At JKCement, we take pride in celebrating the academic achievements of the children of our Shoorveer contractors through the Medha initiative.
We are pleased to recognize outstanding performance at both National and Zonal levels for students of Classes 10 and 12. We have proudly rewarded over 250 students with prizes of up to ₹31,000.
The Medha Awards honour their hard work and inspire continued excellence, as we remain committed to nurturing young talent for a brighter future.
#JKCement #JKSuperCement #Medha #JKShoorveer #Contractors #AcademicExcellence #StudentSuccess
यही आंकड़े जब कॉम्पटीशन एग्जाम, Govt जॉब एग्जाम , एग्जाम फीस, स्कॉलरशिप, एज रिलेक्सेशन के लिए तुलना करेंगे तो कुछ लोग आयेंगे बोलने " हमारा छोछन हुआ है "
#बर्बाद_सोच_वाले
भारतीय क्रिकेट टीम में दो विकेटकीपर बैट्सम��न की तुलना करिए,
संजू सैमसन
इन्होंने 33 इनिंग्स खेलकर 810 रन बनाए जबकि धोनी ने 85 इनिंग खेलकर 1617 रन बनाए,
संजू का स्ट्राइक रेट 155 है वहीं धोनी का मात्र 126 है,
संजू ने मात्र 33 इनिंग खेलकर 3 शतक लगाए हैं जबकि धोनी ने 85 इनिंग्स खेलकर 0 शतक लगाए हैं,
अब देखना फैक्ट्स रख दिए तो Thala For A Reason के फैंस आकर कहेंगे कि धोनी तो 6-7वें नंबर पर आता था,
ख़ैर अब उन बेचारों को कुछ तो बहाना चाहिए ही है न 😂😂
ये कहानी लक्ष्मीकांत पांडेय जी की हैं…. और जब मैंने पढ़ी तो मेरी आंखों में से आंसू नहीं रुक रहे थे…
आशा करती हूं आपको पसंद आएगी…
ये कोई कहानी नही बल्कि आँखों देखी सच��ची घटना है....!!
मेरी छोटी बुआ….!!!!
रक्षाबंधन का त्यौहार पास आते ही मुझे सबसे ज्यादा जमशेदपुर (झारखण्ड )वाली बुआ जी की राखी के कूरियर का इन्तेज़ार रहता था.
कितना बड़ा पार्सल भेजती थी बुआ जी.
तरह-तरह के विदेशी ब्रांड वाले चॉकलेट,गेम्स, मेरे लिए कलर फ��ल ड्रेस , मम्मी के लिए साड़ी, पापाजी के लिए कोई ब्रांडेड शर्ट.
इस बार भी बहुत सारा सामान भेजा था उन्होंने.
पटना और रामगढ़ वाली दोनों बुआ जी ने भी रंग बिरंगी राखीयों के साथ बहुत सारे गिफ्टस भेजे थे.
बस रोहतास वाली जया बुआ की राखी हर साल की तरह एक साधारण से लिफाफे में आयी थी.
पांच राखियाँ, कागज के टुकड़े में लपेटे हुए रोली चावल और पचास का एक नोट.
मम्मी ने चारों बुआ जी के पैकेट डायनिंग टेबल पर रख दिए थे ताकि पापा ऑफिस से लौटकर एक नजर अपनी बहनों की भेजी राखियां और तोहफे देख लें...
पापा रोज की तरह आते ही टी टेबल पर लंच बॉक्स का थैला और लैपटॉप की बैग रखकर सोफ़े पर पसर गए थे.
"चारो दीदी की राखियाँ आ गयी है...
मम्मी ने पापा के लिए किचन में चाय चढ़ाते हुए आवाज लगायी थी...
"जया का लिफाफा दिखाना जरा...
पापा जया बुआ की राखी का सबसे ज्यादा इन्तेज़ार करते थे और सबसे पहले उन्हीं की भेजी राखी कलाई में बांधते थे....
जया बुआ सारे भाई बहनो में सबसे छोटी थी पर एक वही थी जिसने विवाह के बाद से शायद कभी सुख नहीं देखा था.
विवाह के तुरंत बाद देवर ने सारा व्यापार हड़प कर घर से बेदखल कर दिया था.
तबसे फ़ूफा जी की मानसिक हालत बहुत अच्छी नहीं थी. मामूली सी नौकरी कर थोड़ा बहुत कमाते थ�� .
बेहद मुश्किल से बुआ घर चलाती थी.
इकलौते बेटे श्याम को भी मोहल्ले के साधारण से स्कूल में डाल रखा था. बस एक उम्मीद सी लेकर बुआ जी किसी तरह जिये जा रहीं थीं...
जया बुआ के भेजे लिफ़ाफ़े को देखकर पापा कुछ सोचने लगे थे...
"गायत्री इस बार रक्षाबंधन के दिन हम सब सुबह वाली पैसेंजर ट्रेन से जया के घर रोहतास (बिहार )उसे बगैर बताए जाएंगे...
"जया दीदी के घर..!!
मम्मी तो प��पा की बात पर एकदम से चौंक गयी थी...
"आप को पता है न कि उनके घर मे कितनी तंगी है...
हम तीन लोगों का नास्ता-खाना भी जया दीदी के लिए कितना भारी हो जाएगा....वो कैसे सबकुछ मैनेज कर पाएगी.
पर पापा की खामोशी बता रहीं थीं उन्होंने जया बुआ के घर जाने का मन बना लिया है और घर मे ये सब को पता था कि पापा के निश्चय को बदलना बेहद मुश्किल होता है...
रक्षाबंधन के दिन सुबह वाली धनबाद टू डेहरी ऑन सोन पैसेंजर से हम सब रोहता��� पहुँच गए थे.
बुआ घर के बाहर बने बरामदे में लगी नल के नीचे कपड़े धो रहीं थीं....
बुआ उम्र में सबसे छोटी थी पर तंग हाली और रोज की चिंता फिक्र ने उसे सबसे उम्रदराज बना दिया था....
एकदम पतली दुबली कमजोर सी काया. इतनी कम उम्र में चेहरे की त्वचा पर सिलवटें साफ़ दिख रहीं थीं...
बुआ की शादी का फोटो एल्बम मैंने कई बार देखा था. शादी में बुआ की खूबसूरती का कोई ज़वाब नहीं था. शादी के बाद के ग्यारह वर्षो की परेशानियों ने बुआ जी को कितना बदल दिया था.
बेहद पुरानी घिसी सी साड़ी में बुआ को दूर से ही पापा मम्मी कुछ क्षण देखे जा रहे थे...
पापा की आंखे डब डबा सी गयी थी.
हम सब पर नजर पड़ते ही बुआ जी एकदम चौंक गयी थी.
उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वो कैसे और क्या प्रतिक्रिया दे.
अपने बिखरे बालों को सम्भाले या अस्त व्यस्त पड़े घर को दुरुस्त करे.उसके घर तो बर्षों से कोई मेहमान नहीं आया था...
वो तो जैसे जमाने पहले भ���ल चुकी थी कि मेहमानों को घर के अंदर आने को कैसे कहा जाता है...
बुआ जी के बारे मे सब बताते है कि बचपन से उन्हें साफ सफ़ाई और सजने सँवरने का बेहद शौक रहा था....
पर आज दिख रहा था कि अभाव और चिंता कैसे इंसान को अंदर से दीमक की तरह खा जाती है...
अक्सर बुआ जी को छोटी मोटी जरुरतों के लिए कभी किसी के सामने तो कभी किसी के सामने हाथ फैलाना होता था...
हालात ये हो गए थे कि ज्यादातर रिश्तेदार उनका फोन उठाना बंद कर च��के थे.....
एक बस पापा ही थे जो अपनी सीमित तनख्वाह के बावजूद कुछ न कुछ बुआ को दिया करते थे...
पापा ने आगे बढ़कर सहम सी गयी अपनी बहन को गले से लगा लिया था.....
"भैया भाभी मन्नू तुम सब अचानक आज ?
सब ठीक है न...?
बुआ ने कांपती सी आवाज में पूछा था...
"आज वर्षों बाद मन हुआ राखी में तुम्हारे घर आने का..
तो बस आ गए हम सब...
पापा ने बुआ को सहज करते हुए कहा था.....
"भाभी आओ न अंदर....
मैं चाय नास्ता लेकर आती हूं...
अपने भैया के पास बैठी थीं....
क्रमशः...2
(कमेंट बॉक्स)
कौनसे वाले सेनानी बताने है
वो जो अंग्रेजों से लाठी खाया करते थे या
वो जिनको अंग्रेज अपनी महफिल में बुलाने के लिए बग्घियां भेजा करते थे या अंग्रेजी मेमो के पीछे लट्टू बने घूमते थे.....
आधे अधुरे डाटा से सरकार को कोसना आसान है। अपने ऑकड़ो मे ये भी बताओ कि कितने सरकारी स्कुल है जहाँ पर बच्चो से ज्यादा टीचर है ? प्रति बच्चे पर अध्यापक का सामान्य ऑकड़ा भी देख के बता दो। साथ ही यह भी बता दो कि कितनी सरकारी नौकरीपेशा अपने बच्चे सरकारी विद्यालय में पढ़ा रहे है ?
2018 में देश में 51,108 सरकारी स्कूलों को बंद किया गया। एक स्कूल में औसत 4 टीचर मानें तो 2 लाख अध्यापकों के पद एक झटके में खत्म कर दिए गए।
दूसरी खबर 2022 की है, 40 लाख बच्चों ने निजी स्कूल छोड़ दिया। मतलब ये कि इन छात्रों ने सरकारी स्कूलों में जाकर एडमिशन लिया!
लेकिन क्या आपने अपने आसपास पिछले 10 सालों में कोई नया सरकारी स्कूल खुलते देखा क्या? नहीं देखा होगा। क्योंकि सरकार ने खोला ही नहीं।
लेकिन प्राइवेट स्कूलों के खुलने का क्रम देख रहे होंगे। अकेले 2018 में देश के अंदर 11,739 नए प्राइवेट स्कूल खुले।
कहना कुछ नहीं है। बस इ��ना जान लीजिए। यूपी, बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक सरकारी स्कूल बंद हुए और प्राइवेट खुले। इन्हीं चार राज्यों में 3 लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं।
जल्द ही स्कूलों को लेकर कुछ विस्तृत रिपोर्ट लेकर आए हैं रहे हैं।