काँग्रेस के इन राज्यों में इतने साल से CM नहीं है
- तमिलनाडु में 59
- बंगाल में 49
- सिक्किम में 42
- उत्तर प्रदेश में 37
- बिहार में 36
- गुजरात में 30
- ओडिशा में 26
- नागालैंड में 23
- महाराष्ट्र में 12
काँग्रेसी बताए 50 साल से 'वोट चोरी' ज्ञानेश कुमार करवा रहे है क्या?
Hypocrisy of so-called neutral journalists like Abhinav Pandey.
They cried so much when cockroaches were lathi-charged at Jantar Mantar after they continuously attacked security personnel.
Now those same clowns are justifying lathi-charge on LPU students. Why?
Not Shocking: Cockroach Founders openly accept that CJP protest at jantar mantar was all planned by the AAP Maharashtra leader Ajinkya Sinde.
Aam Aadmi Party was managing the stage and backstage activities of Abhijeet Dipke and CJP.
Ashutosh Ranka and Abhijeet Dipke were on stage just for 'Masti'!
विपक्ष : "ज्ञानेश कुमार देश द्रोही है उसे जेल में डालिए"
सवाल : क्या उमर खालिद और शरजील इमाम देशद्रोही हैं ?
विपक्ष : कोर्ट तय करेगी।
तथ्य सामने रख देते है तो लोग अपने मुखौटे 🤡 खुद उतार देते हैं 👇
जंतर मंतर पर बेचारे कॉकरोच लठ्ठ खा रहे थे और मेट्रो स्टेशन पर ये विजेता दहिया बर्गर खाते हुए पकड़ा
अब कॉकरोचों को भी शर्म आएगी ऐसे लीडर को सपोर्ट करने की
मेरे प्रिय कॉकरोचों,
डटे रहना।
कितनी भी लाठी खानी पड़े, भागना मत।
केजरीवाल की तरह मत पलटना।
एक बार कॉकरोच पलट गया तो हमेशा के लिए गया। फिर झाड़ू ही लगेगा।
🤣🤣
अभिजीत को कश्मीरी मुस्लिम का ओपन चैलेंज
अभिजीत मेरी 4 सवालों का जवाब दे
प्रोटेस्ट में पीड़ितों के घरवाले कहा हे?
प्रोटेस्ट में डेली 5 से 7 लाख खर्चा कहा से आता हे?
प्रोटेस्ट में आने वाले लोग पॉलिटीशियन से क्यों जुड़े हे
इस कश्मीरी ने CJP को तो पूरा एक्पोज कर दिया
विशुद्ध व्हाट्सएप्प फारवर्ड::
भगवान का अनंत उपकार
1.टायर चलने पर घिसते हैं, लेकिन पैर के तलवे जीवनभर दौड़ने के बाद भी नए जैसे रहते हैं।
2.शरीर 75% पानी से बना है, फिर भी लाखों रोमकूपों के बावजूद एक बूंद भी लीक नहीं होती।
3.कोई भी वस्तु बिना सहारे नहीं खड़ी रह सकती, लेकिन यह शरीर खुद को संतुलित रखता है।
4.कोई बैटरी बिना चार्जिंग के नहीं चलती, लेकिन हृदय जन्म से लेकर मृत्यु तक बिना रुके धड़कता है।
5.कोई पंप हमेशा नहीं चल सकता, लेकिन रक्त पूरे जीवनभर बिना रुके शरीर में बहता रहता है।
6.दुनिया के सबसे महंगे कैमरे भी सीमित हैं, लेकिन आंखें हजारों मेगापिक्सल की गुणवत्ता में हर दृश्य कैद कर सकती हैं।
7.कोई लैब हर स्वाद टेस्ट नहीं कर सकती, लेकिन जीभ बिना किसी उपकरण के हजारों स्वाद पहचान सकती है।
8.सबसे एडवांस्ड सेंसर भी सीमित होते हैं, लेकिन त्वचा हर हल्की-से-हल्की संवेदना को महसूस कर सकती है।
9.कोई भी यंत्र हर ध्वनि नहीं निकाल सकता, लेकिन कंठ से हजारों फ्रीक्वेंसी की आवाजें पैदा हो सकती हैं।
10.कोई डिवाइस पूरी तरह ध्वनियों को डिकोड नहीं कर सकती, लेकिन कान हर ध्वनि को समझकर अर्थ निकाल लेते हैं।
प्रभु की कृपा।
“सूरा सो पहचानिये जो लरै दीन के हेत,
पुरजा-पुरजा कट मरै कबहूं न छोड़े खेत ”
जो सत्य के लिए लड़ता है, वही सच्चा योद्धा है,
भले ही उसके टुकड़े-टुकड़े हो जाएं, वह कभी युद्धक्षेत्र नहीं छोड़ता।🔥🔥
भारत कभी विकसित या विश्वगुरु नहीं बन सकता क्योंकि भारत चूतियों का देश है, भारत गधों का देश है, भारत प्रचंड मूर्खों का देश है, भारत स्वार्थी और पागलों का देश है
LPG गैस सिलेंडर के नाम पर ऐसे रंडी रोना किया जा रहा है, जैसे सामूहिक शोक हो गया हो
दूसरे देशों में युद्ध छिड़ा है तो भारत के लोगों का गैस के नाम पर रो-रोकर बुरा हाल है
जरा सोचिए कि अगर अपना देश महीने भर के लिए युद्ध में चला जाए तो ये लोग क्या करेंगे ?
अमेरिका, इजरायल, ईरान में युद्ध हो रहा है तो मोदी क्या करे ? सेना लेकर कूद जाए भेंचो कि हमारे तेल के टैंकर भेजो, बाद में फिर लड़ लेना क्योंकि हमारे लोगों को सिलेंडर सुलगाकर उस पर पिछवाड़ा सेंकना है
जरा भी कॉमनसेंस नहीं है भारत की बड़ी आबादी में
जब भारत LPG का 60% हिस्सा आयात करता है और खाड़ी देशों में युद्ध छिड़ा है तो थोड़ा बहुत क्राइसिस होगा ही, फिर गैस एजेंसिया क्राइसिस को बढ़ावा देंगी, फिर विपक्षी नेता इस क्राइसिस को और बढ़ावा देंगे और जनता LPG के नाम पर हाय हाय मोदी मर जा तू कहते हुए दहाड़ें मारकर रोएगी
5-7 साल पहले दिल्ली के अफ़वाह उड़ी कि नमक खत्म हो गया तो आधी दिल्ली परचूनी/किराना की दुकानों पर लाइन में लग गई थी और 50-50 किलो नमक ख़रीदकर घरों में रख लिया था
हम नमक के लिए रोने लगते हैं, प्याज के नाम पर रोते हैं, LPG के लिए रो रहे हैं और फिर भी कहते हैं कि हम तो विश्वगुरु और विकसित बनेंगे
भारत कृषि प्रधान नहीं बल्कि चूतिया प्रधान और रोतड़ू प्रधान देश है
भारत के आधे लोग ईरान का समर्थन कर रहे हैं लेकिन वहां भयानक महंगाई है, जरूरत की तमाम चीजें नहीं मिल रही हैं. आपको ईरान का समर्थन करना है कि ईरान युद्ध के कारण LPG संकट आ गया तो रोने लगे भेंचो
आधे लोग इजरायल का समर्थन कर रहे हैं, वहां ईरान ताबड़तोड़ बम और मिसाइलें मार रहा है, भयानक तबाही मची है. आपको इजरायल का समर्थन करके बहादुर बनना है लेकिन LPG संकट के नाम पर रंडी रोना भी करना है
भाई, भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के हर देश में ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा पदार्थों का संकट आया है तो इस समय रोने की नहीं धैर्य की जरूरत है
मोदी पेशाब करके क्रूड आयल पैदा नहीं कर देगा जिससे पेट्रोल, डीजल या LPG बन सके
या मोदी के बदले राहुल को PN बना दो तो भी वो आपके घरों में गैस से भरे सिलेंडर नहीं भेज देंगे क्योंकि क्रूड तो उनकी पेशाब से भी नहीं निकलेगा, वहां से भी मूत निकलेगा
पूरे देश को पैनिक मोड में लाकर खड़ा कर दिया है भेंचो
इसमें एक बड़ा वर्ग उन लोगों का है, जिनके पास 5/7 साल पहले तक गैस सिलेंडर नहीं थे, मोदी ने ही दिए और मोदी के दिए हुए सिलेंडर ही मोदी पर भारी पड़ रहे हैं
तुम दूसरे देशों के बीच युद्ध के कारण इस तरह रो रहे हो और तुम चाहते हो कि तुम्हें पाकिस्तान के साथ युद्ध करके कश्मीर दे दिया जाये, बलूचिस्तान, सिंध, गिलगिट बाल्टिस्तान को आजाद कराया जाए
अबे अगर ऐसा करने का सोचा भी तो तुम संसद और PM आवास घेर लोगे नामक, तेल, आटा या किसी अन्य चीज के नाम पर
भारत जैसे महान देश में कैसे विशुद्ध पगलैट पब्लिक पैदा होती है यार
अरे सिलेंडर मिल जायेगा यार और अगर कालाबाजारी के कारण न भी मिले तो इंडेक्शन ले लो, इंडेक्शन न मिले तो कुछ चूल्हे पर पका लेना
देश के प्रति कुछ तो दायित्व निभाओ
ये देश सिर्फ उनका ही नहीं है जो सीमा पर मर जाते हैं, ये देश आपका भी है और सिर्फ वोट देकर आप अपने दायित्व की इतिश्री नहीं कर सकते
जब संकट भी घड़ी हो आपको भी सैनिक बनकर किसी युद्ध लड़ना पड़ सकता है
हरिओम पंवार साहब ने लिखा है
क्या ये देश उन्हीं का है जो सीमा पर मर जाते हैं
अपना लहू बहाकर टीका सरहद पर कर जाते हैं
ऐसा युद्ध वतन की ख़ातिर सबको लड़ना पड़ता है
संकट की घड़ियों में सबको सैनिक बनना पड़ता है
जो भी क़ौम वतन की ख़ातिर लड़ने को तैयार नहीं
उसकी संतति को आजादी जीने का अधिकार नही
Burnol moment for Librandu 🔥
शिवालिक के बाद आज नंदा देवी और जग लाडकी जहाज़ भी भारत पहुँच रहा
जब दुनिया टीवी पर युद्ध देख रही — हमारा उपद्रवी विपक्ष LPG पे हंगामा कर रहा
वही मोदी का नया भारत चुपचाप गैस उतारकर पाइपलाइन में भेज रहा है
चायवाले की कूटनीति देखिए — दुनिया के कई जहाज अभी भी इंतजार कर रहे — और सबसे पहले जिन टैंकरों को निकलने की अनुमति मिली, वो भारतीय थे
मोदी का एक सिद्धांत है — हम किसी युद्ध का हिस्सा
नहीं हैं, लेकिन हमें जो चाहिए, वो हम लेकर रहेंगे