#Nagpur
Students are demanding bus transport because their school is 7 km away.
When simply reaching school becomes a daily hardship, what hope are we giving these children for their future?
SCHOOL THIK KARO!
Kids in villages shouldn’t be pleading for basic facilities at school after 80 years of Independence!
As a country, we have failed rural kids in the worst possible way.
This Independence Day, CJP will launch the “School Thik Karo” campaign to improve Govt schools in villages.
School slab collapses in Solapur, Maharashtra, injuring 13 students.
This is the state of schools where underprivileged kids study. You won’t see this happening in schools where politicians’ children study.
Are the lives of these kids any less valuable than those of politicians’ kids?
दो दिन पहले उत्तराखंड सरकार के ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी बच्चों से संवाद कर रहे थे, तभी एक छात्रा ने बताया कि वो राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो खिलाड़ी है, उसका इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था, लेकिन उससे 1.5 लाख रुपये मांगे गए। पैसे न दे पाने के कारण वह इंटरनेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले पाई।
और मुख्यमंत्री जी का जवाब था “चलो बेटा, अभी बैठ जाओ, कोई बात नहीं।”
सोचिए, जिस खिलाड़ी ने देश के लिए पदक जीतने का सपना देखा था, उसके सपने पर कथित भ्रष्टाचार ने ताला लगा दिया और सरकार का जवाब है “कोई बात नहीं”!
मुख्यमंत्री @pushkardhami जी ,यह “कोई बात नहीं” कहकर टाल देने का विषय नहीं है। यह खिलाड़ियों के भविष्य, उनकी मेहनत और खेल व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला है।
इससे भी बड़ा मामला यह है कि यह वीडियो बाद में @BJP4UK ,सरकार के @DIPR_UK और सरकार से जुड़े तमाम सोशल मीडिया पेजों से गायब कर दिया गया।
एक गोल्ड मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी के “कोई बात नहीं” वाले जवाब के लिए, और दूसरा BJP को वीडियो गायब करने के लिए!
यही कारण है कि हम ओलंपिक पदक तालिका में ऊपर नहीं, नीचे से टॉप करते हैं!
जब अमित शाह बोलते हैं, तो क्या आप (मीडिया) उन्हें टोकते हैं?
अमित शाह में ऐसा क्या खास है कि पूरा मीडिया चुप होकर खड़ा हो जाता है?
जब देश के छात्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह से नहीं डर रहे हैं, तो मीडिया को भी उनसे नहीं डरना चाहिए।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
राहुल जी और अखिलेश यादव जी, पता नहीं आप पढ़े-लिखे हैं या नहीं,
आप लोगों के द्वारा कही जाने वाली बातें कभी-कभी हास्यास्पद होती हैं, आपको कटघरे में खड़ा कर देती हैं...
झारखंड में जो हो रहा है- मैं उस मुद्दे पर चुप नहीं हूं, खुलकर बोल रहा हूं।
मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा है- 'We do not appreciate any violence against our students.'
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
भाजपा के शब्दकोश में जवाबदेही शब्द ही नहीं है। भाजपा ‘जन-तंत्र’ को ‘धन-तंत्र’ मानकर सिर्फ़ दोहन और दमन में विश्वास करती है।
उप्र के हमीरपुर में एक सड़क बनने को लेकर जब सालों से कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्कूली बच्चों ने ज़िलाधिकारी के कार्यालय पर प्रभावशाली प्रदर्शन करके दिखा दिया कि ‘भाजपा का अहंकारी शासन-प्रशासन’ यदि जनता तक नहीं पहुँचेगा तो जनता उन तक पहुँच जाएगी।
भाजपाई ऊपर-से-नीचे का जो ‘एकतंत्र बनाना’ चाहते हैं, वो अब और नहीं चलेगा। जन-प्रतिनिधि हो या लोक सेवक, अब सबको ये समझना ही होगा कि ‘लोकतंत्र’ नीचे-से-ऊपर की ओर जाता है। अब हमारा यही समाजवादी मूल्य सबको अपनाना ही होगा कि ‘समाज के लिए सत्ता है’।
भाजपा हमेशा सत्ता के लिए समाज का दुरुपयोग करती है जबकि समाजवादी सिद्धांत कहता है : समाज के उत्थान और कल्याण के लिए सत्ता का सदुपयोग किया जाना ही शासन-प्रशासन के औचित्य को सिद्ध करता है।
यदि जन-कल्याण नहीं तो सरकार नहीं!
"एक्सप्रेसवे पर 80 गड्ढे हो चुके हैं और वह सड़क 4000 करोड़ से ज्यादा की है। मेनस्ट्रीम मीडिया से अच्छा हमारा मेन स्ट्रीट मीडिया बन गया है जो जनता के बीच में है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
जिला हमीरपुर में स्कूल जाने की सड़क की मांग को लेकर स्कूली बच्चों और बच्चियों का 5 किलोमीटर तिरंगा मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचना और 4 घंटे धरने पर बैठना बेहद चिंताजनक है।
करीब 1.5 KM सड़क दलदल बनने से लगभग 3,000 लोगों और बच्चों की आवाजाही प्रभावित है। समस्या का समाधान करने के बजाय पुलिस का इस्तेमाल बच्चों को धकियाने के लिए किया जा रहा है। बच्चियों को बार-बार “हट-हट” कहकर संबोधित किया गया।
भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार में उत्तर प्रदेश के दो चेहरे हैं। एक तरफ पुलिस और पूरा शासन-प्रशासन खुद मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी पर फूल बरसा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमीरपुर में स्कूल जाने के लिए सड़क की मांग कर रहे छोटे-छोटे बच्चों और बच्चियों को पुलिस अपमानित कर धकिया रही है।
सत्ता की देखरेख में स्वागत के लिए फूल और अपने अधिकार की मांग कर रहे बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार।यह कैसा शासन और कैसी संवेदनशीलता है?
अमित शाह में संसद आने की हिम्मत ही नहीं है।
वो 20 दिनों से गायब हैं। अपने चैंबर में बैठे रहते हैं, लेकिन सदन में नहीं आते।
उनके काफिले में करीब 30 गाड़ियां चलती हैं, घर के आगे हजारों पुलिस वाले खड़े रहते हैं कि कोई बच्चा न आ जाए।
अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है, उससे हवा निकल चुकी है। अब जबरन उसमें हवा भरने की कोशिश की जा रही है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
चुनावी वर्ष में उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों की टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार मेधावी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के आवेदन दो साल से बंद रखे हुए है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और मेधावी विद्यार्थियों के हक पर भी सरकार की लापरवाही बताती है कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं का भविष्य नहीं, चुनावी प्रचार है।
@UPGovt स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान चलाए, ताकि चुपके-चुपके उनकी छात्रवृत्ति सरेंडर करने का खेल बंद हो। पात्र आश्रितों को उनका हक हर हाल में मिलना चाहिए।
साथ ही, @mygovindia तत्काल लंबित आवेदनों की प्रक्रिया शुरू करे, छात्रवृत्ति/फेलोशिप बहाल करे और यह सुनिश्चित करे कि धन के अभाव में किसी भी विद्यार्थी की उच्च शिक्षा और शोध प्रभावित न हो।
The book by former President Shri Ram Nath Kovind Ji is an inspiring read, wonderfully highlighting his struggles, service and rich contribution as MP, Governor and the President of India.
@ramnathkovind