When @Wangchuk66 was detained, the BJP IT cell called us anti-national, Chinese agents, foreign-funded, and every other label they could manufacture.
Today, because we called the Congress' protest at PM's residence insincere, Congress trolls are calling us Sanghis, RSS and BJP stooges.
Different flags. Same playbook. The rot has infected our entire political culture.
India needs more than just a change of government. It needs a change in the very grammar of politics, where disagreement is met with dialogue, not demonisation; where patriotism is measured by integrity, not party affiliation; and where truth matters more than tribal loyalty.
@narendramodi@RahulGandhi
चंद्रशेखर पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने जंतर मंतर पहुँच कर इस छात्र आंदोलन को समर्थन दिया था। ना सिर्फ समर्थन बल्कि छात्रों के साथ वहीं पर मजबूती से डटे भी रहे।
चंद्रशेखर ने जंतर मंतर से कहा था कि 20 तारीख के आंदोलन में यहाँ आदमी ही आदमी होंगे। और हुआ भी वही।
चंद्रशेखर जननायक है।
ये no 080054 93497 विद्युत सम्बंधित से मटेरा फीडर जिला बहराइच से हैं जो हमेशा switch off रहता हैं लाइट 24 घंटे में दो घंटे भी नहीं दे रहे हैं यहाँ के कर्मचारी इतने निकम्मे हैं की लाइट से सम्बंधित कोई भी शिकायत संज्ञान मे नहीं लेते हैं @UPPCLLKO@UPLive100news2
दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक जी विगत अठारह दिन से आमरण अनशन पर है लेकिन सरकार उनके प्रति थोड़ी सी भी गंभीर नहीं है कल हम शाम पांच बजे जंतर मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक जी से मुलाकात करेंगे।
@OfficialBKU@ANI
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा भी सोनम वांगचुक के समर्थन में सामने आईं,
इंस्टाग्राम पर भावुक संदेश साझा करते हुए उन्होंने कहा कि "सर, हम आपको खो नहीं सकते।"
शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो 😳
उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के बिलग्राम थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद शर्मनाक, अमानवीय और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली है।
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि बच्ची 22 जून से लापता थी, लेकिन सूचना देने के बावजूद पुलिस ने उसी दिन शिकायत दर्ज नहीं की और अगले दिन एफआईआर दर्ज की। 28 जून को बच्ची के मिलने के बाद, परिजनों के अनुसार, उसे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। इसके बावजूद यदि उसका समय पर चिकित्सीय उपचार और मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया तथा महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उसे डराने-धमकाने की भी शिकायत है। ये आरोप अत्यंत गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
परिजनों का यह भी आरोप है कि मामले में प्रारंभिक स्तर पर POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधान भी लागू नहीं किए गए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर बेटियों को समय पर न्याय और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था कब मिलेगी?
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि पीड़िता को तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और प्रभावी जांच कर सभी आवश्यक कानूनी प्रावधानों, जिनमें POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की लागू होने वाली धाराएं भी शामिल हैं, के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही, संवेदनहीनता या अनुचित व्यवहार पर सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़िता और उसके परिवार को शीघ्र न्याय मिले।
भीम आर्मी–आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की हरदोई टीम शुरुआत से ही पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
@CMOfficeUP