Muslim sisters & daughters are protesting outside the Congress HQ to Smash Patriarchy in their community.
But Rahul Gandhi doesn’t DARE speak a word in their favour.
Because if he does, there will be a Fatwa. And his favourite VOTE BANK will desert him forever.
Muslim sisters and daughters are protesting outside the Congress headquarters against the patriarchy in their community..
But Rahul gandhi did not dare to speak a word in their favour ...
राहुल गांधी के दावों की पड़ताल के लिए नई वेबसाइट “Jhooth Ki Goonj” लॉन्च हुई है।
यहाँ उनके हर झूठे दावे का फैक्ट-चेक किया गया है।
एक बार जरूर देखें और आगे साझा करें—तथ्य खुद बोलेंगे।
https://t.co/cNy6d2s1Nc
सोशल मीडिया के भ्रामक दावों से अलग हटकर अगर डेटा देखें तो इथेनॉल नीति देश के लिए वरदान साबित हुई है
2014 में मात्र 1.5 प्रतिशत रहने वाली ब्लेंडिंग आज E20 के करीब पहुंच चुकी है
नितिन गडकरी जी ने जिस बदलाव की नींव रखी थी उसने चीनी मिलों को मल्टी प्रोडक्ट ऊर्जा केंद्र बना दिया है
घरेलू बाजार में चीनी के दाम नियंत्रित करने के लिए 10 लाख टन आयात का निर्णय पूरी तरह तार्किक है
सच्चे अर्थों में यही गतिशील नीति देश के उपभोक्ता और किसान दोनों की सच्ची ढाल है
Selling product is one thing but selling soft porn in the name of product is another.. action should be taken against myntra and other platform for spreading nudity
CJP और केजरीवाल के पालतू दीपके, सौरव वगैरह कभी पंजाब की इस असलियत के बारे में बोलेंगे ?
संगरूर में बच्चे अभी भी सुरक्षित क्लासरूम का इंतज़ार कर रहे हैं।
बेंडा में स्कूल तोड़ दिया गया, सुनाम और फाजिल्का में बरामदों में क्लास चल रही है।
स्कूल बिल्डिंग का नामो निशान नहीं !
सोशल मीडिया पर केजरीवाल और पंजाब सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं और दूसरो को चुनौती देते फिरते है पर पंजाब की जमीनी हकीकत कुछ और कहती है।
जब राहुल गांधी भारत के सुपर प्रधानमंत्री थे सरकार का ऑर्डिनेंस फाड़ने की हिम्मत रखते थे कांग्रेस का शासन था
तब एनडीटीवी पर शबाना आजमी ने जमा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी से सवाल पूछा कि आप महिलाओं के पहनावे पर फतवा क्यों दे रहे हैं ? महिलाएं जो चाहेगी वह पहन सकती हैं
तब इमाम बुखारी ने कहा था कि मैं तवायफो नाचने गाने वालीयो बाजारू महिलाओं के सवाल का जवाब नहीं देता
अफसोस उसे वक्त पितृसत्तात्मक व्यवस्था को खत्म करने वाली बरखा दत्त भी थी लेकिन इतनी घटिया जवाब के बाद भी वह मौलाना साहब मौलाना साहब कह रही थी