7% वाले चाहते हैं कि 22% वाले 7% वाले को नेता और मुख्यमंत्री बनाकर खुद उनकी जी हुजूरी करता रहे
22% वालों को भी गुलामी की लत लग गई है,इनको बड़ी चुल्ल मची है टीपू भैय्या को मुख्यमंत्री बनाने की और टीपू भैय्या हैं कि इन को किसी गिनती में भी नहीं लाते PDA में भी A से आदिवासी हैं😜
@YouthAgnstHate@yuva_aas@yadavakhilesh अपने पापा का ट्वीट पढ़ ले पहले सही से
उसने लिखा है कि A का मतलब आदिवासी ही है
जब आदिवासी ही है लिख दिया है तो सारे पर्यायवाची खत्म हो गए हैं
P पिछड़ा (यादव )
D दलित,
A आदिवासी
तो फिर इसमें जुम्मन मियां किधर है 🤔
मुस्लिम कौम किस लिए वोट दे रही है इनको
ये तो मुस्लिमों का नाम नहीं लेना चाहते हैं
ओर जुम्मन मियां हैं कि जान दिए जा रहे हैं इनके लिए
अखिलेश यादव को बीजेपी वाले मोहन में यादव नजर आ रहा है और प्यार उमड़ रहा है उसके लिए
ओर दूसरी तरफ जुम्मन चमचों की फौज है जो अपने ही लोगों पर बी टीम का इल्जाम लगाती है और खुद के लोगो के खिलाफ बोलती है
आखिर इस मुस्लिम कौम की आँखें कब खुलेगी
@mohd_uved@1492Adil2@Md_Shaheen_Rana
समाजवादी पार्टी के लोग एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को टारगेट कर रहे हैं। उनके ऊपर भाजपा को जिताने के आरोप लगा रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के लोगों को भाजपा नेता मोहन यादव पसन्द है लेकिन मुसलमानों के लिए आवाज़ उठाने वाला असदुद्दीन ओवैसी पसन्द नहीं है।
ऐसा क्यों 🤔
समाजवाद ना ना ना ना ❌❌❌
यादववाद ✅✅✅✅✅ yes 👍
वो दिन दूर नहीं जब अखिलेश यादव
केवल यादव होने की तर्ज पर यदुमुल्ला शब्द के जनक अरुण यादव उर्फ @ArunKosli को सपोर्ट करने लग जाएंगे
उत्तर प्रदेश मे एक ऐसी महा चुतिया प्रजाति है जिसे मायावती जी, ओवैसी, ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद ओर चन्द्र शेखर रावण ये सब बीजेपी के बी टीम लगते है लेकिन बीजेपी का भ्रष्टाचारी नेता मोहन यादव क्रांतिकारी लगता है।
मतलब गजब दोगलापन है 😂😂
यादव यादव भाई भाई हो सकते हैं तो फिर मुस्लिम मुस्लिम भाई भाई क्यों नहीं हो सकते
सवाल जुम्मन चमचों से है कि एक यादव दूसरे यादव को सपोर्ट कर रहा है ये जानते हुए भी कि वो बीजेपी और RSS वाला है
तो फिर मुस्लिम एक अच्छे नेता को क्यों बी टीम बोलते हैं क्यों इल्जाम लगाते हैं
अखिलेश यादव ने अपने चमचों को लगा दिया है असद ओवैसी साहब को क्रिटिसाइज करने के लिए
लेकिन ये चमचे भूल गए हैं कि वो बैरिस्टर असद ओवैसी है ना कि टोटी ले जाने वाला
@YouthAgnstHate@KraantiKumar अगर लहर थी तो ओवैसी साहब कैसे जीत गए आजम खान साहब कैसे जीत गए थे
तो सुनो ब्रो इसीलिए जीते क्योंकि उनका समाज उनकी जनता उनके साथ खड़ी थी
ओर डिम्पल यादव+धर्मेंद्र यादव इस लिए हारे क्योंकि उनका समाज उनके नहीं बीजेपी के साथ था
अब लड़ाई विचारधारा की नही बची
अब लड़ाई हो गई है यादव vs अन्य
ओर यादव vs अन्य के तहत ही अखिलेश यादव ने बीजेपी वाले कट्टर RSS भक्त मोहन यादव का समर्थन किया है
सिर्फ जाति देख कर
@YouthAgnstHate@JyotiDevSpeaks@mohd_uved