@PuttraGargi@Kumar1975Rajesh ग़ज़बे है ! ये तीन लोग है!
तीसरे के पापा की फोटो ही नहीं मिली।
छिहत्तर साल से ढूँढ रहे है अंडभक्त!
पैदा सन् पचास में हुआ लेकिन आज़ादी के आंदोलन में सबसे आगे था ।
क्या ये सही है पापा का देहांत १९४७ में हो गया था और पैदाइश १९५० में हुई ?
@Kumar1975Rajesh माननीय जज ने बताया की “Gen Z” होना, शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए अनिवार्य योग्यता थी !
इसके लिए सविंधान के मौलिक अधिकारो का कोई योगदान था की नहीं ?
वाकई कमल का न्यायिक सिद्धांत लागू होता है
और बाक़ी सब कुछ पता था बस संघी गुंडो के कांड का पता नहीं था ?
@SiyasatSamvad दो में से एक बहुत ही थका हुआ दिख रहा है जैसे बहुत काम कर के आया हो !
क्या बता रहा होगा ! कैसे हुआ ? क्या क्या किया ?
छोटी छोटी बच्चियों और लड़को के साथ यौनाचार घृणित अपराध करने वाले एपस्टीन के साथ बेहद ही शर्मनाक वार्तालाप रहा होगा ?
@AshokShrivasta6 पता है ।
अगर पत्रकार होता तो पूछता सवाल !
कोई तो पत्तलकार है इसलिए चाट रहा है झूठन पत्तल से और ईमानदारी से स्पष्टीकरण दे रहा ।
कैसे कैसे पत्तल चाटने वाले, है महामानव की ?
Take close look at this photo.
Which one of the guys looks totally shagged and tired ?
What he must be talking ? About his experience?
Absolutely Shameful!
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