचकर आरक्षण ख़त्म कर रहे,तो प्राइवेट में प्रतिनिधित्व हमारा हक है मुन्ना!अमेरिका में भी Affirmative Action लागू है। संसाधन हमारे, तो राज तुम्हारा कैसे चलेगा?🤦🏼♂️
@SINHA_ANKIT@raviparmarIN 1.
क्योंकि मुन्ना देश के जल, जंगल, जमीन और टैक्स का पैसा सबका है, सिर्फ 15% वालों का नहीं.टैलेंट का झूठा ढोंग बंद करो मुन्ना.IIDS और प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी की रिसर्च ने तुम so called merit वालो की पोल खोली है.बराबर डिग्री और मार्क्स होने पर भी सिर्फ सरनेम देखकर बहुजनों को 67% कम
सुप्रीम कोर्ट ने निशु आज़ाद और उनके परिवार को अविलंब सुरक्षा देने को कहा, और जिन्होंने रैकी करी, पत्थरबाज़ी करी, थ्रेट दी, उन सभी लोगों पर कार्यवाही होगी, 🔥🔥
निशु माइनर है और उसके खिलाफ़ किया गया कृत्य जघन्य क्राइम की श्रेणी में रखा है,
स्वतंत्र भारद्वाज तो लंबा गया, साथ ही वह लोग भी धरे जाएंगे जिन्होंने फोन करके या मेसेज करके धमकी दी या गाली दी, उसको डराने की कोशिश की,
@Nishuazad11 डरना नहीं है, इन जातंकियों को सबक सिखाना है, पुलिस इंक्वायरी करे तो सारे सबूत पेश करें, आपके केस को गम्भीरता से लिया जा रहा है ।
मेरे और मेरे पूरे परिवार के मोबाइल नंबरों पर लगातार अश्लील गालियाँ, अभद्र भाषा और धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं। मेरी नाबालिग बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
यह केवल गाली-गलौज का मामला नहीं, बल्कि मेरे परिवार को डराने-धमकाने और हमारी सुरक्षा को प्रभावित करने का गंभीर मामला है। मेरे पास संबंधित मोबाइल नंबरों, संदेशों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित हैं।
मैं @DelhiPolice से मांग करता हूँ कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर आरोपियों की पहचान की जाए, उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और मेरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
@RahulGandhi@BhimArmyChief@DelhiPolice@CPDelhi@NCWIndia@PMOIndia@narendramodi@CMODelhi
सिर्फ कार्रवाई नहीं, मेरे परिवार को सुरक्षा और न्याय चाहिए।
140 करोड़ के देश में 55,698 केस SC ST एक्ट में रजिस्टर होते हैं, जिसमें ज्यादातर मामले बलात्कार और गंभीर रूप से चोट के होते हैं,
SC ST एक्ट के सारे मामले बिल्कुल सही होते हैं, इसकी जांच भी IPS लेवल का अधिकारी करता है,
लेकिन सब जानते हैं भारत में रिश्वत का आलम, अपराधियों से रिश्वत लेकर जबरजस्ती समझौता का दबाव बनाया जाता है,
गरीब अपनी जान और परिवार के लिए समझौता कर लेता है, क्योंकि अत्याचार करने वाले डॉमिनेट कास्ट से होते हैं, सामाजिक आर्थिक स्थिति मजबूत है,
वो गवाह को धमकाते है, कई मामलों में गवाह के मर्डर भी होते हैं, कई बार विक्टिम को ही मार दिया जाता है, जो हमने अभी हापुड़ में देखा,
नेहा दास जैसे लोग समाज में भ्रम फैलाते हैं कि ओबीसी पर सबसे ज्यादा मुकदमें होते हैं, SC ST एक्ट का मिसयूज होता है, ताकि बहुजन एकता को तोड़ा जा सके, NCRB अपराधियों की जाति आंकड़े पेश नहीं करती,
SC ST एक्ट सिर्फ़ मनुवादी विचारधारा के लोगों पर लगते हैं जो जाति आधार पर हिंसा करते हैं, इंसान को इंसान नहीं मानते, भेदभाव करते हैं, अत्याचार करते हैं ।
Kaali topi gol sa chasma
Pen leke woh chalte the
Jaha pe dikh jati thi kagaz
Maafinama likhte the
Desh baatna desh todna
Yahi to unka kaam tha
Angrezo ke boot pe likhha
Hota unka naam tha
Can you guess the name?
पटना के बाद अब प्रयागराज़ में बहुजनों का आंदोलन 🔥🔥
UGC रेगुलेशन तुरंत लागू करो, निजी क्षेत्र में आरक्षण, संख्या के अनुपात में आरक्षण, न्यायपालिका में कालेजियम सिस्टम ख़त्म हो,
चंद मुट्ठीभर मनुवादीयो के आंदोलन को मीडिया दिखाता है लेकिन बहुजनों के आंदोलन कवर नहीं करता ।
पटना की धरती से आरक्षण बढ़ाओ और न्यायलयों में कॉलेजियम सिस्टम समाप्त करो आंदोलन शुरू हो गया है, 🔥🔥
CJI सूर्यकांत शर्मा ने नए UGC रेगुलेशन पर स्टे लगाकर तमाम OBC SC ST समुदाय को भड़का दिया है,
UGC रेगुलेशन लागू ना होने से सबसे ज्यादा नुकसान OBC समुदाय को ही हो रहा है, NFS लगाकर उनको रोका जा रहा है, इंटरव्यू में कम मार्क्स दिए जा रहे हैं, भेदभाव किया जा रहा है,
अब भारत की भूमि पर 85% बहुजन सड़को पर उतरेगा, सामाजिक न्याय से समझौता नहीं होगा, 🔥🔥