ऊंचाईयो की क्या औकात तुम्हें गिराने की ,
बस शिद्दत होनी चाहिए आसमान छूने की
Councillor -Bharuch Nagar Palika
Follower of Gandhi.. Follower of Congress.
The Modi Sarkar has announced that it is cutting the number of LPG cylinders provided to Ujjwala beneficiaries from nine to four.
Just ten years ago, it was announced that the women of India would no longer have to rely on dangerous and harmful methods of cooking, and promised 12 cylinders for every beneficiary of the Ujjwala programme.
Last year, the 12 cylinders were cut to 9. Today, on the anniversary of his swearing-in as Prime Minister for the third time, he has chosen to strike this blow against the women and families of India.
Over the last 12 years, promises have been accompanied by big announcements, grand statements, and headlines. But the reality is that none of those headlines actually translate into anything that is meaningfully transforming the lives of the people.
: Chairman AICC Research Dept, Shri @rajeevgowda
सूरत में 29 तारीख को बिना किसी नोटिस के, पुलिस संरक्षण में गरीबों के 100 से अधिक घरों को तोड़ दिया गया। इस गैरक���नूनी ध्वस्तीकरण को किसने अंजाम दिया, इसका जवाब न तो नगर निगम आयुक्त के पास है और न ही पुलिस आयुक्त के पास। बिल्डरों और भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन और ��रकार में बैठे लोगों की मिलीभगत से यह पूरा षड्यंत्र रचा गया है।
लगातार 10 दिनों से प्रस्तुतियां और आंदोलन करने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यदि आगामी 3 दिनों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ लैंड ग्रैबिंग का मामला दर्ज कर FIR नहीं की जाती और पीड़ितों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तो गुजरात प्रदेश कोंग्रेस का प्रतिनिधि मंडल सूरत जाकर स्थानीय निवासियों के साथ उग्र ���ंदोलन करेगी।
मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं।
Epstein files में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का साथ में नाम आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना - ये शर्म की बात है।
— Rahul Gandhi JI 🔥🔥
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ��़लत आए तो आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
जब scanning फ़ोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है।
गलती CBSE की। सज़ा ��च्चे की। कमाई सरकार की।
जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता, CWC सदस्य, लोकसभा सांसद एवं आंध्रप्रदेश के AICC in-charge श्री @manickamtagore जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाल जीवन की कामना
ये कैसी हुक्मरानी है, तुम्हें सब ठीक लगता है
हमारी जान जानी है, तुम्हें सब ठीक लगता है
तपिश सूरज की कम होती नहीं है रात में भी अब
कि झुलसी रात रानी है, तुम्हें सब ठीक लगता है
नलों के होठ सूखे हैं लहू बहता है नाली में
लहू है या कि पानी है, तुम्हें सब ठीक लगता है
सभी ने मौन साधा है यहाँ बंदूक के डर से
किसी ने सर पे तानी है, तुम्हें सब ठीक लगता है
जो नेता चुन के आता है ,लुटी जनता के वोटों से
वोही राजा है रानी है , तुम्हें सब ठीक लगता है
लगे ठोकर जो पैरों पर तो स��� को मत घुमा लेना
ये आफ़त सर पे आनी है, तुम्हें सब ठीक लगता है
-मुकेश शर्मा
हुक्मरानी: शासन
#shayari #shayri #shayarilover #shayariquotes
From relentless political battles to jail, intimidation and countless attempts to break his resolve, DK Shivakumar ji stood firm when it mattered most.
He chose loyalty over rebellion, sacrifice over shortcuts, and remained committed to the Congress through every storm.
Today, as he is set to become the next Chief Minister of Karnataka, his journey stands as a reminder that perseverance, patience and loyalty still matter in public life.
Congratulations to @DKShivakumar ji. Karnataka's son has earned this moment.
• पहले NEET पेपर लीक
• फिर CBSE में गड़बड़ी
• अब CUET परीक्षा में गड़बड़ी
अब साफ हो गया है कि बिना धांधली और अव्यवस्था के परीक्षा करवाना मोदी सरकार के बस की बात नहीं।
ये नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान की नाकामी है, जिसका खामियाजा बच्चे और उनके मां-बाप भुगत रहे हैं।
मोदी सरकार में पूरा सिस्टम फेल हो गया है।
जब लाखों युवा सड़क पर हों, 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर हो और PM चुप हो - तो सरकार जवाब देने नहीं, बचने में लगी है।
जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक रोकने के लिए foolproof सिस्टम नहीं बनता - हम रुकेंगे नहीं।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने ऑटो रिक्शा चालकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
CNG की बढ़ती कीमतों ने ऑटो चलाने वालों की मुश्किलें बहुत बढ़ा दी ��ैं। दिनभर रिक्शा चलाने के बाद भी उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं।
'महंगाई मैन' मोदी सलाह देते हैं- “public transport इस्तेमाल कीजिए।” और जो लोग public transport की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं।
नरेंद्र मोदी के इस 'वसूली मॉडल' से ऑटो ड्रॉइवर भाइयों में बहुत गुस्सा है, बहुत आक्रोश है- जो अब धीरे-धीरे बाहर आ रहा है।
हम इस मुश्किल वक्त में इनके साथ खड़े हैं- मोदी सरकार के 'वसूली मॉडल' के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे।
📍 दिल्ली
"वाह मोदी जी वाह! 🎁
जनता को ऐसा 'रिटर्न गिफ्ट' देने के लिए शुक्रिया।
12 दिन में CNG ₹6 महंगी! अब तो ऑटो में बैठते ही मीटर से ज्यादा दिल की धड़कनें भागने लगती हैं। विकास इतनी तेजी से ऊपर जा रहा है कि आम आदमी नीचे बैठा सिर्फ सिर खुजला रहा है!
📈🚗
#CNGPriceHike#ModiSarkar #Mehangai
मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी दी है।
इटली जाकर मेलोनी से मिलने से पहले मोदी ने हिंदुस्तान में भाषण दिया और कहा- आर्थिक तूफ��न आ रहा है, विदेश मत जाइए।
और खुद जेब में मेलोडी टॉफी लेकर अपने महंगे हवाई जहाज से इटली चले गए। फिर मेलोनी को टॉफी खिलाई और रील बनाई।
देखिए... देश की जनता के साथ क्या खिलवाड़ हो रहा है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
अमेठी मेरी कर्मभूमि है।
अमेठी की जनता ने मेरे परिवार को, मुझे प्यार और सम्मान दिया है और इस बात को मैं कभी नहीं भूलने वाला हूं।
अमेठी से हमारा पारिवारिक रिश्ता है। प्यार और मोहब्बत का रिश्ता है। आप जो भी मुझसे चाहते हो, आप जो भी आदेश देंगे, मैं उसे पूरा करने के लिए तैयार हूं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 अमेठी, यूपी
•લોકશાહી બચાવવા “વન નેશન વન ઇલેક્શન” પ્રસ્તાવનો કોંગ્રેસ દ્વારા સખત વિરોધ : શ્રી @AmitChavdaINC
•રાજ્ય સરકારો અને વિધાનસભાઓના અધિકારો છીનવી સ્વા��ત્તતા પર તરાપ મારવાનો પ્રયાસ : શ્રી અમિત ચાવડા
•“વન નેશન વન ઇલેક્શન” બિલ બંધારણ અને સંઘીય માળખાની વિરુદ્ધ : શ્રી અમિત ચાવડા
•ચૂંટણી ખર્ચ બચાવવાનો તર્ક ખોટો, બિલ પાછળ સત્તાના કેન્દ્રીકરણનો છુપો એજન્ડા : શ્રી અમિત ચાવડા
•નવા EVM-VVPAT અને સુરક્ષા પાછળ અબજોનો ધુમાડો આર્થિક દ્રષ્ટિએ અયોગ્ય : શ્રી અમિત ચાવડા
ગાંધીનગરમાં યોજાયેલી વન નેશન, વન ઇલેક્શન બિલની JPS ની બેઠક બાદ ગુજરાત પ્રદેશ કોંગ્રેસ ��મિતિના પ્રમુખ માનનીય શ્રી અમિતભાઈ ચાવડાએ ધારાસભ્યોશ્રી સાથે પ્રેસ મીડિયાને સંબોધન કરતા જણાવ્યું હતું કે, વન નેશન, વન ઇલેક્શન બિલનો કોંગ્રેસ પાર્ટી સખત વિરોધ કરીએ છીએ.કારણ કે તેની પાછળ સત્તાનું કેન્દ્રીકરણ કરવાનો કેન્દ્ર સરકારનો છુપો એજન્ડા સ્પષ્ટ દેખાય છે. આ બિલ ભારતીય બંધારણની મૂળ ભાવના અને દેશના સંઘીય માળખાની વિરુદ્ધ છે, જે રાજ્યોની સ્વાયત્તતા અને સત્તા પર તરાપ મારે છે. બિલમાં એવી ��ોગવાઈ છે કે જો કોઈ રાજ્યમાં સરકાર અકાળે પડી જાય, તો ત્યાં મધ્યવર્તી ચૂંટણી ફક્ત બાકી બચેલા સમયગાળા માટે જ થશે. આ જોગવાઈ વર્ષ 1949માં બંધારણ સભામાં ડૉ. બાબાસાહેબ આંબેડકરે આપેલા એ સિદ્ધાંતની વિરુદ્ધ છે, જેમાં તેમણે સ્પષ્ટ કર્યું હતું કે મતદાર હંમેશા પાંચ વર્ષની પૂર્ણ સરકાર માટે જ પોતાનો કિંમતી મત આપે છે, અડધા સમય માટે નહીં. આ ઉપરાંત, ચૂંટણીના ખર્ચ અને સરકારી તંત્રની બચતનો જે તર્ક આપવામાં આવે છે તે પણ જમીની હકીકતથી તદ્દન અલગ છે, કારણ કે ચૂંટણી પાછળ થતો ખર્ચ કેન્દ્ર અને રાજ્યોના કુલ બજેટના એક ટકા કરતાં પણ ઓછો છે. તેની સામે, આખા દેશમાં એકસાથે ચૂંટણી કરાવવા માટે આટલી મોટી સંખ્યામાં સુરક્ષાબળ બંદોબસ્ત કરવા અને અબજો રૂપિયાના ખર્ચે નવા EVM તથા VVPAT મશીનો ખરીદવા એ વ્યવહારિક અને આર્થિક બંને દ્રષ્ટિએ અયોગ્ય છે. આથી, લોકશાહી અને બંધારણના રક્ષણ માટે આ પ્રસ્તાવનો સખત વિરોધ ક���ીએ છીએ.
એક સાથે લોકસભા અને વિધાનસભાની ચૂંટણીઓ યોજવાથી રાષ્ટ્રીય મુદ્દાઓ હાવી થઈ જશે, જેના કારણે રાજ્યોના અને સ્થાનિક કક્ષાના પાયાના પ્રશ્નો સંપૂર્ણપણે દબાઈ જશે. આ વ્યવસ્થાથી મતદારો ભ્રમિત થશે અને તેઓ કયા મુદ્દાના આધારે કઈ સરકારની નિષ્ફળતાઓનું મૂલ્યાંકન કરવું તે નક્કી નહીં કરી શકે. બિલમાં આચારસંહિતા (Code of Conduct)ના કારણે વિકાસકાર્યો અટકતા હો��ાની જે વાત કરવામાં આવી છે તે અયોગ્ય છે, કારણ કે આચારસંહિતા પૂર્વે મંજૂર થયેલા કામો કે નિર્ણયો ક્યારેય અટકતા નથી. વાસ્તવમાં આ બિલ દેશના સંઘીય માળખા અને બંધારણની મૂળ ભાવનાની વિરૂદ્ધ છે, જે રાજ્ય સરકારો અને વિધાનસભાઓના અધિકારોને સીમિત કરીને સત્તાનું કેન્દ્રીકરણ કરવાનો પ્રયાસ કરે છે. આ બિલ પાછળના છૂપા એજન્ડાથી સ્થાનિક પ્રશ્નો અને લોકોના મતાધિકારનું મહત્વ ઘટી જવાની તીવ્ર શક્યતા હોવાથી તે��ો કોંગ્રેસ પાર્ટી દ્રારા સખત વિરોધ કરવામાં આવે છે..
@hemangmraval
મીડિયા કોર્ડીનેટર અને પ્રવક્તા,
एक भयंकर आर्थिक तूफ़ान सर पर है।
12 साल में मोदी जी ने जो ढाँचा खड़ा किया - वह सिर्फ़ अडानी और अंबानी के लिए था।
और, अब वही ढाँचा भरभराकर ढहने वाला है।
चोट उन्हें नहीं लगेगी - उनके पास निकलने के रास्ते हैं।
चोट आपको लगेगी - युवाओं को, ग़���ीबों को, मध्यमवर्ग को, किसानों को, मज़दूरों को, छोटे व्यापारियों को - जो कभी इस ढाँचे का हिस्सा थे ही नहीं।
अपने आसपास देखिए। क्या आप उस ढाँचे का हिस्सा हैं - या उस तूफ़ान का शिकार?