देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
ये तो इस्तीफ़ा लेकर ही जायेंगे मोदी जी
सरकार को लगा होगा कल के लाठीचार्ज के बाद छात्र घर चले जायेंगे
लेकिन आज देखिये हजारों की संख्या में छात्र जुटे हैं !
रात की 2 बज गई है… लेकिन जंतर-मंतर जाग रहा है।
देश का युवा अपनी ताकत दिखा रहा है। भीड़ लगातार बढ़ रही है—बिना किसी बुलावे के, स्वतःस्फूर्त।
ये कैसी आहट है? ये किस बदलाव का संकेत है?
जंतर-मंतर ने कई आंदोलन देखे हैं, लेकिन ऐसा जनसैलाब कम ही देखने को मिला है। अगर हुक्मरान इस संदेश को नहीं समझते, तो यह उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक भूल होगी। और अगर समझकर भी अनदेखा करते हैं, तो इसे सत्ता के अहंकार के अलावा क्या कहा जाएगा?
इतिहास गवाह है—क्रांतियां अचानक नहीं होतीं, वे धीरे-धीरे जनआक्रोश से जन्म लेती हैं।
जितना आवाज़ दबाओगे, उतनी बुलंद होगी।
जितना हौसले कुचलोगे, उतनी मज़बूती से उठेंगे।
क्योंकि अब डर कम हो रहा है।
और जब युवाओं के मन से डर निकल जाता है, तब बदलाव की दस्तक सुनाई देने लगती है।
जंतर-मंतर पर युवा अपने रक्त से इतिहास लिख रहे है 🔥🔥🔥
#JantarMantar #Delhi #घोरकलजुग
Salute है इन भाई साहब को 🙏
जिसका ज़मीर ज़िंदा होता है,वह अपने देश,अपने संविधान और अपने समाज की रक्षा के लिए स्वयं आगे आता है।
देशभक्ति केवल शब्दों से नहीं, बल्कि सही समय पर सही पक्ष में खड़े होने के साहस से सिद्ध होती है।
"जब राष्ट्र के हित की बात हो, तब मौन होना भी एक अपराध होता है”
#RahulGandhi #Congress
#CJPProtestUpdate
"अगर एक बार फिर बोलने पर उन्हें 'देशद्रोही' कहा जाता है, तो वह इसके लिए तैयार हैं"
◆ सिंगर दिलजीत दोसांझ ने कहा
#DiljitDosanjh | @diljitdosanjh | Diljit Dosanjh
देशवासियों ने जो शेर पाला था वो शेर अब उनके बच्चों का ही खूsन पी रहा है.
आज बच्चे सड़क पर पीsटे जा रहे हैं उसकी जिम्मेदार सिर्फ सरकार नहीं बल्कि बच्चों के माँ-बाप भी हैं जिन्होंने इस भस्मासुर सरकार को खड़ा किया है.
“अगर मुल्क की रहनुमाई एक जाहिल करेगा, तो वह यही चाहेगा कि पूरा देश उसकी तरह जाहिल, नाक़ाबिल, नासमझ और बेरहम बने।”
~ नसीरुद्दीन जी
सलाम उस हर युवा और छात्र को, जिन्होंने लड़ना नहीं छोड़ा, झुकना नहीं स्वीकारा, और लाठियाँ टूटीं, लेकिन वे नहीं टूटे।
जंतर मंतर के आज के माहौल को इस वीडियो से मत समझना, ये तो सिर्फ़ टिप ऑफ आइसबर्ग है। आज यहां सांसद मार्च से पहले वाली रात से भी ज्यादा भीड़ हो गई है।
केरल हाउस से लेकर सीपी के इनर सर्किल तक, दूसरी तरफ जनपथ रोड से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक जगह जगह लोग हैं। इस बार खाना पानी इतना है कि प्रदर्शनकारी समझ मुझे 10 मिनट के अंदर चार लोगों ने घर का खाने से लेकर पिज्जा तक ऑफर कर दिया। लोग आने और जाने के लिए लाइनों में काफी देर तक इंतजार कर रहे हैं। गर्मी से बचने के लिए एक दूसरे को हवा करते लोग, खाना खिलाते लोग। ये आंदोलन अब और बड़ा हो रहा है।
- ये पत्रकार का न्यूट्रल नजरिया है।
#JantarMantar
मेरे देशवासियों इस बहन का विडिओ सुनकर तुमारा खून न खोल रहा है तो तुम जीते जी मर चुके हो
यह दिल्ली पुलिस की बर्बरता को दर्द के साथ बया कर रही है कितनी गंदी गंदी गालियां दी लड़कियों को दिल्ली पुलिस गालियां कितनी क्या बोली इस बहन के मुह से सुन लो
फिर भी तुम घरों में छुपकर बेठे तो तो तुम इस देश मे ग़ुलामी को स्वीकार कर चुके हो यह जान लो
एक बात समझ लो दिल्ली में लड़कियों को सुरक्षित महसूस क्यों न करती क्योंकि दिल्ली पुलिस की हरकतें कल पूरा देश देख चुका
अब हर जगह यह विडिओ इस बहन का दर्द को समझ लो
आज इस देश में जो नेता विपक्ष के साथ किया गया है वह इस देश के लोकतंत्र के वर्तमान स्थिति का प्रतीक है। जैसा आज नेता विपक्ष राहुल गांधी जी के साथ किया गया है वो पिछले 75 साल में कभी नहीं हुआ। लोकतंत्र की हत्या का स्पष्ट नमूना है।