Why the long rope to them in Uttarakhand?
They are creating nuisance in Public Places
Being a Nihang does not give them the right to take law and order in their hands!
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी का चुनाव निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ इंदिरा जी सुप्रीम कोर्ट गईं, लेकिन उन्हें पूर्ण राहत नहीं मिली।
जब यह घटनाक्रम हुआ, तब इंदिरा गांधी को बचाने की कोशिशें शुरू हुईं और इसी क्रम में आपातकाल लगाया गया।
ध्यान रखिए, इंदिरा गांधी की कुर्सी बचाने के लिए ही आपातकाल लगाया गया था।
- श्री @rsprasad जी
#SamvidhanHatyaDiwas
25 जून 1975 की वह काली रात देश कभी नहीं भूल सकता, जब इंदिरा जी ने आपातकाल लगाया था। संविधान को तार-तार कर दिया गया, लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया और नागरिक स्वतंत्रता को पैरों तले रौंद दिया गया। विरोध की हर आवाज़ कुचल दी गई।
मैं उन लोकतंत्र सेनानियों को प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया, जेल गए और अमानुषिक यातनाएं सहीं। उन्हीं की तपस्या से लोकतंत्र फिर बहाल हुआ। आइए, संकल्प लें कि लोकतंत्र, नागरिक स्वतंत्रता और संविधान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे, ताकि वह काला दिन फिर कभी न आए।