#राधास्वामी_पंथ_की_सच्चाई
राधास्वा��ी पंथ के प्रवर्तक श्री शिवदयाल जी मृत्यु उपरांत प्रेत क्यों बने?
पूर्व जन्म की भक्ति से सम्पन्न हुये भक्त वर्तमान में अच्छे साधक लगते हैं, परन्तु साधना शास्त्रविरुद्ध होने के कारण भविष्य की भक्ति कमाई से वंचित र�� जाते हैं। फिर वे पितर या प्रेत
#राधास्वामी_पंथ_की_सच्चाई
राधास्वामी पंथ काल का पंथ हैं
जो सर्व अनुयायियों का जीवन नाश कर रहा है, नास्तिक बना रहा है। जो लाभ हवन यज्ञ (देशी घी की ज्योति सर्व घरों में जलाई जाती थी) वह भी बन्द करवा दी, कहते हैं हम तो शरीर में वास्तविक ज्योति जलाते हैं।
Kabir Is God
#राधास्वामी_पंथ_की_सच्चाई
काल के चलाये पंथ राधास्वामी पंथ में पांच नाम दिये जाते हैं। तुलसी साहेब हाथरस वाले की पुस्तक घट रामायण पृष्ठ 27 पर स्पष्ट किया है कि पांचों नाम तो काल के हैं। इनसे भिन्न नाम (सारनाम/आदिनाम तथा सतनाम) हैं जिससे काल जाल से जीव मुक्त होता है।
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#राधास्वामी_पंथ_की_सच्चाई
राधास्वामी पंथ के नकली धर्मगुरु सतनाम को ही परिभाषित नहीं कर सके। इनको ये ही नहीं पता सतनाम भगवान है या स्थान है या मन्त्र का जाप है।
उनकी पुस्तक संतमत प्रकाश भाग-3 जिसके लेखक सा���न सिंह जी हैं के पृष्ठ 76 पर लिखा है कि "सचखंड या सतनाम
Kabir Is God
जबलग ध्यान विदेह न आवे। तब लग जिव भव भटका खावे।।
ध्यान विदेह औ नाम विदेहा। दोइ लख पावे मिटे संदेहा।।
भावार्थ:- परमेश्वर कबीर जी ने नाम की महिमा बताई है। कहा है कि हे धर्मदास! जब तक विदेह का ध्यान साधक को नहीं आता, तब तक जीव संसार में जन्म-मरण चक्र में भटकता रहता है।
#आदिपुरुष_कबीर
परमेश्वर का नाम कविर्देव अर्थात् कबीर परमेश्वर है, जिसने सर्व रचना की है। जो परमेश्वर अचल अर्थात् वास्तव में अविनाशी है।
- पवित्र अथर्ववेद काण्ड 4 अनुवाक 1 मंत्र 7
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#आदिपुरुष_कबीर
हम सुल्तानी नानक तारे, दादू कूं उपदेश दिया,
जाति जुलाहा भेद ना पाया, काशी माहे कबीर हुआ ।
गरीब दास जी ने इस वाणी में स्पष्ट किया है कि परमेश्वर क��ीर जी ने हम सबको दादू जी, नानक देव जी तथा इब��राहिम सुल्तान को पार किया।
@Archana_dasi_B
#���दिपुरुष_कबीर
पवित्र कुरान शरीफ में प्रभु सशरीर है तथा उसका नाम कबीर है सुरत फुर्कानि 25 आयत 52 से 59 में लिखा है कि कबीर परमात्मा ने छः दि�� में सृष्टी की रचना की तथा सातवें दिन तख्त पर जा विराजा।
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#आदिपुरुष_कबीर
ॠगवेद मणडल 9, सूक्त 82, मंत्र 1 और ॠगवेद मणडल 9, सूक्त 95, मंत्र 1-5 के अनुसार
परमात्मा साकार मानव सदृश है वह राजा के समान दर्शनीय है और सतलोक में तेजोमय श���ीर में विद्यमान है उसका नाम कविर्देव (कबीर) है ।
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#आदिपुरुष_कबीर
ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में कहा गया है कि कविर्देव शिशु रूप धारण कर लेता है। लीला करता हुआ बड़ा होता है। कविताओं द्वारा तत्वज्ञान वर्णन करने के कारण कवि ऋषि, स���्त व कवि कहने लग जाते हैं, वास्तव में वह पूर्ण परमात्मा कविर् (कबीर साहेब) ही है।
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#सत्संग_से_ही_सुख_है
मानव समाज के लिए दहेज एक अभिशाप है बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है। उन्हें जन्म लेने ही नहीं दिया जाता। इसका कारण केवल और केवल दहेज है। संत रामपाल जी महाराज जी ने बीड़ा उठाया है दहेज मुक्त समाज का निर्माण करना। संत रामपाल जी महाराज जी सत्संग के माध्यम
#सत्संग_से_ही_सुख_है
सतगुरु की वाणी (सत्संग) हमारे मन के विकारों को दूर करके सद्विचारों का आलोक प्रसारित करती है।
सत्संग मोक्ष की धारा, कोई समझे राम का प्यारा ।।
Sant Rampal Ji Maharaj
#सत्संग_से_ही_सुख_है
हजार वर्�� तप करने का जो फल प्राप्त होता है उससे अधिक फल तत्वदर्शी संत का एक पल का सत्संग मिल जाए उससे होता है।
कबीर साहेब जी कहते हैं -
सत्संग की आधी घड़ी, तप के वर्ष हजार l
तो भी बराबर है नहीं, कहै कबीर विचार ll
Sant Rampal Ji Maharaj
#सत्संग_से_ही_सुख_है
JagatGuru Tatvadarshi Sant Rampal Ji Maharaj Ji is the true Guru in the whole universe. Take refuge in Him for eternal peace and salvation.
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#सत्संग_से_ही_सुख_है
संत रामपाल जी महाराज पूर्ण गुरु हैं। पूर्ण संत के सत्संग से सभी विकार समाप्त होते हैं तथा मोक्ष मिलता है।
इसी कारण संत रामपाल जी महाराज के सभी अनुयायी बुराइयों/विकारों से दूर हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
#सत्संग_से_ही_सुख_है
संत रामपाल जी महाराज बताते हैं सत्संग से आत्मा को गुरु वचनों की खुराक मिलती है और सकारात्मक भावनाएं जागती हैं।
"संत समागम, हरि कथा, तुलसी दुर्लभ दोय।
सुत दारा और लक्ष्मी यह तो घर पापी के भी होए।।"
Sant Rampal Ji Maharaj