@kmrvivek14 गुरु जी हजारों मैं नही 100 रूपये से भी कम पर exampur app पर पढ़ाते है इनके साथ इस तरह का व्यवहार करना सरासर गलत है उन्होंने केवल बच्चों की आवाज को उठाने मैं सहयोग किया है जिससे जो भी परीक्षा मैं गड़बड़िया हो रही है उसकी आवाज सरकार तक पहुँचे सके @AnilYadavmedia1
जिस देश के @kmrvivek14 जैसे गुरुओं के आँख में आंसू हों,
उस देश का भविष्य अंधकारमय ही होगा,
बिन परिवार और बिन बच्चे वाले क्या जानें कि परिवार की रोजी रोटी और बच्चों का भविष्य क्या होता है,
प्रोफेसर विवेक की गलती सिर्फ इतनी है कि
वो 50 हज़ार वाला कोर्स एक हज़ार में क्यों पढ़ाते हैँ,
“हाथ कंगन को आरसी क्या,
पढ़े-लिखे को फ़ारसी क्या!”
PIB के अधिकृत बयान के अनुसार, आज से ठीक बारह साल पहले 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, उस दिन भारतीय basket का कच्चा तेल $108.05 प्रति बैरल था और डॉलर-रुपया exchange rate 58.59 रुपए थी। उस समय पेट्रोल ₹71.51 और डीज़ल ₹56.71 प्रति लीटर मिल रहा था।
आज कच्चे तेल की कीमत $99 प्रति बैरल से कम है, लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़कर क्रमशः ₹102.12 और ₹95.20 प्रति लीटर हो गए हैं।
यानी कच्चा तेल सस्ता हुआ, लेकिन पेट्रोल करीब 42.8 % और डीज़ल करीब 67.9 % महँगा हो गया।
हर अर्थशास्त्री जानता है कि पेट्रोल-डीज़ल की महँगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक, आम आदमी पर महँगाई की मार बढ़ती है। इसके बावजूद सरकार की मुनाफ़ाख़ोरी जारी है।
सवाल सीधा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ, तो पेट्रोल-डीज़ल महँगा क्यों?
जनता को राहत क्यों नहीं?
एक परीक्षा ढंग से नहीं करा पा रहे हैं। NEET के बाद अब SSC GD की भी परीक्षा गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं।
छात्र तोड़फोड़ कर रहे हैं,आक्रोशित हैं।
स्पष्ट कारण क्या है? SSC वाले अभ्यर्थी बताएं
NEET के बाद अब लेखपाल भर्ती परीक्षा पर भी लीक और गड़बड़ी की खबरें।
भाजपा सरकार में परीक्षाएँ कम और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ ज़्यादा हो रहा है।
हर बार वही लापरवाही, वही बहाने।
युवा अब जवाब मांग रहा है।
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
Neet की तरह लेखपाल परीक्षा दोबारा हो ✊
पेपर लीक सिर्फ “नकल” नहीं होता… ये लाखों मेहनती छात्रों के सपनों की हत्या होती है।
कोई छात्र सालों तक सुबह 5 बजे उठकर पढ़ाई करता है…
मां-बाप मजदूरी करके फॉर्म भरवाते हैं… किराया लेकर दूसरे शहर परीक्षा देने भेजते हैं…
और फिर पता चलता है कि पेपर पहले ही बिक चुका था!
NEET से लेकर लेखपाल तक — हर परीक्षा में कोई न कोई माफिया बैठा है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ बयान तक सीमित रहती है।
पहले गरीबी से लड़ो… फिर सिस्टम से लड़ो…
फिर पेपर लीक से लड़ो… और अंत में यही भ्रष्ट व्यवस्था तुम्हारे सपनों का अंतिम संस्कार कर देती है।
एसी कमरों में बैठकर मोटिवेशन बेचने वाले लोग कभी उस छात्र का दर्द नहीं समझेंगे, जो उम्र निकलने के डर में हर दिन टूट रहा है।
लेखपाल जैसी भर्तियाँ नौकरी नहीं, गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं की पूरी जिंदगी बदलने का मौका होती हैं।
जरूरत सिर्फ री-एग्जाम की नहीं है, जरूरत है — पेपर लीक माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की, और छात्रों का टूटा भरोसा वापस दिलाने की।
मेहनत हारनी नहीं चाहिए… दलाल और भ्रष्ट सिस्टम हारना चाहिए।
#UPSSSC #Lekhpal #PaperLeak
Jio castmar care ka ye hal hai
23 मिनट call pr rkhne k baad khud hi kat diya care balo ne @JioCare जिओ की इंटरनेट स्पीड बहुत ही घटिया है और उससे भी घटिया उनकी टीम अब मै अपने जिओ नंबर पर recharge nhi kruga 5g तो छोडो 4g bhi shi se nhi चलता
@reliancejio@AnilYadavmedia1@aajtak
Jio castmar care ka ye hal hai
23 मिनट call pr rkhne k baad khud hi kat diya care balo ne @JioCare जिओ की इंटरनेट स्पीड बहुत ही घटिया है और उससे भी घटिया उनकी टीम अब मै अपने जिओ नंबर पर recharge nhi kruga 5g तो छोडो 4g bhi shi se nhi चलता
@reliancejio@AnilYadavmedia1@aajtak
@kmrvivek14@tourist_shivam@myogiadityanath Q:-1 जुबान पर लगाम न होना
Q:- 2 भारत का पहला हबाई अड्डा कहा स्थित है
23 1st aayog ने इन दोनों Question ka answer पहिले सही दिया था अब dusra answer de rhe hai जो गलत है
@kmrvivek14@myogiadityanath Q:-1 जुबान पर लगाम न होना
Q:- 2 भारत का पहला हबाई अड्डा कहा स्थित है
23 1st aayog ने इन दोनों Question ka answer पहिले सही दिया था अब dusra answer de rhe hai जो गलत है
Q:-1 जुबान पर लगाम न होना
Q:- 2 भारत का पहला हबाई अड्डा कहा स्थित है
23 1st aayog ने इन दोनों Question ka answer पहिले सही दिया था अब dusra answer de rhe hai जो गलत है please reply🙏🙏🙏🙏
@kmrvivek14
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड विश्व का सबसे बेकार भर्ती बोर्ड है।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की शुचिता पूर्ण व पारदर्शी तरीके से भर्ती कराने की लाख कोशिशों को मिट्टी में मिलाने की इसने कोई कसर नहीं छोड़ी है।
न सही से पेपर बनाया
न आंसर शीट सही से बना पाए
अब न किसी को ये पता कि उसकी शिफ्ट पर क्या असर पड़ेगा ,सबके मेहनत से किए गए प्रश्न भी कैंसल हो गये हैं। भगवान जाने क्या होगा
@CMOfficeUP 🙏