80 करोड़ लोगों ने 5 किलो गेहूँ और 1 किलो चना पाया, 50 करोड़ लोग आयुष्मान भारत का लाभ उठा रहे हैं, 10 करोड़ लोग मुद्रा लोन पा गए, और सवा करोड़ लोगों को घर की चाभी मिल गई.!
एक मैं, और मेरा खानदान ही रह गया...
तुझे कीड़े पड़ेंगे रे बांटने वाले 😢
रसिका जैन की शादी कुशल अग्रवाल से पिछले साल फरवरी में हुई थी। रसिका के परिवार ने दहेज में 7 करोड़ रुपये से ज़्यादा का सामान दिया था। अग्रवाल परिवार फिर भी रोज दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करता रहा। अंततः रसिका ने खुद को ख़त्म कर लिया। दहेज़ कानूनी जुर्म के साथ भारतीय सभ्यता भी है।
किसान आंदोलन कर रहे है क्योंकि उनमें अभी भी साहस बरकरार है, जबकि शहर का मध्यम वर्गीय परिवार साहस खो चुका है।
समस्या का समाधान खोजने के बजाय आत्महत्या कर लेता है, जबकी उसकी गलती बिलकुल नहीं होती।