प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।
आदरणीय @SadhnaShivraj जी हमारे प्रदेश की महिलाओं की(जो NHM में कार्यरत हैं) ये तस्वीर बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं ये भी आपकी बहन और बेटी के समान ��ैं मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप तुंरत संज्ञान लेकर चल रही एनएचएम हड़ताल को उनकी मांगे पूर्ण कर समाप्त करवाने में अहम भूमिका निभाएंगी
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।
प्रदेश के 32000 संविदा स्वास्थ्य कर्मी 15 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का हाल पहले से ही खराब है, लेकिन सरकार ने अब तक इस हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई न्याय प्रिय कदम नहीं उठाया है।