"हर परीक्षा में पास होकर भी, हम असफल कहलाए... क्योंकि भर्ती ही नहीं आई!"
क्या यही है युवाओं के सपनों की कीमत?
हम रेलवे से माँग करते हैं —
1. समयबद्ध परीक्षा
2. पारदर्शी चयन प्रक्रिया
3. स्थायी भर्ती कैलेंडर
4. लंबित भर्तियों की पूर्ति
5. 'ग्रुप डी' की रिक्तियों में बढ़ोतरी
#Railway_Calendar
##RAILWAY_JAWAB_DO सिर्फ ज़रू��त नहीं, अब मजबूरी है।
#RAILWAY_JAWAB_DO
Sarkar ka Focus 'Rozgar' ab hai hi Nahi, Balki 'Chunav' Hai
Sarkari priority employment ek dam nahi, sirf election management hai.
Vacancy bharne se unko vote nahi milte, lekin caste/religion card khelne se mil jaate hain.
Job dene ka matlab paisa kharch karna hai, aur sarkar paisa kharch nahi karna chahti woh vote bank pe kharch karti hai- free rashan dene par, not on employment schemes.
#RAILWAY_JAWAB_DO
"हर परीक्षा में पास होकर भी हम असफल कहलाए... क्योंकि भर्ती ही नहीं आई!"
क्या यही है युवाओं के सपनों की कीमत?
हम रेलवे से माँग करते हैं —
1- समयबद्ध परीक्षाएँ
2- पारदर्शी चयन प्रक्रिया
3- स्थायी भर्ती कैलेंडर
4- लंबित भर्तियों की शीघ्र पूर्ति
5- ग्रुप-डी की रिक्तियों में वृद्धि
#RAILWAY_JAWAB_DO सिर्फ ज़रूरत नहीं, अब मजबूरी बन गई है।
“सरकार हमारे ट्रेंड से डर गई है…
इसलिए हमारा हैशटैग ब्लॉक करवा दिया गया।
लेकिन आवाज़ दबाई नहीं जा सकती!
अब नया हैशटैग लेकर मैदान में हैं —
#RAILWAY_JAWAB_DO
रेलवे जवाब दो, युवा इंतज़ार में हैं!”