@LoksattaLive पुलिस रस्त्यावर नाचत असतील पोलिस ड्रेस वर ते कदाचित चुकीचे असु शकते ,पण पोलिस स्टेशन च्या आवारात नृत्य करने काय चुकीचे आहे ...
ती सुद्धा मानस आहेत
उलट त्यांचा तनाव काही काळाकरिता दूर होईल आणि ते आपले कर्तव्य चांगल्या प्रकारे बजावू शकतील .
@CPMumbaiPolice@MumbaiPolice
कांग्रेस का डीएनए
कांग्रेस ने देश में जितने भी आंतकवादी देशद्रोही और गदार हुए है सबको टिकट दी और इनका केस कांग्रेस पार्टी ने फ्री में लड़ा
चलिए थोड़ा 2014 से पहले कुछ मुख्य समाचार का ट्रैलर देखते हैं 🙄
जब देश की अर्थव्यवस्था ICU में थी
2G, कोयला, मनरेगा घोटाले एक के बाद एक
370 को छूने की भी हिम्मत नहीं थी
और आज?
ये वीडियो देखकर बहुत कुछ याद आ जाएगा 👀
जो समझदार हैं वो समझेंगे
Jainam Jayati Shasanam 🙏🙏❤️❤️
80 जापानी जैन भाईंदर पधारे हैं, विधिपूर्वक गुरुवंदन कर रहे हैं !🙏
इनको जैन धर्म की Value समझ में आई है, इसलिए हर साल जापान से आते हैं।🙏🙏
राजस्थान के पाली जिले की अरावली पहाड़ियों में बसा रणकपुर अपने भव्य 15वीं सदी के जैन मंदिरों के लिए विश्व प्रसिद्ध है。
यह स्थान उदयपुर से लगभग 95 किमी उत्तर में मथाई नदी के तट पर स्थित है。
मुख्य 'चौमुख मंदिर' में सफेद संगमरमर पर की गई नक्काशी और अद्वितीय 1,444 खंभे इसकी मुख्य विशेषता हैं。
📍 चौमुख मंदिर: जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभनाथ) को समर्पित यह मंदिर 48,000 वर्ग फुट में फैला है。इसकी अनूठी वास्तुकला में कोई भी दो खंभे एक जैसे नहीं हैं。
सूर्य नारायण मंदिर: मुख्य जैन मंदिर के पास स्थित यह प्राचीन मंदिर सूर्य देव को समर्पित है。
पार्श्वनाथ व नेमिनाथ मंदिर: मुख्य परिसर में स्थित इन मंदिरों में काले पत्थर की प्राचीन मूर्तियाँ और अद्भुत बाहरी नक्काशी देखने को मिलती है।
🚗 यात्रा की जानकारी
निकटतम रेलवे स्टेशन: फालना (लगभग 35 किमी दूर) और रानी。
उदयपुर से दूरी: सड़क मार्ग (NH 27) से उदयपुर से यहाँ पहुँचने में लगभग 2 से 2.5 घंटे (95 किमी) लगते हैं।
Jain Heritage 🫶 तीर्थ यात्रा ⛰️
तीर्थ यात्रा ⛰️
💫 श्री नेमिनाथ भगवान की प्रतिमा का ऐतिहासिक वर्णन
इस अवसर्पिणी काल में भगवान श्री महावीर प्रभु के निर्वाण के 1277 वर्ष बाद श्री बप्पभट्टसूरिजी नाम के महान शासन-प्रभावक विद्वान आचार्य हुए। उनके भक्त श्री आमराजा ने सूरिश्वरजी के उपदेश से सात व्यसनों का त्याग कर सम्यक्त्व मूल 11 व्रतों को स्वीकार किया और परम श्रावक बने। उपदेश में आचार्य महाराज ने श्री गिरनार तीर्थ का वर्णन करते हुए कहा कि जो जीर्ण-शीर्ण बने हुए तथा परिवार रूपी कीचड़ में डूबे हुए हैं और जिन्होंने रैवतक (गिरनार) पर स्थित श्री नेमिनाथ प्रभु को नमस्कार नहीं किया है, वे जीवित होते हुए भी मृत समान प्रतीत होते हैं।
इस प्रकार आचार्य भगवंत के श्रीमुख से तीर्थ महिमा का वर्णन सुनकर राजा खड़े हुए और प्रतिज्ञा ली कि मैं गिरनार के श्री नेमिनाथ भगवान के दर्शन एवं वंदन किए बिना भोजन नहीं करूँगा। लोगों ने निषेध किया कि राजन, ऐसी प्रतिज्ञा न लें, क्योंकि रैवतक (गिरनार) पर्वत बहुत दूर है और आप कोमल प्रकृति के हैं। तब राजा ने कहा कि मैं ली हुई प्रतिज्ञा से कभी नहीं फिरूँगा।
इसके पश्चात पूज्य श्री बप्पभट्टसूरिश्वरजी को साथ लेकर आमराजा एक लाख बैलों, बीस हजार ऊँटों, सात सौ हाथियों, एक लाख घोड़ों, तीन लाख पैदल सैनिकों तथा बीस हजार जैन परिवारों सहित उत्तम सैन्ययुक्त संघ के साथ 32 उपवासपूर्वक श्री गोपगिरि से श्री रैवतक की ओर चले। जब वे श्री स्तंभतीर्थ पहुँचे, तब भूख की पीड़ा से अत्यंत व्याकुल होने पर भी और प्राण संकट में पड़ जाने पर भी राजा ने अन्न ग्रहण नहीं किया। लोग भयभीत हो गए। तब श्री बप्पभट्टसूरिश्वरजी ने मंत्रशक्ति से देवी कुष्मांडी को प्रत्यक्ष बुलाया और कहा कि आप ऐसा उपाय करें जिससे राजा भोजन भी करें और जीवित भी रहें।
तब देवी कुष्मांडी अपने मस्तक पर एक विशाल बिंब धारण कर आकाश मार्ग से आमराजा के पास आई और बोली— “हे वत्स! मैं अंबिका हूँ। मैं तुम्हारे सत्त्व से प्रसन्न हुई हूँ। मैं रैवतक के एक भाग ‘अवलोक’ के शिखर से श्री नेमिनाथ परमात्मा का यह बिंब लाई हूँ। तुम इस परमात्मा को वंदन करो। इस परमात्मा को वंदन करने से मूल श्री नेमिनाथ भगवान को वंदन किया हुआ माना जाएगा। इसलिए अब तुम पारणा करो।”
श्री बप्पभट्टसूरिश्वरजी ने भी इस बात का समर्थन किया। लोगों ने वहीं उस बिंब की स्थापना की। उस बिंब के वंदन के पश्चात राजा ने पारणा किया। आज भी वह महान चमत्कारिक बिंब श्री जीराला पाड़ा स्थित बड़े देरासर में, स्तंभतीर्थ में पूजित है।
(श्री प्रबंध पंचमती, 490वाँ प्रबंध तथा श्री चतुर्विशति प्रबंध अर्थात् प्रबंध कोश, प्रबंध-9 के आधार पर)
यह श्री नेमिनाथ भगवान की प्रतिमा श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान जिनालय, जीराला पाड़ा, खंभात में विराजमान है।
संकलन - देवलोक जिनालय पालीताणा
@Kapil_Jyani_ Running bike on express way must be punished but one thing coming at the same time that there also should have a special road parallel to express way on both sides for Bikes and also toll booth for bikes ..
So that it will save time of bikers and produce more income to GOV
We request Government of India to appoint Shri Tukaram Mundhe sir as CEO of FSSAI.
Whole India deserves safe and unadulterated food and safe drugs not only maharashtra.
Please Retweet so that it reaches to the government.
Just Speak
FDA Maharashtra has launched grievance redressal portal for citizens. It is AI enabled platform, having auto assignment, auto escalation and built in accountability with traceability features .
https://t.co/597si71Z6E
#TukaramMundhe#FDA
He's Tukaram Mundhe, a 2005-batch IAS from Maharashtra.
Over the last few weeks, you might have heard his name. That is because he was recently appointed Commissioner of State’s Food and Drug Administration (FDA). Since taking charge, the FDA has been on an absolute warpath, raiding illegal, fake, synthetic, and adulterated products. From synthetic milk networks and adulterated paneer to illegal gutkha and unhygienic eateries, nothing has escaped his radar.
Mundhe has made it clear that even the most famous names will not get a free pass. His department shocked Mumbai by suspending the food licenses of iconic establishments, such as the 73-year-old Marine Drive ice cream parlor K. Rustom & Co., alongside famous eateries like Shalimar Hospitality, Noor Mohammadi Hotel, and Rahmaniya Restaurant, after surprise inspections uncovered severe hygiene violations, including live pests and expired ingredients.
Such is the fear of his crackdowns that, just two days ago, dairy farmers were caught on video spilling hundreds of liters of synthetic milk after rumors of an impending FDA raid spread.
This is his 25th transfer in a 21-year career, a testament to his refusal to bend to political pressure. It makes you wonder: if just one IAS officer can bring about so much change, where would our country be if every bureaucrat were as uncompromising and proactive as him?
“मैंने लोगों की बेहतर सेवा करने के लिए BJP छोड़ी है, न कि उनकी आलोचना करने के लिए।
मैं खुद को हिंदू मानता हूँ, लेकिन लोगों की सेवा करते समय मैं अपने धर्म और जाति को घर पर ही छोड़ देता हूँ; मैं सभी के साथ समान व्यवहार करता हूँ और सबके लिए एक एकजुट रास्ते पर चलने का लक्ष्य रखता हूँ।”
- के. अन्नामलाई🔥
बेटियां घर की आभा होती हैं --- जीवन में उनका होना उत्सव होता है --- हमारी बिटिया अनुष्का का आज जन्मदिन है ---- प्रभु उसे सदैव अपनी कृपा से सनाथ रखें , इस मंगल अवसर पर यही प्रार्थना है ---आप सबका आशीष उसे और शुभता देगा -----