तीन भारतीय मारे गए हैं- ओमान के पास एक टैंकर पर अमेरिकी कार्रवाई में|
ऐसे समय में देश को जवाब चाहिए, संवेदना चाहिए|
साहब विदेश जा चुके है । और इधर टीवी स्टूडियो में सवाल यह है कि भारत का मान कितना बढ़ गया, दोस्त कितने बन गए और दुनिया हमें कैसे देखती है।
कमाल की देशभक्ति है ?
एक तरफ़ जब भारतीयों की अर्थियाँ उठ रही हों, तब आत्मप्रशंसा आत्ममुग्धता कितनी शोभा देता है ?
राष्ट्र का सम्मान अपने नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा से है।
हमारे PM trump को thank you tweet कर सकते है- मगर इसपे सवाल नहीं ? 💔💔💔💔
जो लोग भारत मे बकरे को बचाने के लिए मुसलमानो के मोहल्लो मे सूअर लेकर पहुंच रहे थे...
वो लोग आज तीन #भारतीय_हिन्दू_नविको की अमरीका द्वारा की गयी हत्या पर अमरीकन दुतावास नहीं पहुंच रहे है और ना ही अमरीका के खिलाफ कोई बयानबाज़ी कर रहे है...
ऐसा क्यों?
“केवल भारतीय नाविकों पर हमला हो रहा है”
ईरान में भारतीय नाविक मदद की गुहार लगा रहे हैं
उनका कहना है कि अमेरिका जानबूझकर उन जहाजों पर हमला कर रहा है जिन पर भारतीय मौजूद हैं
नरेंद्र मोदी के compromised होने की कीमत पूरा देश चुका रहा है
अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के बाद मोदी सरकार का मौन शर्मनाक है। अमेरिका इन हत्याओं पर अफसोस जताने और माफी मांगने की जगह धमकी और आदेश की भाषा इस्तेमाल कर रहा है।
अमेरिका को सख्ती से यह बताने की जरूरत है कि भारत एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है जो अपनी संप्रभुता की रक्षा करना जानता है। लेकिन हमारे Compromised प्रधानमंत्री न देशवासियों की सुरक्षा कर पा रहे हैं, न ही देश की संप्रभुता की।
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सभी श्रमिक भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं।
अपनी मेहनत और लगन से आप देश की नींव को मजबूत करते हैं। आपका संघर्ष और योगदान भारत के निर्माण की असली ताकत हैं।
हमारा संकल्प है कि आपके श्रम को सम्मान मिले, आपके अधिकारों की रक्षा हो, और भारत की प्रगति में आपकी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए आपका भविष्य सुरक्षित बनाया जाए।
आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।
भगवान गौतम बुद्ध का जीवन दर्शन और उनके विचार सम्पूर्ण मानवता के लिए शिक्षा हैं - अहिंसा, करुणा, सत्य, सामाजिक समरसता और नैतिकता की।
उनका दिखाया मार्ग हमें हमेशा शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।
तमाम एयरपोर्ट प्रधानमंत्री ने अपने ‘टेम्पो वाले मित्र’ को सौंप दिए हैं। देश की संपत्ति कितने टेम्पो के बदले बेची गयी, क्या नरेंद्र मोदी जनता को बताएंगे?
Andhbhakts will give the excuse that this is “strategic” blah blah and then cry about heatwaves at the same time.
Good job by Rahul Gandhi for raising this issue. This forest must be saved at any cost.
चुनावी राहत खत्म, महंगाई की गर्मी तैयार!
29th April के बाद देखिए - पेट्रोल, डीज़ल, सब महंगे होंगे।
जब तेल सस्ता था, मोदी सरकार ने अपना मुनाफ़ा रखा। अब महंगा है, तो बोझ आप पर डालेगी।
सस्ते की लूट मचाती सरकार - जनता को बस महंगाई की मार।
लद्दाख के युवाओं ने मुझे बताया कि किस तरह उनके खूबसूरत आशियाने को एक पुलिस राज में बदल दिया गया है।
उनकी आवाज़ दबा दी गई है, लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल दिया गया है और उनकी ज़मीन और नाज़ुक पर्यावरण को मोदी जी के अरबपति मित्रों के हवाले किया जा रहा है।
लद्दाख के लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं। वो रोज़गार और उद्योग चाहते हैं, मगर ऐसा विकास जो स्थानीय लोगों को फायदा पहुँचाए।
आशा है कि अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री इस सच्चाई को समझ पाएं।
I travelled through Great Nicobar today.
These are the most extraordinary forests I have ever seen in my life. Trees older than memory. Forests that took generations to grow.
The people on this island are equally beautiful - both the adivasi communities and the settlers - but they are being robbed of what is rightfully theirs.
The government calls what it is doing here a “Project.” What I have seen is not a project. It is millions of trees marked for the axe. It is 160 square kilometres of rainforest condemned to die. It is communities that have been ignored while their homes have been snatched away.
This is not development. This is destruction dressed in development’s language.
So I will say it plainly, and I will keep saying it: what is being done in Great Nicobar is one of the biggest scams and gravest crimes against this country’s natural and tribal heritage in our lifetime.
It must be stopped. And it can be stopped - if Indians choose to see what I have seen.