'11,000 में दम नहीं... 60,000 से कम नहीं'
- ये नारे प्रयागराज में वे बेरोजगार युवा लगा रहे हैं, जो प्राथमिक शिक्षक भर्ती की मांग कर रहे हैं
8 साल बीत गए, लेकिन यूपी में भर्ती नहीं आई। जब भी युवा सवाल पूछते हैं तो शिक्षा मंत्री 'शिक्षक-छात्र' अनुपात समान है कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
यूपी में स्कूलों और शिक्षा की हालत किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन BJP सरकार को न बच्चों की चिंता है, न ही युवाओं की।
चिंता होगी भी कैसे- दिनभर जुमलेबाजी करने से फुर्सत मिले तब ना...
राज���ैतिक प्रतिस्पर्धा तो लोकतंत्र में जायज है पर बिलो द बेल्ट प्रहार अभी भी सभ्य समाज में उचित नहीं माना जाता है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लक्ष्य करके एआई जनरेटेड आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो रहे थे तो इसके पलटवार में सपा मुखिया की प्रेस कांफ्रेंस में सीएम योगी का एआई एडिटेड वीडियो चलाया गया। वार-पलटवार के ये सिलसिले राजनीतिक मर्यादा तार-तार करने वाले हैं।
ज���ां अखिलेश यादव एक बड़े राजनीतिक दल के मुखिया हैं और उनकी मर्यादा से खिलवाड़ अवांछित-अमान्य है तो वहीं @myogiadityanath सीएम के साथ ही संत परंपरा से भी संबंधित हैं प्रतिष्ठित गोरखनाथ मठ के पीठाधीश्वर हैं, भगवा वस्��्रों में उनका अमर्यादित एआई चित्रण बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। चाहें पक्ष हो या विपक्ष हर किसी को मुद्दों पर आधारित विरोध तक ही खुद को सीमित रखना चाहिए बजाए व्यक्तिगत आक्षेप के।