संसदीय कार्य मंत्री श्री @KirenRijiju जी ने लोकसभा में साफ़ कहा है कि गृह मंत्री श्री @AmitShah जी छात्रों के विषय पर विस्तार से जवाब देने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस और विपक्ष को गृह मंत्री जी के जवाब के समय डरना और भागना नहीं है, पूरा जवाब सुनना पड़ेगा।
#राहुल_भागना_नहीं
अमन नाश्ता कर रहे थे
रांची पुलिस उन्हें लेकर चली गई।
छात्रों का आंदोलन कवर करना पाप हो गया है क्या इस देश में?
जंतर मंतर पर छात्रों को गाली देते/अश्लील हरकतें करते दिखाना पत्रकारिता था लेकिन झारखंड के शालीन छात्रों की आवाज़ उठाना अपराध है क्या?
लेकिन “तानाशाह” तो मोदी हैं।गजबे है
इस चूतिये अभिजीत दीप्के के दवाब में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है
ये दुर्भाग्य है भारत का कि कुछ ब्लैकमेलरों के कारण Dharmendra Pradhan जैसे विजनरी शिक्षा मंत्री को Resign करना पड़ा है
इस्तीफे की टाइमिंग बहुत गलत है, आज भेड़ियों के मुंह में खून लग गया है
कुछ लोग मुझे इसलिए टारगेट कर रहे
क्यूंकि कल जिन गुंडों ने दिल्ली जलाने की साज़िश की, मैंने उन गुंडों को गुंडा बोला.... 🚨
अब आप देखिये जिन्होंने NEET परीक्षा दी
और जिन्होंने NEET के नाम पर उपद्रव किया
NEET स्टूडेंट्स गुंडे कॉकरोचेज
CJP ने जानबूझकर इस मार्च की परमिशन के लिए अप्लाई तक नहीं किया था क्यूँकि उसके पीछे जो भी दिमाग़ है उन्हें पता था कि जब हज़ारों छात्र सड़क पर संसद की तरफ़ बढ़ेंगे तो उनमें कई उपद्रव के मोड में भी होंगे। पुलिस ऐसे लोगों को रोकने के लिए लाठी चलाएगी या आँ��ू गैस छोड़ेगी तो उन्हें वो नैरेटिव मिल जाएगा जिसका उन्हें इंतज़ार है कि “सरकार छात्रों को पिटवा रही है”
पेपर लीक सिस्टम से परेशान लाखों छात्रों के इमोशन और सेंटीमेंट को यूज़ कर लिया गया। जो वाक़ई शांति से इस दर्द को रखना चाहते थे उनको भी हंग���मा करने वाली भीड़ की पहचान दिला दी गई।
एक पक्ष फुल नैरेटिव बना रहा कि सरकार अत्याचारी है, दूसरा पक्ष साबित करने में लगा है कि ये तो छात्र हइये नहीं है। असली छात्र और उनका मुद्दा सन्नाटे में है।
हाँ, मुझ पर बिल्कुल भरोसा मत करना क्यूँकि मैं सिर्फ़ उस “गैंग” का हूँ जिनके लिए देश से बढ़कर कुछ नहीं।
इसलिए देशहित में जो ज़रूरी है वो पूछूँगा भी और कहूँगा भी.. छात्रों के साथ रहूँगा भी लेकिन अगर कोई सड़क पर पुलिस को पीटेगा, पत्थर चलाएगा और सोचोगे कि मैं उ��को “क्रांतिकारी” बता दूँगा तो ये हमसे ना हो पाएगा।
कल संसद घेराव की आड़ में उस पर हमला करने की
कोशिश की गई।
आज NDA मीटिंग के बाद अमित शाह जी के नेतृत्व में बड़े नेताओं ने संसद में पैदल मार्च करके संदेश दे दिया है कि-
सरकार चट्टान के जितनी मजबूत है, ये विदेशी एजेंडों और फंडो पर चलने वाले अराजक तत्व देश और सरकार को नहीं झुका पायेंगे।
आंदोलन की आड़ में दंगा और हिंसा!
आंदोलन की सच्चाई आप स्वयं देख लीजिए..
एक युवक केमिकल स्प्रे शांत खड़ी हुई पुलिस पर छिड़कने लगता है,
फिर पुलिस उसे पकड़ती है और पीटने लगती है,
फिर प्रदर्शनकारी ऐसा दिखाने लगते हैं जैसे पुलिस ने युवक को बिना गलती पीटा हो..
लाठी क्यों चली.....🚨
आँखे खोलकर देखिये.. कैसे दीपके के गुंडों
ने एक जवान को घेरकर मॉब लिंचिंग की कोशिश की
तभी एक दो अन्य RAF के जवान आये और उन्होंने उसे बचाया
बस यही लाठीचार्ज था.. कि भीड़ उसे छोड़ दे...
लेकिन विपक्ष का कहना है जवान को मर जाने दो
पर इन गुंडों को रोको मत✍️
"दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा..."
NEET पेपर लीक मामले पर पीएम मोदी ने देश के युवाओं को न्याय का भरोसा दिलाया। साथ ही, युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून और सख्त व्यवस्थाएं लागू कीं।
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छ���त्रों को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांगने पर वाटर कैनन से भगाया जा रहा है।
ये अत्याचारी सरकार की निशानी है या नहीं?
जवाब देने के पहले बस ये जान लीजिए कि ये दिल्ली नहीं केरल का तिरुअनंतपुरम है और वहाँ कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार है।