’मौत को मार दिया जाएगा, और जिन्दगी शुरू होगी दोबारा,’
एक अपील सोशल मीडिया पर जोर शोर से चल रही है कि, मैं फलाॅ फलाॅ हूॅ मुझे नये साल की मुबारकबाद न भेजें...मेरा नया साल ये है और फलाॅ महिने से शुरू होता हैं... https://t.co/l1x8CPgj8g
Manvadhikar Helpline project is basically designed to cover the vast population of orphans and needy poor students/children in the state Utter... https://t.co/YNWAbKX0XB
कल के दौरे की तस्वीरें और मांगे यहां भी पढ़ सकते हैं।
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर उस जनता को बधाई जो एक्टिविस्ट पत्रकारों को दाना-पानी मुहैया कराती है। https://t.co/OdP1nnBOVk
बॉडी बिल्डिंग के अंधे कॉम्पीटशन ने आज फिर एक जवान लड़के की ज़िंदगी खत्म कर दी, असल में इसे हत्या माना जाए जो की फर्ज़ी जिम संचालको द्वारा नए लड़को को बॉड़ी बनाने के लिए उकसाने का नतीजा है।... https://t.co/2L8JRgcE2S
कल रात महोबा आ गया हूँ...गर्मी की समस्याओं को लेकर महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, बांदा जनपद का दस्तावेजीकरण करना है।
...और हां, कई साल बाद ईद गांव जाकर अम्मा के साथ करना है...इंशाअल्लाह।
#Sunil_Janah_School_Of_Photography_Chambal https://t.co/u0HWz93j4j
चंबल के साथियों,
...अभी-अभी फिर से बीहड़ में आ धमका हूं...आज रात्रि भोज पर आगामी चंबल संसद के सत्र की तारीख फाइनल की जाएगी...आपके जुझारू तेवर और जनगोलबन्दी से बदलाव का रास्ता आगे तय होगा।
Chambal People’s Parliament https://t.co/nZejUB9EUq
आज बीवी बोली कि मैं मायके तभी जाऊंगी जब आप मुझे छोड़ने जाओगे
मैंने कहा मंजूर है लेकिन वादा करो वापस भी तभी आओगी जब मैं लेने आऊंगा😛😛😛 https://t.co/nRNjFxs1M4
प्रसंगवश
...चंबल के विशुद्ध बीहड़ी गांव 'नवासी' से अभी लौटा हूं... जाते वक्त बूंदा वादी थी...ऊपर से रास्ता भी खराब...लौटते वक्त भयानक अंधेरी रात।
...निमंत्रण था...लिहाज़ा दूल्हे को 'पान' खिलाने और नगद नारायण की परंपरा निभाने जाना पड़ा। https://t.co/xCGwuKwVAU
पति ने पत्नी को किसी बात पर तीन थप्पड़ जड़ दिए, पत्नी ने इसके जवाब में अपना सैंडिल पति की तरफ फेंका, सैंडिल का एक सिरा पति के सिर को छूता हुआ निकल गया।
मामला रफा-दफा हो भी जाता, लेकिन पति ने इसे अपनी तौहीन समझी,... https://t.co/vse2GBo8HH
बुरी पुलिस नहीं बल्कि उनको #आदेश_देने_वाले_सफेदपोश हैं👇
______ मकान धू धू कर जल रहा था,तीन मासूम बच्चे व बूढ़ी दादी अंदर फसी हुई थी,तभी रास्ते से ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल अखिलेश की नजर... https://t.co/hyctZCKMRc
गूंगी हो गई आज कुछ ज़बान कहते कहते
हिचकीचा गया मैं खुद को मुसलमान कहते कहते
यह बात नहीं कि मुझको रब पर यकीन नहीं
बस डर गया हूं खुद को साहिब-ए-ईमान कहते कहते
तौफीक ना हुई मुझको एक वक्त की नमाज की
और चुप हो गया... https://t.co/bmr3ovDz4I