LIFE IS ALL ABOUT DECISIONS WE TAKE...
(1) I strongly believe that we should not a man or woman of circumstances. We should be a man or woman of our decisions.
CBSE अध्यक्ष - ट्रांसफ़र।
CBSE सचिव - ट्रांसफ़र।
एक-सदस्यीय “जाँच” समिति - गठित।
और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान - सुरक्षित।
अधिकारियों को हटा दिया। मंत्री को बचा लिया।
यह जवाबदेही नहीं - यह cover-up है।
हमारी माँग आज भी वही है: शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो - ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए।
अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख CBSE छात्रों की परवाह होती - धर्मेंद्र प्रधान जी कब के हटाए जा चुके होते।
#BIPosting
Centre allocates cadres to 147 IPS officers selected through Civil Services Examination 2024.
The cadre allocation notification has been issued under the IPS Cadre Rules, 1954.
See list for details 👇
@DoPTGoI@HMOIndia@SPsofIndia
पहले NEET पेपर लीक और अब CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा का मामला।
देश का जो सबसे संवेदनशील किशोर वर्ग है -15 से 21-22 साल के बच्चे -जिन पर भविष्य संवारने का सबसे ज्यादा दबाव होता है और जीवन का अनुभव भी कम होता है, वही सिस्टम की अक्षमता और आपराधिक लापरवाही की सबसे बड़ी कीमत चुका रहा है।
इस पूरे समय में जिस तरह से सार्थक सिद्धांत, वेदांत और ऐसे कई बच्चे सामने आए हैं, और जिस सूझबूझ व स्मार्ट तरीके से उन्होंने प्रतिक्रिया दी है, उसके लिए उन्हें आशीर्वाद और बधाई।
बस दुख इस बात का है कि इन और ऐसे लाखों बच्चों का बहुमूल्य समय और ऊर्जा ऐसी चीजों में लग रही है, जिनसे उन्हें कभी जूझना ही नहीं चाहिए था।
17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने जिस तरह से CBSE बोर्ड परीक्षाओं में On Screen Marking System (OSM) के tender documents और RFP (Request for Proposal) को पढ़कर बिंदुवार सवाल उठाए हैं, वो काबिले-तारीफ है।
सिद्धांत ने पुराने और नए RFP की तुलना की, clauses पढ़े, discrepancies निकालीं और सार्वजनिक रूप से CBSE की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
उसने सिर्फ आरोप नहीं लगाए, बल्कि दस्तावेजों की तुलना करके एक pattern समझाने की कोशिश की।
जिस दिशा में उसने बिंदु उठाए हैं, उससे साफ लगता है कि टेंडर प्रक्रिया में कुछ तो ऐसा हुआ है, जो सही नहीं था।
कम-से-कम CBSE की तरफ से इस बच्चे द्वारा उठाए गए बिंदुओं का जवाब भी उतने ही पारदर्शी तरीके से दिया जाना चाहिए।
सार्थक सिद्धांत की सूझबूझ, presence of mind और गंभीरता की खूब सराहना की जानी चाहिए।
भारत का अपना फ्लाइंग एक्सप्रेस!!
गुरिंदरवीर सिंह के नाम अब 100 मीटर रेस में सबसे तेज दौड़ने का कीर्तिमान दर्ज हो गया है। उन्होंने 100 मीटर की दौड़ सिर्फ 10.09 सेकंड में पूरी कर इतिहास रच दिया। यह एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
#SP_SITAPUR द्वारा पुलिस की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में नैमिषारण्य में नवनिर्मित "नैमिष पुलिस ऑफिसर्स स्टे" गेस्ट हाउस का उद्घाटन किया गया। इस गेस्ट हाउस का उद्देश्य जनपद में आने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए सुगम और आधुनिक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है।
69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी आज सड़कों पर घिसटने को मजबूर हैं।
5 साल से युवा अपने हक के लिए लाठियां खा रहा है, रो रहा है, गिड़गिड़ा रहा है।
मगर सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा सरकार युवाओं की इस पीड़ा पर 'अट्टहास' कर रही है!
वोट हमारा, राज तुम्हारा... और हक मांगने पर ये क्रूर व्यवहार?
युवाओं का यह दर्द और ये आंसू इस बहरी सरकार के पतन का कारण बनेंगे।
''हम दलित-पिछड़े समाज से हैं, हमारी कोई सुनने वाला नहीं है''
- लखनऊ में शिक्षक भर्ती घोटाले से निराश युवा सड़क पर रेंगते हुए अपना हक मांग रहे हैं
दरअसल यूपी की BJP सरकार ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण का घोटाला किया, जिसने दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं के सपनों को रौंद दिया है।
ये युवा बीते 4 साल से संघर्ष कर रहे हैं, नौकरी के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
यही BJP सरकार का दलित-पिछड़ा विरोधी चेहरा है, जो नहीं चाहती कि दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं को नौकरी मिले, उचित हिस्सेदारी और भागीदारी मिले।
लेकिन...
कांग्रेस पार्टी इन युवाओं के साथ खड़ी है और उनकी मांग का पूरा समर्थन करती है। BJP सरकार को तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए युवाओं की मांग पूरी करनी चाहिए।
संविधान द्वारा दिये गये आरक्षण के अधिकार को मारनेवाली भाजपा का अंहकार आज अंदर-ही-अंदर बहुत ख़ुश होगा कि सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज आज भी उनके वर्चस्व के आगे दंडवत होकर याचना कर रहा है लेकिन अपने प्रभुत्व के घमंड में चूर भाजपाई और उनके संगी-साथी ये भी याद रखें कि जब आग्रह हार जाता है, तब इंसान सीमाएं लांघ जाता है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ये बेरोजगार युवा तपती धूप में रेंगते हुए शिक्षा मंत्री के आवास की ओर जा रहे हैं।
5 साल से 69000 शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे इन युवाओं का सिर्फ एक ही सवाल है — अब और कितना इंतजार करेंगे?
कोई सुनने को तैयार नहीं है😡
शिक्षा और रोजगार, समृद्ध उत्तर प्रदेश का आधार
बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में 10,000 नए शिक्षकों की भर्ती हेतु अधियाचन भेजा जा चुका है। नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।
साथ ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया को भी इससे जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है।
शिक्षक भर्ती को स्वीकृति प्रदान करने हेतु माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी का हार्दिक धन्यवाद एवं आभार।
आपके नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने एवं युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है।
धर्मेंद्र प्रधान जी का कहना है कि ,
जो परीक्षा हुई है उसकी फीस हम लौटाएंगे,
और जो आगे वाली परीक्षा है उसकी फीस जीरो होगी।
बोल तो ऐसे रहे हैं, जैसे सारा खर्च अपनी जेब से उठाएंगे,
दोबारा परीक्षा होगी तो खर्च का भार आम जनता ही उठाएगी।
वैसे तो इस खर्च का भार, धर्मेंद्र प्रधान, पेपर लीक करने वाले आरोपी, NTA के सदस्य इन सब से वसूला जाना चाहिए।
क्या आधुनिक भारत 20-25 लाख Computers/Tablets की व्यवस्था भी नहीं कर सकता?
क्योंकि पर्याप्त devices नहीं हैं, तो multiple shifts में परीक्षा करवाई जाती है…
नतीजा - normalization के सहारे result में गड़बड़ियाँ।
दुर्भाग्य की बात है कि आज 12-13 लाख लोगों का exam कराने के लिए सरकार के पास अपना solid infrastructure नहीं है…
या फिर सरकार ऐसा बनाना ही नहीं चाहती, ताकि हर बार leak का ठीकरा किसी और के सिर फोड़ा जा सके।
CBT exams private labs को दे दिए जाते हैं और फिर system hacking, server issues और गड़बड़ियों की खबरें आती रहती हैं।
वक्त है कि सरकार से मजबूती के साथ solid बातचीत हो।
देश के बड़े और नामी शिक्षकों से अनुरोध है कि धंधे से ऊपर सोचते हुए इस मुद्दे पर सरकार से संवाद करें…
कम से कम देश की एक गंभीर समस्या से तो निजात मिले।
अगर सरकार के पास funds की कमी है,
तो बड़े coaching centres भी आगे आ सकते हैं।
अगर बड़े संस्थान 1000-1000 computers की जिम्मेदारी लें,
तो एक मजबूत सरकारी infrastructure बनाया जा सकता है,
जो CBT exams को काफी हद तक error free और सुरक्षित बना सके।
@dpradhanbjp
पता नहीं CJI साहब ने किस संदर्भ में बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉक्रोच से की है।
बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि सिस्टम के इतने ऊंचे पायदान पर बैठे इंसान ने देश के युवाओं के लिए इस तरह के शब्द का प्रयोग किया।