आज़ तो अखिलेश यादव ने हर उस गालीबाज को डिफेंड करने के लिए उतार दिया हैं जिसकी रोज़ी रोटी ही ब्राह्मण को भला बुरा अपमानित करने से चलतीं हैं हे भगवान राजनीति जो न करवाएं
धागा का कोई धर्म नहीं होता।
रंग का कोई धर्म नहीं होता।
कलश का कोई धर्म नहीं होता।
इन्हें बनाने वाले हाथ अक्सर उन्हीं वंचित, मेहनतकश, दलित-आदिवासी और पिछड़े समाजों के होते हैं, जिन्हें इतिहास में सबसे ज्यादा हाशिये पर रखा गया।
सदियों से हमारे समाज के कारीगर मिट्टी को आकार देते आए हैं, धागों को बुनते आए हैं, रंगों से दुनिया सजाते आए हैं।
हमने किसी से सभ्यता नहीं सीखी, बल्कि दुनिया के कई धर्मों और व्यवस्थाओं ने हमारी संस्कृति, हमारे श्रम और हमारी परंपराओं से बहुत कुछ सीखा है।
जो लोग आज प्रतीकों पर अपना एकाधिकार जताते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि किसी भी संस्कृति की असली नींव धर्म नहीं, बल्कि मेहनतकश लोगों के हाथ होते हैं।
सम्मान धर्म का नहीं, सम्मान इंसान और उसके श्रम का होना चाहिए।
@TheAnuDagar@AUJSIHTA इसे तो हम सबक सिखाएंगे साथ ही UGC लाने वाली जातिवादी नितियां बनाने वाली कुम्भ में बटुक ब्राह्मण कि शिखा पकड़कर घसीटने वालीं शंकराचार्यों को गालियां देने वाली ब्राह्मण विधायक को नोटिस भेजने वाली साक्षी महाराज कि टिपण्णी पर अपना मुंह सिलने वालीं पार्टी को भी सबक सिखाएंगे
सोशल जस्टिस वाले नेता आखि़र किसी समाज को अपमानित करके किसके साथ न्याय करना चाहते हैं ? यह न्याय का कौन-सा सा सिद्धांत है जिसका पालन हर सोशलिस्ट नेता करता है
जितने आजतक हुएं हैं चाहें जिस भी प्रदेश के हो
आप एक अच्छे पत्रकार हैं और मुझे लगता हैं कि किसी के छोटा सा वीडियो क्लिप के आधार पर उस पर आरोप लगाना सही नहीं है। वैसे भी उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा है जिससे किसी का अपमान हो। उनका पूरा वीडियो देखने के बाद आप सच से रूबर हो पाए शायद। @rajkumarbhatisp
भाटी जी, आपका पूरा वीडियो सुना और देखा है। ब्राह्मणों वाली बात बोलते हुए जिस तरह आपकी खिलखिलाहट निकली है, पूरे भाषण में कहीं और नहीं है। और इस अभद्र संबोधन पर सभा में बजी तालियां गवाही दे रही हैं कि एक जाति के खिलाफ कितनी नफ़रत है वहां लोगों में!
क्लिप काटने का आरोप मत लगाइए, क्लिप कटने के लिए ही आजकल ऐसी बातें बोली जाती हैं।
आज़ जिन्हें ब्राह्मण के सम्मान कि ज़्यादा चिंता हो रहीं हैं वह उस समय कहा थे जब कुम्भ में बटुक ब्राह्मण कि शिखा पकड़कर घसीटा गया था जो पार्टी, विधायक, आईटी सेल मेम्बर ब्राह्मण के सम्मान में उतरें वह उस दिन किधर थे
राजकुमार भाटी ने अपनी माता जी से तुलना कि यह निंदनीय है
@nishikant_dubey दिलीप मंडल के बाद ज़ुबैर से भी मार्गदर्शन लें रहो हो क्या कि कुछ भी मोदी जी अमित शाह जी को खुश करने के लिए शेयर कर दें रहें हों @the_hindu इसे फेंक बता दिया हैं अब रोना स्टार्ट करों कि सरकार तुम्हारी सिस्टम सोनिया का
बूडा वंश कबीर का उपजा पूत कमाल ।1967 में राहुल गांधी जी की दादी ने सोना ख़रीदने से भारत के लोगों को मना किया,इंदिरा गांधी जी इतने पर ही नहीं मानी 1968 में गोल्ड कंट्रोल क़ानून बना दिया,सोना ख़रीदने,बेचने,रखने,ज़ेवरात बनाने सब पर पाबंदी ।@RahulGandhi जी इ @Jairam_Ramesh जी आपको सचमुच पप्पू बनाना चाहते हैं?
@ManishPandeyLKW अध्यक्ष जी साक्षी महाराज के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दिए थे ? उल्टा ब्राह्मण विधायक को नोटिस भेज दिए थे ज़ुल्म बस बैठक करना था UGC से नाराज़ समाज को साधने के लिए प्रयत्नशील अध्यक्ष को स्वयं कि पार्टी के डीएनए नहीं दिख रहा है सवर्णों के प्रति कैसा है वर्तमान में
अपने मुंह से ब्राह्मण का नाम न लो वहीं बढ़िया है ब्राह्मण विधायक को बैठक करने पर नोटिस भेजने वालें आज DNA कि बात कर रहें हैं 😂 अपना बताईए 🧬 आखि़र किसी अन्य जाति के विधायको को नोटिस क्यों नहीं भेजें ?
ब्राह्मण समाज पर जब भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने बयान दिया था तब किधर थें ?
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दिया गया बयान अमर्यादित और ओछा है।
यह केवल एक व्यक्ति का बयान नहीं बल्कि सपा के 'डीएनए' और उनकी 'बांटो और राज करो' की दूषित मानसिकता का प्रमाण है, जो दशकों से उत्तर प्रदेश की सामाजिक एकता को खंडित करने का प्रयास कर रही है।
भाजपा 'सबका साथ-सबका विकास' के सिद्धांत के साथ सभी जातियों को सम्मान देने का काम करती है। हम समाज को बांटने वाली इन विघटनकारी शक्तियों के मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देंगे।
#सत्ताइस_में_सपा_साफ
#ब्राह्मण_विरोधी_सपा
@BJP4UP
@YadavManish1001@Santoshpandemla इन चिरकुट नेताओं कि बातों में समाज आने वाला नहीं है दोनों तरफ़ से अपने अपने हितों को साधने के लिए सेनाएं उतार दी गई है राजकुमार कोई पहली बार नहीं कहां है वह नीच हमेशा ऐसी टिप्पणी करता है राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए
राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज के विरुद्ध दिया गया अमर्यादित एवं अपमानजनक बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और घोर निंदनीय है। मैं इसकी कड़े शब्दों में भर्त्सना करता हूं।
समाजवादी पार्टी तथा आदरणीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी सदैव ब्राह्मण समाज का सम्मान करते आए हैं। राजकुमार भाटी के इस बयान से समस्त ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
ब्राह्मण समाज आदरणीय अखिलेश यादव जी को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूर्ण रूप से संकल्पित है।
समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, सौहार्द और सर्वसमाज के सम्मान की राजनीति में विश्वास रखती है।
राजकुमार भाटी जैसे व्यक्तियों द्वारा दिए गए अनुशासनहीन और गैर-जिम्मेदाराना बयान पार्टी की विचारधारा तथा उसकी छवि को गंभीर रूप से आहत करते हैं।
किसी भी समाज के प्रति इस प्रकार की ओछी और अमर्यादित टिप्पणी करना न केवल अनुचित है, बल्कि सामाजिक सौहार्द के भी विरुद्ध हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि राजकुमार भाटी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। वे जातीय वैमनस्य फैलाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य के पदचिह्नों पर चलते दिखाई दे रहे हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों और कार्यों के परिणाम क्या हुए,यह सर्वविदित है।
हालांकि राजकुमार भाटी ने माफ़ी मांग ली है,लेकिन उन्हें अपने मानसिक संतुलन पर संयम बनाए रखना चाहिए। ऐसा कोई कार्य या बयान न दें जिससे समाजवादी पार्टी की छवि और संगठन को नुकसान पहुंचे।
माननीय अखिलेश यादव जिंदाबाद।
समाजवादी पार्टी जिंदाबाद।
@gyanu999 राजकुमार भाटी ने अपनी माता जी से हम ब्राह्मणो कि तुलना कि यह निंदनीय है ब्राह्मण समाज सपा प्रवक्ता के बयान को भूलने वाला नहीं है
ब्राह्मण विधायक को बैठक करने पर नोटिस भेजने वाली @BJP4UP अध्यक्ष को भी नहीं भूला हैं इसलिए लीपा-पोती न करें भाजपाई लोग
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी के लिए सर्वाधिक उपयुक्त कहावत-विनाश काले विपरीत बुद्धि।
इस देश का संविधान ब्राह्मणों को भी स्वाभिमान के साथ जीने का हक देता है। कोई बीमार-कुंठित मानसिकता का शख्स ब्राह्मण समाज का अपमान करे तो उसके इलाज के लिए कानून में कई व्यवस्थाएँ हैं