▪️आज अनिल अग्रवाल की वेदांता ग्रुप पर ED ने रेड की
▪️ED का आरोप है वेदांता ने FEMA के नियमों का उल्लंघन किया है
▪️कुछ दिनों पहले वेदांता ग्रुप के अनिल अग्रवाल ने अडानी को कोर्ट में चुनौती दी थी, आज रेड हो गई
▪️अनिल अग्रवाल ने JP Associates के अधिग्रहण मामले में अडानी को चैलेंज किया था - सार्वजनिक बयान भी दिया था
• JP Associates की करीब $4 बिलियन (लगभग ₹14,500-17,000 करोड़) की संपत्तियों (रियल एस्टेट, पावर, सीमेंट प्लांट और बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट F1 ट्रैक सहित) की बोली लगी
• वेदांता ने ₹16,726 करोड़ (करीब $1.8 बिलियन) की सबसे ऊंची बोली लगाई
• अनिल अग्रवाल के अनुसार, उन्हें लिखित रूप से highest bidder घोषित किया गया था, लेकिन बाद में फैसला पलट दिया गया
• अडानी ग्रूप ने ₹14,535 करोड़ की बोली लगाई, जिसमें अपफ्रंट पेमेंट ज्यादा था
• Committee of Creditors ने इसे बेहतर माना और फिर NCLT इलाहाबाद बेंच ने 17 मार्च 2026 को अडानी की योजना को मंजूरी दे दी
• वेदांता का आरोप है कि
👉पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और अडानी के पक्ष में थी
👉CoC ने Evaluation metrics अडानी के फेवर में बनाए गए
• वेदांता ने इसे “कॉमर्शियल साजिश” बताया और इसे NCLAT में चुनौती दी
• फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां SC ने भी अडानी डील पर रोक लगाने से इनकार कर दिया
• अभी कानूनी मामला NCLAT में चल रहा है
• अनिल अग्रवाल ने X पर कहा कि “संपत्ति से attachment नहीं है, लेकिन fairness मायने रखती है”
▪️तो भाई सेठों के लिए भी सबक है - मोदी जी की कितनी भी तारीफ़ कर लो, कितनी भी भक्तों कर लो - लेकिन अगर उनके मालिक अडानी की तरफ आंख उठाई तो क़ीमत ज़रूर चुकानी पड़ेगी, सबक़ ज़रूर सिखाया जाएगा. अडानी से पंगा नहीं लेने का!
Khan Sir has gone all guns with Anjana
"Anjana messed with the wrong people,we are not sold out that we would not raise voice against any wrongs
Mehnat ki kamai karte hai, Apke jaise dalali kar ke paisa ni kamate islye nidar hai"
This is War now 😂😂🔥
@RahulGandhi — भाजपा के यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन बनेगा!
— प्रदेश अध्यक्ष कौन बनेगा!
— मुख्यमंत्री कौन बनेगा!
— ये लीक नहीं होता है......
लेकिन पेपर लीक जरूर हो जाते है।
पेट्रोल,डीज़ल,रसोई गैस और सीएनजी के बाद अब उत्तर प्रदेश में बिजली 10 % महंगी हो गई है।ज़्यादा परेशानी वाली बात नहीं है,अगर आपका बिल 1000 ₹ आता है तो अब 1100 ₹ आएगा।5000 ₹ आता है तो 5500 आएगा।इतना तो देश 🇮🇳 के प्रति आपका भी फ़र्ज़ बनता है।
देश की राजनीति बदल रही है।2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में विपक्ष को एकजुट किया।अब परिस्थितियाँ बदल चुकी है।क्षेत्रीय दल कमजोर हो रहे हैं।इस बार मुझे लगता है कि राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष एकजुट होगा और राहुल गांधी भी उसी दिशा में काम कर रहे हैं।
आपको एक कहानी सुनाता हूँ।DK की कहानी।जिसकी शुरुआत तिहाड़ जेल से होती है।DK 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।DK आर्थिक अपराध के आरोप में जेल गए थे।उन्हें आर्थिक अपराध वाले बाक़ी क़ैदियों के साथ रखा गया था।उनमें कई लोगों की शिवकुमार के साथ दोस्ती हो गई।ज़्यादातर ग़रीब लोग थे और बहुत छोटे आर्थिक अपराध के आरोप में जेल में बंद थे।( जैसे पत्नी को गुज़ारा भत्ता ना दे पाना और ज़मींन के झगड़े ) DK को ज़मानत मिल गई।बाहर आकर उन्होंने जेल की दोस्ती निभाई।भारी भरकम वकीलों की एक फ़ौज खड़ी करके जेल के दोस्तों की ज़मानत करवाई।उनमें से एक उनके दिल्ली वाले घर पर काम करता था जो आज कल अपने ज़मीन के मसले को सुलझाने गाँव गया हुआ है और दूसरे को बेंगलुरू के अपने माल मे नौकरी पर रखा।ऐसे ही कई और लोगों को सलाख़ों के पीछे से निकालकर काम दिलवाया।
राजनीति से इतर, राहुल गांधी इसलिए स्टेममैन है..ममता बनर्जी को सुनिए..
“राहुल गांधी ने मुझे फ़ोन किया था और पूछा था कुछ भी मदद चाहिए तो बताना
मैं अभिषेक को हैदराबाद में शिफ्ट करवा सकता हूं”
सरकार में भी एक अजीब सा संघर्ष चल रहा है।NEET और CBSE से उत्पन्न हुई समस्याओं को सिर्फ़ धर्मेंद्र प्रधान से जोड़कर देखा जा रहा है।ज़ाहिर है देखना भी चाहिए क्योंकि वह शिक्षा मंत्री है।दरअसल सरकार की तरफ़ से मीडिया सँभालने वाले लोगों ने उन्हें अकेला छोड़ दिया।आपकी समस्या है, हमारी नही…
नायब सिंह सैनी को दिल्ली नेतृत्व धीरे - धीरे मनोहर लाल के साये से बाहर निकाल रहा है।अर्चना गुप्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर मुख्यमंत्री को और सशक्त किया है।लेकिन पंजाब में बीजेपी का खेल समझ नहीं आया।हिन्दू चेहरे को हटाकर बीजेपी ने भी जट सिख केवल सिंह ढिल्लो को प्रदेश अध्यक्ष बनाया।सुनील जाखड़ और सरदार केवल सिंह दोनों की पूर्व कांग्रेसी है।
Dharmendra Pradhan ji, you can attack me all you want but it won’t absolve you of your crimes. Nor will it stop me from demanding answers for 18.5 lakh children.
Why was the CBSE OSM contract handed to COEMPT - a company already mired in controversy under its old name, Globarena? On whose orders was it done? Why were no background checks done? What is the connection between COEMPT’s management and the Modi government?
Either you ran a background check and went ahead anyway - or you didn’t run one at all. Either way, you are complicit.
As for responsibility - if the PM cared, he should have sacked you long ago for ruining the futures of lakhs of students.