@KRISHANKBEDI@MAHIPALDHANDA1@parmod_vij
सब सफाई कर्मचारी क्या उनका परिवार नहीं है 2 महीने से ऊपर उनकी सैलरी रुकी हुई है पुरे शहर मे कूड़े का उठाने संबधित समाधान रुका हुआ है या फिर क्रिकेट या और मीटिंग ही सब है पानीपत की जनता को कितनी कठनाईयो का सामना करना पड रहा है @cmohry
@KRISHANKBEDI जी ज़ब इतने ही अपने भाई सफाई कर्मचारी की आप आवाज उठाते हो 2 महीने से उन सफाई कर्मचारीयो की सैलरी नहीं आई जिनका घर सिर्फ सेलरी पर चलता हो आपसे उम्मीद he की कृपा उन सफाई कर्मचारियों की आवाज बनिये 🙏
@narendramodi
"मोदी जी का हर निर्णय देश के उज्ज्वल भविष्य और युवाओं के हित में होता है। इस महत्वपूर्ण संदेश को साझा करने के लिए माननीय मेयर कोमल सैनी जी का आभार। आपका जनजागरूकता का प्रयास प्रशंसनीय है।
@realDonaldTrump “Sir, if you announce that Bajrang Dal, RSS, and Sanatanis from India are invited to your country, Iran would be finished in the blink of an eye. 🙏 Jai Shri Ram.”
खुरपेंची सूचना 🚨:
हमारी खुरपेंची टीम MPLADS पोर्टल से लगातार
सांसदों के रिकार्ड खंगाल रही है और उनकी पोल खोल रही है।
आपको जिस सासंद की कुंडली की छानबीन करवानी हों, जिन्होंने क्षेत्र में ढंग से काम ना किया हो, उनके नाम, क्षेत्र सहित कमेंट में बताइए।
कामचोरों की रेल और अच्छे कार्यों की प्रशंसा, दोनों बराबर मात्रा में करेंगे। ताकि आम जनता को सच पता चले।
जय हिंद 🇮🇳🙏
एक छोटी बच्ची के वालिद गुम हो गए थे, बच्ची ने पुलिस को वालिद का स्केच करके दिखाया, न्यूज़ एंकर्स को अंदाज़ा नहीं था कि स्केच बिल्कुल उसके वालिद जैसा होगा
और जैसे ही पुलिस ने शख्स को ढूंढ़ निकाला, उसकी असल तस्वीर देखकर न्यूज़ एंकर्स की हंसी निकल गई
कमाल बच्ची थी 😅
गहलोत साहब ने महिला का घूँघट हटाया….!!!
लोग तारीफ़ों के पुल बांधने लग गए…
देखो देखो गहलोत साहब की सोच कितनी प्रगतिशील है…
आज नीतीश कुमार ने महिला का हिजाब हटाया…
वही लोग छाती पीट पीट कर रोने लग गए…
देखो देखो मुसलमानों को जीने नहीं दिया जा रहा है…!!
वाह रे दोगले लोगों….!!
प्राइवेट नौकरी वाले टारगेट से मरते नहीं हैं।
प्राइवेट नॉकरी वालो को लम्बी अवधि का कोई भी टास्क दे दिया जाए तो वो समय से पूर्व पूर्ण करते है
परन्तु
दूसरी तरफ सरकारी नॉकरी वाले #BLO 1 महीने का वर्क प्रेशर नहीं झेल पा रहे है!!
ऐसा इसलिए हो रहा हैं क्योंकि इन सरकारी नॉकरी वालो ने कभी समय की सीमा में बंधकर काम किया ही नहीं।
काम की छोड़े इन्होंने 8 घण्टे ड्यूटी भी कभी पूर्ण नहीं की।
डॉक्टरों को सिर्फ सैलरी नहीं , टारगेट भी दिए जाते हैं – कितने ऑपरेशन , कितनी सर्जरी ,
मतलब जिस मरीज को ऑपरेशन की जरूरत ही नहीं , उसका भी ऑपरेशन किया जाता है ताकि बिल बने।
जिस महिला का नॉर्मल डिलीवरी से सुरक्षित प्रसव हो सकता है, उसे भी जबरन सी-सेक्शन करवाया जाता है क्योंकि उसमें ज़्यादा पैसा है।
अब सवाल ये है 👇
क्या डॉक्टर अब हीलर नहीं, सेल्समैन बन चुके हैं?
मरीज की जान कम और रेवेन्यू ज़्यादा जरूरी हो गया है?
मेडिकल एथिक्स कहां गई?
हेल्थ डिपार्टमेंट और मेडिकल काउंसिल इन सब पर चुप क्यों हैं?
प्राइवेट हॉस्पिटल्स पर कोई ऑडिट और निगरानी क्यों नहीं?