हैलो @kritisanon हो सकता है आपके यहाँ ये रिवाज हो…..
लेकिन भारत में कोई भी बहन अपने भाई को उस तरह के कपड़े पहनकर राखी नहीं बाँधती। राखी आदिकाल से चली आ रही हमारी संस्कृति और सभ्यता का हिस्सा है
इसके पहले आप फिल्मों से लेकर सार्वजनिक जीवन में ऐसे कपड़े पहनती रही हैं। तब तो कभी किसी ने आपको कुछ नहीं कहा। लेकिन हमारे त्योहारों को लेकर ऐसी अभद्रता अस्वीकार है
फर्जी महिला विक्टिम कार्ड खेलने की जगह आत्मचिंतन करिए। हिंदू त्योहारों की संस्कृति का सम्मान कीजिए।
यूपी के बाराबंकी में एक फ़ार्मेसी में हेल्पर का काम करने वाला मोहम्मद फ़ैज़ स्कूली बच्चों को बहला-फुसलाकर उनमें से एक लड़की को स्कूल के समय में अपनी दुकान पर लाता था।
दुकान के पीछे एक छोटा सा केबिन था। बजरंग दल ने वहाँ छापा मारा और स्कूल यूनिफ़ॉर्म पहने उस लड़की को वहाँ से बरामद किया।
अपनी बेटी को वहाँ पाकर लड़की के पिता को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई।ऐसे लोगो सबक सिखाना जरुरी है परन्तु लड़कियो को भी समझाना जरूरी है!!!
फ़ैज़ को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
नेहा सिंह राठौर ने लाइव टेलीविज़न पर खुद को बुरी तरह बेनकाब कर लिया।
नेहा: मुझे मंच दो, मैं महिला सशक्तिकरण पर बोलूँगी।
रिपोर्टर: आप तब कहाँ थीं जब राहुल गांधी ने मनुस्मृति पर तो निशाना साधा, लेकिन तीन तलाक, हलाला और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर चुप रहे?
नेहा: मैं कांग्रेस या राहुल गांधी की प्रवक्ता नहीं हूँ।
जैसे ही सवाल असहज करने वाला हुआ, उनकी सक्रियता गायब हो गई।
यह महिलाओं के बारे में नहीं है, यह सनातन धर्म को चुनिंदा तौर पर निशाना बनाने के बारे में है।