लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और @INCIndia सांसद आदरणीय श्री @RahulGandhi जी सोमवार को दिल्ली में कैब में बैठे
उन्होंने अपने फोन से 10,जनपथ के लिए टैक्सी बुक की।इसके लिए उन्होंने 438 रुपए किराया दिया
राहुल जी कृपया उसके बिल में देखो ड्राइवर को कितना मिला और कंपनी की कमीशन कितनी गई?
@ADATTCU_ इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हम आपको संज्ञान करवाना चाहते हैं कि निखिल नाम का लड़का हमारे सदस्य टैक्सी चालक धर्मेंद्र का लड़का है उम्र 23 वर्ष अपने घर सुल्तानपुरी A/4132 Rohini sector 20 mb-7210578880,9555940700
से पीरागढ़ी काम पर जाने के लिए निकलता है और पास में बने सुल्तानपुरी बस टर्मिनल से 937 नंबर रुट की बस जो की पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलती है उसे पर पीरागढ़ी जाने के लिए जैसे ही चढ़ता है पीछे से एक लड़का उसे पर ताबड़तोड़ दो बार चाकू से हमला करता एक बार तो उसका खाली चला जाता हैं और दूसरा वार निखिल नाम के लड़के के लेफ्ट शोल्डर चाकू से गहरा घाव लग जाता है। लड़का घबरा कर अपने पिता धर्मेंद्र को फोन करता है और लड़के का पिता सुल्तानपुरी थाने में इसकी सूचना तत्काल प्रभाव से देता है जिसको देखते हुए दिल्ली पुलिस के आई यू राहुल जी ने पूरे मामले की छानबीन करते हुए सीसीटीवी फुटेज भी देखते हैं और इस लड़के निखिल कुमार की संजय गांधी अस्पताल में ले जाकर एमएलसी भी करवाई जाती है। अर्थात दिल्ली पुलिस के तमाम आला अधिकारियों से हम गुजारिश करते हैं कि जब घटनास्थल के पास के सीसीटीवी फुटेज में चाकू से हमला करने वाले लड़के की शक्ल साफ दिखाई दे रही है चाकू से हमला करने वाले लड़के को अभी तक क्यों नहीं पकड़ा गया सुल्तानपुरी थाने की पुलिस के माध्यम से तथा आई यू राहुल द्वारा लड़के के पिता को ना तो अभी तक एमएलसी दी गई है और ना ही इस मामले को लेकर दोषी हमलावर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सुल्तानपुरी थाने के IU साहब राहुल के माध्यम से कहां जा रहा है कि अब हमला करने वाला कहां पर पुलिस के हाथ में लगेगा अगर इसी तरीके की भाषा दिल्ली पुलिस बोलने लग जाए तो अपराधियों के भी हौसले बुलंद हो जाएंगे तो फिर हम नागरिक कहां पर जाएगा न्याय लेने के लिए
संगठन आपसे विनम्र अनुरोध करता है कि इस मामले पर तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेते हुए सरेआम पब्लिक के बीच में चाकू से हमला करने वाले लड़के की पहचान करते हुए तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए और कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे सलाखों के पीछे पहुंचते हुए इस लड़के निखिल कुमार को आपके माध्यम से न्याय दिया जाए जिससे कि आम नागरिक का दिल्ली पुलिस की कानून व्यवस्था पर विश्वास सदैव बना रहे।
@DelhiPolice@CPDelhi@DCP_NorthWest@ANI@PTI_News@BBCHindi@ians_india@SurajSolanki@rajeev_sharmand@SushantMehraAT
“हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।”
कल दोपहर के खाने पर एक ऑटो चालक भाई ने यह कहा। एक वाक्य में देश के लाखों ग़रीबों की पूरी कहानी आ गई।
आमदनी का मीटर बंद। महंगाई का ब्रेक फेल। और सुनने वाली सरकार बहरी।
CNG से LPG तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर, सीधा वार है।
महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं - “public transport इस्तेमाल कीजिए।” और जो लोग public transport की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं।
आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है - कल की रोटी कहाँ से आएगी?
Read this story. Carefully.
CBSE called for OSM tenders thrice. Zero bids the first time. No qualified bidder the second time. And finally, the technical bar was lowered until COEMPT could clear it.
Scanning resolution cut. Robotic scanner requirement dropped. CMMI certification lowered from Level 5 to Level 3. Penalties for errors in answer sheets removed.
TCS, India’s biggest IT services company, qualified in the third round too. TCS lost. COEMPT - a company with a spectacular track record of failure - won.
And what are CBSE students complaining about today? Badly scanned answer sheets. Missing pages. A broken evaluation portal.
Teachers had warned CBSE that the OSM system needed at least a year or two for further preparation before nationwide implementation, yet it was rushed through.
So I ask again - who wanted COEMPT to win? Who lowered the bar, step by step, until this company could clear it?
Pradhan ji and CBSE say “due process was followed.” That is not an answer, that is not accountability. The question is whether the contract was honestly awarded to the best company which could do the job correctly.
The futures of 18.5 lakh children were handed to a company that could only qualify after the rules were bent for it.
To the BJP Ministers attacking me for asking questions - I have, from day one, demanded an independent judicial probe. Expand it from CBSE to every contract awarded to COEMPT. Our youth deserve the truth.
And Modi ji, your silence on the CBSE debacle and inaction against the Education Minister tells the country what you actually care about - not the futures of lakhs of students, only the survival of your own government.
विजय पंडित नाम के एक पुजारी ने मंदिर के अंदर 10 साल की दलित लड़की के साथ रेप करने की कोशिश की।
जब आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई हुई, तो पूरे ब्राह्मण समुदाय ने आरोपी के सपोर्ट में पुलिस स्टेशन को घेर लिया।
गोर कलयुग है...
A priest named Vijay Pandit attempted to rape a 10-year-old Dalit girl inside a temple. When action was taken against the accused under the POCSO Act, the entire Brahmin community surrounded the police station in support of the accused.
This is a shameful situation where Brahmins are supporting the POCSO accused based on their caste. The incident took place in Saharanpur, Uttar Pradesh.
श्री @narendramodi जी अपने कैबिनेट बैठक में अपने मंत्रियों को तो जल्दी-जल्दी पानी पीकर हाइड्रेट रहने के लिए बोल दिया इन उत्तराखंड के लोगों को आपकी सरकार साफ पीने का पानी नहीं दे रही है यह कहां से पानी पिए थोड़ा सा ज्ञान इस पर भी दे दो अगर बच्चा है तो?
@RahulGandhi@INCIndia
This is Uttarakhand
People are protesting against the water crisis by taking out a torch rally
From Indore to Kanpur to Uttarakhand, people are protesting for water
Imagine a 6th largest economy & still can't provide basic necessities like water
Peak Ram Rajya on display
तापमान 45°C पार है, पक्षी आसमान से गिर रहे हैं, लोग हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे है
फिर भी 9वीं से 12वीं के बच्चों की “एक्स्ट्रा क्लास” चल रही हैं। बच्चों की सेहत और जान से बढ़कर कोई क्लास है?
CM @gupta_rekha जी से अनुरोध है भीषण गर्मी को देखते हुए तुरंत एक्स्ट्रा क्लास बंद कर
जब लाखों युवा सड़क पर हों, 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर हो और PM चुप हो - तो सरकार जवाब देने नहीं, बचने में लगी है।
जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और NEET जैसे पेपर लीक रोकने के लिए foolproof सिस्टम नहीं बनता - हम रुकेंगे नहीं।
श्री @drpankajbjp जी आपका सर्वर काम नहीं कर रहा है।
ना फिटनेस की फीस कट रही है
ना ही परमिट रिनुअल हो रहा है
नाकामी आप लोगों की है और इसकी पेनल्टी चालकों के ऊपर पड़ रही है।
हमारी मांग है जब तक आपका सर्वर ठीक से काम नहीं करता तब तक फिटनेस-परमिट नवीकरणीय की पेनल्टी माफ की जाए।
अभी दिल्ली सरकार एवं परिवहन विभाग की तरफ से ईवी वाहन पॉलिसी को लेकर कोई भी ऑटो टैक्सी संगठन के साथ बैठक नहीं की गई है एव ईवी व्हीकल पॉलिसी को लेकर जबकि पड़ोसी राज्य हरियाणा ने एनसीआर में आज बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि एनसीआर में सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक वाहन एवं सीएनजी वाहन हीं चलेंगे अब संगठन पूछना चाहता है कि @CAQM_Official को दिल्ली के ऑटो टैक्सी वाहनों को लेकर जबरदस्ती पॉलिसी थोपे जाने की इतनी जल्दी क्यों है जबकि अभी दिल्ली की चुनी सरकार व परिवहन विभाग ने संगठनों से ईवी पॉलिसी को लिए कोई भी बैठक नहीं की है जबकि @ADATTCU_ अपने ईवी पॉलिसी के विरोध को लेकर ऑटो टैक्सी चालकों के हितों के मध्य नजर अपने फैसले पर अडिग है। जबकि संगठन कहना चाहता है कि आज से 28 साल पहले माननीय सुप्रीम कोर्ट की गठित कमेटी भूरेलाल कमेटी ने सीएनजी को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट को नॉन पॉल्यूशन की रिपोर्ट लेकर अवगत करवाया था जबकि दिल्ली की पूर्व शीला दीक्षित सरकार ने माननीय सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में हलफनामा भी दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ही सीएनजी ईंधन को अपनाया गया था। अर्थात संगठन ऑटो टैक्सी चालकों के आर्थिक एवं मानसिक हितों को मद्देनजर रखते हुए कहना चाहता है ये चालकों के चयन पर निर्भर करता है कि वह अपनी आजीविका एवं परिवार के पालन पोषण हेतु सीएनजी वाहन लेना चाहता है या इलेक्ट्रॉनिक वाहन
कि अगर वायु गुणवत्ता प्रबंधक आयोग ने जबरदस्ती ईवी वाहन पॉलिसी को दिल्ली के चालकों पर थोपने की कोशिश की तो संगठन तमाम संगठनों एवं तमाम चालकों के साथ मिलकर @CAQM_Official के हेड क्वार्टर पर विरोध प्रदर्शन जल्द करेगा। @LtGovDelhi@CMODelhi@gupta_rekha@drpankajbjp@SurajSolanki@rajeev_sharmand@Satya148Prakash@ANI@ians_india@PTI_News@JhalkoDelhi@SushantMehraAT@ZeeDNHNews@DelhiTotaltv@BBCHindi@HindiKhabar@sharadsharma1
आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं!
किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।
यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।
यह फॉर्म किसी नेता से भरवारा?
किसी पुलिस अधिकारी से भरवारा?
किसी पैसे वाले से भरवारा?
नहीं तो हम कामगारों को चोरों की तरह हमारे ही देश में क्यों देख जा रहा है?
इस तरह का फार्म भरवाने का सरकारी आर्डर/गजट नोटिफिकेशन कब जारी किया गया?
कृपया हमें बताइए?
@PMOIndia@India_NHRC
श्रीमान @CPDelhi जी आज मॉडल टाउन में एक पुलिस कर्मचारी हमारे चालकों को यह फॉर्म देकर गया है और चेतावनी देकर गया है अगर 1 तारीख तक यह भर के जमा नहीं किया तो काम नहीं करने देंगे।जब हमारे पास सरकार द्वारा दिया गया लाइसेंस है,गाड़ी के पेपर है फिर यह किस तरह की डिटेल हमसे मांग रहे हो?
2022 में हमने प्राइवेट स्कूल कैब को कमर्शियल स्कूल कैब में बदलने की मांग को लेकर एक दिन हड़ताल की थी
सरकार ने हमारी मांग को मान लिया था।लेकिन 4 साल में इस स्कीम पर सरकार ने कोई काम नहीं किया
कैब को कमर्शियल किए बगैर अब फिर परिवहन विभाग कैब को बंद कर रहा है।हमारी क्या गलती है1/2