कल तक जो लोग प्रधानमंत्री की स्वर्गीय मां को अपशब्द और गलियां देने पर तालियां बजा रहे थे, इसे जस्टिफाई कर रहे थे, जब उनको कुछ कह दिया तो तुरंत अजीत भारती पर SC/ST एक्ट लगा कर केस कर दिया। इतनी ��ोगलाई कहां से लाते हो भाई ?
जब आवाज़ को लाठी से दबाया जाए, तो समझो तानाशाही का दौर लौट आया है,,,
देखिए कैसे दिल्ली पुलिस महिलाओं के साथ अभद्रता पूर्ण व्यवहार कर रही है,,,
🛑शांतिपूर्ण तरीके से अपने हकों और यूजीसी और आरक्षण के विरोध में सड़क पर उतरे छात्राओं और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस प्रशासन का यह लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और अलोकतांत्रिक है।
क्या इस देश में शांति से सवाल पूछना और विरोध जताना भी गुनाह हो गया है?ताक़त के बल पर आवाज़ को कुचला जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं। हम इस दमनकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं और प्रशासन से मांग करते हैं कि छात्रों पर हुए अत्याचार का जवाब दिया जाए।✊ सच्चाई झुकेगी नहीं, आवाज़ रुकेगी नहीं!
#UGCRollback #StudentProtest #LathiCharge
#PMOindia
#amitshah
UGC के नाम पर समानता के अधिकार से समझौता क्यों?
अगर शिक्षा और विश्वविद्यालयों से जुड़ी नीतियां संविधान के अनुच्छेद 14—समानता के अधिकार की कसौटी पर खरी उतरती हैं, तो सवाल पूछने और विरोध दर्ज कराने वालों की आवाज़ क्यों दबाई जाए?
UGC से जुड़े किसी भी प्रावधान पर देशभर में खुली और निष्पक्ष बहस होनी चाहिए।
न्याय चाहिए, भेदभाव नहीं। समान अवसर चाहिए, पक्षपात नहीं।
सरकार को जनभावनाओं को सुनना होगा और ऐसी नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा जिनसे किसी भी वर्ग में असमानता की भावना पैदा हो।
— शुभांकर मिश्रा, पत्रकार
बड़ी अपडेट
फिर से लोग जंतर-मंतर भारी संख्या में पहुच गए हैं हजारों बस गिरफ्तारी के बाद भी लोग कम नहीं हुए हैं
आंदोलन जारी है 🔥
#ReservationReformआंदोलन
आरक्षण के नाम पर सालों से मेरिट को कुचला जा रहा है।
जो नेता आरक्षण का पूरा फायदा उठा चुके वही आरक्षण का समर्थन कर रहे।
सवर्ण नेता भी मौन है लेकिन अब समाज खुद जागा है।
आरक्षण सुधार या फिर मेरिट आधारित व्यवस्था — यही मांग है।
जंतर मंतर पर सवर्णों की उठ रही आवाज़ को अब और नहीं दबाया जा सकता ✊
वकील AP सिंह - बताओ इनसे पहले CJI कौन था, मोदी कौन है, राष्ट्रपति कौन है ?
पत्रकार - आप लोगो ने पानी नहीं पीने दिया।
वकील - क्यो ? हमारा तालाब हवा में था। 😂
कोई भी चाटुकार इन तीखे सवालों का जवाब नहीं दे पाएगा।
यह भारत के असल में प्रतिभाशाली और पढ़े-लिखे वर्ग का एकमात्र विरोध-���्रदर्शन है।
यहाँ तक कि 100 दिलीप मंडल भी उनका मुकाबला नहीं कर सकते।
REET लेवल-2 भर्ती-2022 के करीब 750 पात्र याचिकाकर्ता आज भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। हाईकोर्ट के 11 मई 2026 के आदेश के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया में देरी बेहद चिंताजनक है। राजस्थान सरकार से मांग है कि हाईकोर्ट के आदेश की तत्काल पालना करते हुए रिक्त पदों की पुनर्गणना पूरी कर पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। वर्षों से इंतजार कर रहे युवाओं को अब और इंतजार न करवाया जाए।
@BhajanlalBjp@madandilawar@RajGovOfficial
#Jaipur: रीट भर्ती-2022 के चयनित अभ्यर्थियों का नियुक्ति को लेकर इंतजार जारी
750 से अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा...
#SachBedhadak@BhajanlalBjp@madandilawar
#Jaipur: रीट भर्ती-2022 के चयनित अभ्यर्थियों का नियुक्ति को लेकर इंतजार जारी
750 से अधिक अंक वाले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा...
#SachBedhadak@BhajanlalBjp@Kunal_Alwar
रीट लेवल टू भर्ती 2022 का मामला,
राज्य के करीब 750 पात्र याचिकाकर्ताओं
का दावा-कम अंक वाले शिक्षक,अधिक वाले नियुक्ति के इंतजार में, उच्च न्यायालय के
आदेश के बाद भी नहीं शुरू हुई प्रक्रिया।