झुक नहीं सकते: #अटलबिहारीवाजपेयी
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टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते
सत्य का संघर्ष सत्ता से
#न्याय लड़ता #निरंकुशता से
अँधेरे ने दी चुनौती है
#किरण अं���िम अस्त होती है
दीप निष्ठा का लिये निष्कम्प
वज्र टूटे या उठे #भूकम्प
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~ अटल बिहारी #वाजपेयी
दो अनुभूतियाँ: #अटलजी की मानव मनोदशा पर #कविताएँ
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पहली अनुभूति: गीत नहीं गाता हूँ
बेनक़ाब चेहरे हैं,
दाग़ बड़े गहरे हैं
टूटता #तिलिस्म आज सच से भय खाता हूँ
#गीत नहीं गाता हूँ
लगी कुछ ऐसी नज़र
बिखरा शीशे सा शहर...
~ #अटलबिहारीवाजपेयी
एक बरस बीत गया: #अटल जी की नए साल पर #कविता
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झुलसाता जेठ मास
शरद #चांदनी उदास
सिसकी भरते सावन का
अन्तर्घट रीत गया
एक बरस बीत गया।
सींकचों म��ं सिमटा जग
किंतु विकल प्राण विहग
#धरती से अंबर तक
गूंज मुक्ति गीत गया
एक बरस बीत गया
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#अटलबिहारीवाजपेयी
#जीवन बीत चला: #अटलबिहारीवाजपेयी
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कल कल करते आज
हाथ से निकले सारे
भूत भविष्यत की चिंता में
#वर्तमान की बाजी हारे
पहरा कोई काम न आया
रसघट रीत चला
जीवन बीत चला।
#हानि लाभ के पलड़ों में
तुलता जीवन व्यापार हो गया...
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∼ अटल बिहारी #वाजपेयी
आओ फिर से दिया जलाएँ: #अटलबिहारीवाजपेयी
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आओ फिर से दिया जलाए��
भरी दुपहरी में अंधियारा
#सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें -
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।
हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आंखों से ओझल...
∼ अटल बिहारी #वाजपेयी
अपने ही मन से कुछ बोलें: #अटल की आत्म चिंतन #कविता
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क्या खोया, क्या पाया जग में
मिलते और बिछुड़ते मग में
मुझे किसी से नहीं #शिकायत
यद्यपि छला गया पग-पग में
एक दृष्टि बीती पर डालें, यादों की पोटली टटोलें!
#पृथ्वी लाखों वर्ष पुरानी...
∼ #अटलबिहारीवाजपेयी
#CBSE#Class12#History 2020-21 #SamplePaper
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Check here the sample paper released by the CBSE for #Class12History exam.
It’s that time of the year again when students are busy preparing for the #CBSEBoardexam. The Central Board of Secondary Education...