याद हैं ना अपना वादा उपमुख्यमंत्री जी? जब आप विपक्ष में थे तो सत्ता पक्ष को बोले थे की सत्ता पक्ष इन कार्यपालक सहायक की वाजिब मांगो को सुनने को तैयार नही है। अब तो आप खुद सत्ता में है तो अब तक क्यों नहीं कुछ कर पाए हम अल्प मानदेय संविदा शोषण कर्मी को?? @yadavtejashwi
भारत हिंदुओं का देश होगा पाकिस्तानियों का यह निर्णय आपके सामने आखिर कब तक अपनी आंखों के सामने अपने परिवार सगे संबंधियों को कब्र में ले जाने वाले बिल्कुल आप बोलोगे
अमरोहा के इस बुजुर्ग की आंखों से निकलते आँसू मुस्लिमों के आतंक को बयां कर रहे है।
बुजुर्ग अपने मंदिर को बचाने के लिए लड़ रहा है..
2-2 मस्जिदों से हिंदुओ को मारने का ऐलान किया गया.. इलाके में पाकिस्तान जैसा हाल बना रखा है।
तमिलनाडु की घटना
एक हिंदू लड़की ने धर्म परिवर्तन कर लिया था वह मुसलमान बन गई थी क्योंकि वह एक मुस्लिम से प्रेम करती थी और उसी से उसकी शादी होने वाली थी
फिर जब उसने केरल स्टोरी देखी तब उसे एहसास हुआ जो जो इस फिल्मों में दिखाया गया है वह सब कुछ उसके साथ उसके प्रेमी और उसके दोस्तों और उसके प्रेमी की बहनों तथा उसके रिश्तेदार लड़कियों ने किया
वह 2 दिनों तक अपने आप को एक कमरे में कैद कर ली और जब बाहर निकली तब उसने अपने पिता से रोते हुए कहा पिताजी मेरी आंखें खुल गई है मैं शादी तोड़ रही हूं मैं फिर से हिंदू धर्म में वापस आ रही हूं
अगर फिल्में किसी एक की भी आंखें खोल दें तब उस फिल्म का मकसद सफल हो जाता है लेकिन ऐसी घटना कुछ ही दिन पहले गुजरात में हुई दिल्ली में हुई और अब तमिलनाडु में हुई जहां हिंदू लड़कियों की आंखें खुल रही है क्योंकि उन्हें याद आ रहा है कि उसके मुस्लिम प्रेमी ने ठीक यही हथकंडा अपनाया जो फिल्म में दिखाया गया है
यानी कि उन्हें समझ में आ गया कि उनके प्रेमी को उनसे प्रेम नहीं बल्कि वह सिर्फ एक इस्लामिक ट्रैप में एक दलदल में हिंदू लड़कियों को धकेलना चाहते हैं
कार के अंदर स्पेशल एलईडी लाइट जलवा कर फोटो शूट करते मोदी जी
सोचिए मोदी जी तो भारत के प्रधानमंत्री हैं वह कहीं जाते हैं सड़क के किनारे उनके हजारों फैंस खड़े रहते हैं इसलिए उनकी कार में एक लाइट लगी है जो रोशनी करती है ताकि लोग मोदी जी को देख सकें
लेकिन मैं समझ नहीं पाया कि राहुल गांधी ट्रक की सवारी किए कांग्रेस के मीडिया सेल ने प्रचारित किया कि राहुल गांधी यूं ही सड़क पर खड़े रहे और एक ट्रक रुकवा कर ट्रक ड्राइवर से बात किया और उसके ट्रक में सवार होकर अंबाला से चंडीगढ़ गए और फिर चंडीगढ़ से अंबाला दूसरी ट्रक में वापस आए
लेकिन ट्रक में पहले से ही ऐसी सफेद एलईडी लाइट लगी थी कौन विश्वास करेगा क्योंकि ट्रकों में अमूमन इस तरह की लाइट नहीं लगी रहती
कांग्रेसी चमचो ने पहले से ही ट्रक की व्यवस्था कर दी होगी उसमे सारा जुगाड़ लगा दिया होगा और ड्राइवर भी उनका खुद का आदमी होगा कि भाई नौटंकी करनी जरूरी है क्योंकि 2024 का चुनाव आ रहा है
प्रश्न:- ऐसा क्यों है कि टीटी, ट्रेन में साधु-संत से टिकट नहीं मांगता है, जबकि वो जानता है कि ये बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं?
उत्तर:- इसका जवाब ब्रिटिश शासन से जुड़ा हुआ है। एक बार जब नीम करोली बाबा ट्रेन में बैठे जा रहे थे तो उनसे टी.टी ने टिकट मांगा, नहीं देने पर उनको नीचे उतार दिया गया। चमत्कार देखिए ट्रेन फिर चली ही नहीं।
बाद में नीमकरोली बाबा से मिन्नत करनी पड़ी तो उन्होंने दो वचन लिए। पहला की ट्रेन से साधु से टिकट नहीं पूछा जाएगा और दूसरा की जहाँ उन्हें उतारा गया था वहाँ एक रेलवे स्टेशन बनाया जाए।अंग्रेजो ने ये दोनों मांगे मान ली। आज भी वहीं रुल है। आप रेलवे मंत्रालय से RTI से ये जानकारी ले सकते हैं।
सनातन धर्म की बात ही अलग है।
#जय_नीम_करौली_बाबा🙏
#जयतु_सनातन❣️
ये महिला नहीं एक वेश्या है।कोठे पर बैठकर पैसा के लिए ग्राहकों को फंसाने वाली।इसके गुप्तांगों में बांस डालकर इसे इसकी औकात बताने की जरुरत है।इसके पुलिस और न्यायपालिका की जरुरत नहीं है।हिंदुओं को आगे आकर इसका फैसला करना होगा।इसके सिर पर आप पार्टी का हाथ हो सकता है।
@AmitAhir_ @ajeetbharti 👉"द केरला स्टोरी" फिल्म निर्देशक महोदय से मेरा नम्र निवेदन है कि यह कहानी भी केरला की ही है, इस स्टोरी पर भी एक फिल्म बनाने का साहस करें ताकि आज के युवा पीढ़ी को पता चले कि हमारे समाज में कभी ऐसा भी होता था।
#keralastory#bollywood
आखिर कब तक संविदा कर्मी अमानवीय रूप से उनके भविष्य के साथ दोहन किया जाता रहेगा क्यों बिहार सरकार अपने वादों से मुकर कर संविदा कर्मियों का भविष्य बर्बाद करने पर कायम है
@aajtak@sudhirchaudhary बिहार सरकार संविदा कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है वह अमानवीय और शोषण नीति को दर्शाता है सरकार के मंत्रियों को विधायकों को अपनी सुविधा के लिए वित्त विभाग से परमिशन नहीं लेना पड़ता है और ना कोई वित्तीय भार पड़ता है संविदा कर्मी के लाभ हो तो वित्तीय भार बढ़ जाता है
@aajtak@sudhirchaudhary बिहार सरकार संविदा कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है वह अमानवीय और शोषण नीति को दर्शाता है सरकार के मंत्रियों को विधायकों को अपनी सुविधा के लिए वित्त विभाग से परमिशन नहीं लेना पड़ता है और ना कोई वित्तीय भार पड़ता है संविदा कर्मी के लाभ हो तो वित्तीय भार बढ़ जाता है