देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
Congress party unequivocally supports Women’s Reservation. Parliament unanimously passed the bill in 2023, it is already part of our Constitution.
What the government is proposing now has nothing to do with women’s reservation. This amendment is an attempted power grab using delimitation and gerrymandering.
We will not allow ‘Hissa Chori’ from OBC, Dalit and Adivasi communities by ignoring the caste census data. We will also not allow Southern, North Eastern, North Western and smaller states to be treated unfairly.
मनरेगा के खात्मे का एक ही मकसद है -
गरीबों के रोज़गार के अधिकार को मिटाना,
राज्यों से आर्थिक और राजनीतिक शक्ति चुराना,
और उस पैसे को अरबपति मित्रों को पकड़ाना।
‘एक अकेले’ प्रधानमंत्री की मनमानी का नुकसान पूरा भारत भुगतेगा - रोज़गार खत्म होंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था टूटेगी।
और, जब गांव कमजोर होंगे, तो देश कमजोर होगा।
Election Commission of India must stop protecting Vote Chors.
They should release all incriminating evidence to Karnataka CID within 1 week.
#VoteChoriFactory
वोट चोर सरकार देख लो -
ये गुस्सा है बेरोज़गारी और महंगाई के खिलाफ़
ये आक्रोश है 2 दशक की गरीबी और पलायन के विरुद्ध
ये क्रांति है मताधिकार चोरी के खिलाफ़
ये जनांदोलन है - जनता जाग गई है और समझ चुकी है, चोरी से बनी सरकार जनता की नहीं होती।
#VoterAdhikarYatra
प्रधानमंत्री जी,
राष्ट्र और सेना आपकी छवि, आपकी राजनीति, आपके PR और प्रचार से बहुत ऊपर है।
यह समझने की विनम्रता रखिए, यह स्वीकार करने की गरिमा रखिए।
आपमें अगर निर्णय लेने की क्षमता नहीं थी, तो सेना और राष्ट्र का स्वाभिमान गिरवी रखने का भी आपको कोई अधिकार नहीं था।
सांकेतिक विरोध के रूप में, खुद को सेक्युलर कहने वाले नीतीश कुमार, नायडू और चिराग पासवान जैसे नेताओं की इफ्तार, ईद मिलन और अन्य आयोजनों में शामिल नहीं होगी जमीयत उलमा-ए-हिंद। ये लोग सत्ता के लिए मुसलमानों पर हो रहे अन्याय और अत्याचार पर चुप्पी साधे हुए हैं और देश के संविधान के खिलाफ सरकार का समर्थन कर रहे हैं. वक्फ संशोधन बिल पर इन नेताओं का रवैया इनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है। उन्हें देश के संविधान और धर्मनिरपेक्षता की कोई परवाह नहीं है; वे केवल अपने राजनीतिक हितों में रुचि रखते हैं।
#WaqfBoardAmendmentBill