WAR IS DESTRUCTION.
The US-Israel strikes on Iran killed 108 children in Minab.
Iran retaliated. The Strait of Hormuz is closed.
And the worst part? Iran had agreed to peace talks. Diplomacy was working.
@POTUS@IsraeliPM@Khamenei_ir@UN
Stop the bombing. Stop the retaliation.
https://t.co/vYbc62xKB4
311 पेड़ काटे गए, 202 अब भी खतरे में; न CEC की अनुमति, न पर्यावरणीय आकलन
सवाई माधोपुर में सैकड़ों पेड़ों की कटाई, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की खुली अवहेलना
सवाई माधोपुर।
@BhajanlalBjp@narendramodi
@ngt
@cji@pmo@tree
हम नरेश जी के गांधीवादी-शांतिवादी आंदोलन के साथ है।
भाजपा सरकार को होश में आना चाहिए और अपना अहंकार तोड़कर स्कूल हादसे के शिकार मृतक गरीब बच्चों के परिजनों के लिए अनशन के माध्यम से की जा रही एकदम वाजिब आर्थिक मांग को अविलंब पूरा किया जाए ।
@BhajanlaIBjp@narendramodi
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को राजकीय सम्मान नहीं देने का फ़ैसला जिस किसी का भी रहा होगा वह बेहद निकृष्ट क़िस्म का प्राणी होगा। संस्कार और संस्कृति की राजनीति इतनी ढोंगी और वाहियात निकलेगी मुझे ज़रा भी शक नहीं था। वही हुआ।
टोंक सवाई माधोपुर के सांसद श्री हरिश्चंद्र मीना जी आपकी भी नैतिक जिम्मेदारी और दायित्व है कि जनविरोधी डूंगरी बांध योजना को लेकर संसद में मजबूत स्वर में अपनी बात रखें । यह योजना वास्तव में कॉर्पोरेट के लिए है । ये मांग "डूंगरी बांध योजना रद्द हो" को पूरा करवाने में आगे आए ।
डूंगरी बांध परियोजना से होने वाले नुकसान:
1. डूंगरी बांध परियोजना के कारण 76 से अधिक मीणा, गुर्जर, जाटव बहुल गांव उजाड़े जा रहे हैं।
2. लगभग 50,000 से अधिक दलित, आदिवासी, किसान और भूमिहीन लोग जबरन बेदखल किए जाएंगे।
3. यह परियोजना PESA कानून का उल्लंघन है क्योंकि इसमें ग्रामसभा की स्वीकृति नहीं ली गई है।
4. आदिवासियों के परंपरागत वनाधिकार छीनकर Forest Rights Act (FRA) को दरकिनार किया जा रहा है।
5. अनुसूचित क्षेत्रों में राष्ट्रपति की अनुमति के बिना परियोजना शुरू करना संविधान का उल्लंघन है।
6. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की भावना को ठेस पहुंचाते हुए बहुजन समुदायों को उजाड़ा जा रहा है।
7. विस्थापन के ज़रिए आरक्षित विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों को सामान्य बनाने की राजनीतिक साज़िश प्रतीत होती है।
8. डूंगरी बांध के कारण हजारों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि हमेशा के लिए पानी में डूब जाएगी।
9. जंगल, ज़मीन और नदियों पर निर्भर आदिवासी समुदाय की आजीविका पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
10. मुआवज़ा वितरण में भ्रष्टाचार और भेदभाव की आशंका है क्योंकि अधिकांश ग्रामीणों के पास ज़मीन का कागज़ नहीं है।
11. रणथंभौर और केलादेवी जैसे संरक्षित क्षेत्रों में हजारों पेड़ काटे जाएंगे जिससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा।
12. टाइगर, तेंदुआ, हिरण, लोमड़ी जैसे वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होकर वन्य जीवन संकट में आ जाएगा।
#डूंगरी_बांध_नहीं_चाहिए
जब कोर्ट के निर्णय अनुसार मीणा जनजाति पर हिंदू विवाह अधिनियम लागू नहीं होता, तो फिर क्यों जनगणना में आदिवासियों को "हिंदू" धर्म में जबरन गिना जाता है? क्या यह संवैधानिक अन्याय नहीं है? जब संविधान की पाँचवीं अनुसूची वाले क्षेत्र आदिवासियों को सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से स्वतंत्र मानते हैं, तो फिर सरकार आदिवासी समाज को पृथक धर्म कोड देने से क्यों भाग रही है? जब आदिवासी समाज की पहचान, पूजा-पद्धति, और जीवनदर्शन हिंदू, मुस्लिम या ईसाई से अलग है, तो फिर उन्हें हिन्दू धर्म में शामिल कर उनका "धर्मिक उपनिवेशीकरण" क्यों किया जा रहा है? क्या यह आदिवासी आत्मनिर्णय के अधिकार का उल्लंघन नहीं है? क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है कि जब कानून के मामले आते हैं तो आदिवासी हिंदू नहीं माने जाते, लेकिन जब धार्मिक जनसंख्या गणना होती है, तब उन्हें हिंदू गिन लिया जाता है? यह "गणना की राजनीति" कब तक चलेगी? क्या सरकार और आरएसएस की यह रणनीति नहीं है कि आदिवासियों को "वनवासी" कहकर उन्हें हिंदू छत्रछाया में रखो, लेकिन जब अधिकारों और समानता की बात हो, तो उन्हें हाशिए पर छोड़ दो? क्या यह आदिवासी अस्मिता का शोषण नहीं है?
@narendramodi@rashtrapatibhvn@jualoram
प्रस्तावित डूंगरी बांध को लेकर सरकार को निश्चित तौर पर स्थानीय लोगों की आपत्तियों और असहमति को बहुत गंभीरता से लिए जाने की सख्त जरूरत है ।
@narendramodi@BhajanlalBjp