दिल्ली पुलिस की सारी बहादुरी छात्रों और महिला पत्रकारों पर लाठी चलाने के लिए है.
कहाँ हैं मोदीजी? अपने ये कबूलनामा सुना या नहीं? योगीजी! आपने सुना?
@narendramodi@myogiadityanath
दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के वकील खुलकर समर्थन में उतरे। उन्होंने दोषियों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और जेल भेजने की मांग की है।
"पत्रकारों की सुरक्षा और देश की हिफाजत करना हम सबकी जिम्मेदारी है।"
#Delhi#JournalistSafety #Justice #SupremeCourt
यह गुंडा तत्व, असामाजिक तत्व, अपराधी मुस्लिम बहन बेटियों पर बद नज़र रखे हुए है। मजाल भला कि @DelhiPolice इसके खिलाफ कोई सख्त कार्रावाई कर पाए। मजाल भला जो @CPDelhi इस पर UAPA लगा पाएं। अभी कोई ‘दूसरा’ व्यक्ति ‘दूसरों’ की बहन बेटियों पर ‘दूसरे’ समुदाय पर ऐसी ही वाह्यात टिप्पणी कर दे तो @HMOIndia इतना सक्रिय होगा कि उसे इसमें साजिश नज़र आएगी। उसके तार ISI और अलकायदा से जोड़े जाएंगे। लेकिन इस मामले में?
4 PM की पत्रकार शाहीन को धार्मिक आधार पर पीटे जाने के BBC लंदन की पत्रकार रही हुदा जरीवाला ने दिल्ली पुलिस को दिखाया आइना ,
हुदा जरीवाला का दिल्ली पुलिस से किये गए ये सवाल आने वाले इतिहास में स्वर्ण पन्नों में लिखें जायेंगे ,
सलाम है ऐसे पत्रकारो पर ,
दिल्ली पुलिस के अफसर आज डरे सहमे नहीं होंगे, बल्कि शर्मिंदा होंगे कि इसी दिन के लिए वर्दी पहनी थी कि हत्या के प्रयास के आरोपी को एक फोन पर छोड़ देंगे? ऐसा भी क्या है दिल्ली में? जिस शहर में घंटों जाम में रहना पड़ता है, उस शहर में अफसरी करने का यही सुख रह गया है कि कोई सर फोड़ने की बात कैमरे पर कर रहा है, पुलिस FIR और गिरफ़्तारी तक नहीं कर पा रही है। दिल्ली पुलिस के बड़े अफ़सरों को ख़राब लग रहा होगा? अगर शर्मिंदगी भी महसूस हो रही है तो वह भी बड़ी बात है। बाकी किसी कमज़ोर को पकड़ कर, किसी को उठाकर थाने में बंद करने के लिए IPS होने की ज़रूरत नहीं है। वह काम तो स्वतंत्र भारद्वाज बिना UPSC की परीक्षा में बैठे ही कर रहा है।
सरकारी स्कूलों में सबसे ज्यादा SC,ST,OBC वर्ग के बच्चे पढ़ते है। क्या इसलिए इन स्कूलों की बदहाली को नजरअंदाज किया जा रहा है? अगर सरकार सच में समान अवसर चाहती है, तो सरकारी स्कूलों को मजबूत करना होगा क्योंकि गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े बच्चों का भविष्य इन्हीं स्कूलों से जुड़ा है।
मुस्लिम युवक के साथ ऐसी क्रूर हरकत शायद ही आप ने सुनी होगी। मामला उत्तराखंड के गदरपुर का है जहाँ एक मुस्लिम युवक का अपहरण के बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट और गैंग कुकर्म किए जाने का आरोप है। इस मामले में पंकज, विशाल समेत चार पर नामजद मामला दर्ज है। यहाँ मोहम्मद दीपक कि तरह एक हिंदू जिम ट्रेनर मोहित चौपड़ा खुलकर पीड़ित मुस्लिम युवक के पक्ष में खड़े नज़र आए, उन्होंने प्रशासन से आरोपियों को सख्त सज़ा दिलाने कि गुहार लगाई.