This beast must not be spared..🔥
Repost until arrest, Hindus.... 🚨
In Kurukshetra, Haryana, dargah mullah Gaffar Ali broke the temple priest’s legs, put a noose around his neck, and dragged him like an animal… just because the temple was stopping crowds from visiting his dargah..😡
Hindus wake up...
This monster deserves the gallows...
Serious concern in Rishikesh: Locals report a home CONVERTED into a Mosque drawing crowds from other states for Namaz.
Residents claim they were told they're 'outsiders' in their own holy city 🤯
ये भोजपुर के एसपी हैं नाम है श्री राज इनके अंतिम आदेश पर ही एसटीएफ का सिपाही अक्षय कुमार ने भरत तिवारी की हत्या कर दिया था इस लिए इस हत्या का मुख्य अभियुक्त यह श्रीराज होना चाहिए , ये परिवार और पूरे देश की माँग है ।
#Bharatiwari
आरा के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सांसद पप्पू यादव ने वर्तमान में चल रही जांच प्रक्रिया को केवल एक दिखावा बताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर और उन्हें जेल भेजकर पूरे मामले की लीपापोती करने की गहरी साजिश रची जा रही है. पप्पू यादव ने मांग की है कि इस एनकाउंटर की जांच किसी रिटायर्ड जज से नहीं, बल्कि हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में सीधे सीबीआई (CBI) से कराई जानी चाहिए...
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ये SP जब पैदा नहीं हुआ था तब मैं IPS बन गया था, ये क्या बात बनायेंगे। अपने आप को ज्यादा होशियार समझते हैं।
कायदे से सबसे पहले इस SP को पटना मुख्यालय में भेजना चाहिए था और कोई जिला नहीं देना था।
भरत तिवारी जी के सपोर्ट में खुलकर बोले पूर्व IPS अमिताभ कांत दास।
भरत तिवारी के पिता जी के कुछ बयानों को सुनकर ऐसा लग रहा है कि शायद भरत को 17 जून को दिन में नहीं बल्कि उसके एक दिन पहले 16 जून को रात में मारने की प्लानिंग थी।
पुलिस ने उस दिन रात में भरत तिवारी के घर पर छापा भी मारा था मगर उनके परिवार ने दबाव डाला कि कल सुबह आइएगा, भरत ने भी कहा कि मैं कोई उग्रवादी हूँ कि रात में पकड़ने आए हो। इसलिए पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।
मगर भरत तिवारी के पिता जी को किसी बड़े ख़तरे का अंदेशा हो गया था। वे अगले दिन सुबह होते ही अपने जिगर के टुकड़े को बचाने की गुहार लगाने शाहपुर थाना पहुँच गए मगर उन्हें बैठा दिया गया। एक तरह से बंदी बना लिए गए।
क्योंकि पुलिस को लगा कि ये वहाँ रहेगा तो कुछ न कुछ बखेड़ा कर के उनके ख़तरनाक मंसूबों पर पानी फेर देगा।
उन्होंने मीडिया को बताया कि जब वे थाने में बैठे तो कुछ देर बाद पुलिस उनके सामने ही अपना साजोसामान तैयार कर के निकली थी। मगर उन्हें नहीं महसूस हुआ कि वे लोग उनके बेटे को मारने जा रहे हैं।
उन्होंने ये भी बताया कि जब तक पुलिस ने उनके बेटे को नहीं मारा, तब तक यानी शाम तक उन्हें थाने में बैठाकर रखा गया।
फिर जब उधर खेल हो गया तब इधर उनको छोड़ दिया गया। मगर वे अभी भी हो गई उस अनहोनी से अंजान थे। गाँव आकर पता चला कि उनके बेटे की हत्या कर दी गई है।
पुलिस ने भरत तिवारी के साथ तो षड्यंत्र किया ही उनके सीधे-सादे पिता के साथ भी बहुत बड़ा छल किया, जिसपर कितनी भी भड़ास निकाली जाए, कम है।
काले अंग्रेज
ये महोदय भोजपुर के SP हैं SP साहब रात में भरत तिवारी के घर में परिवार से मिलने गए थे जैसा कि सबने देखा पर ये सिर्फ मिलने नहीं गए थे भरत तिवारी के छोटे भाई को जो कि अभी 16 साल का है उसको अलग लेजाकर धमकाते है कि ये सब बंद करो अन्यथा ठीक नहीं होगा ये सारी बातें लक्की बिष्ट जी ने अपने वीडियो में बोली हैं और इन बातों का सुबूत भी है उनके पास ।
मतलब अभी भी वर्दी का घमंड सत्ता के मद में चूर दिख रहे हैं SP साहब क्या न्याय देते होंगे ये जनता को सच कहा था ब्रिगेडियर साहब ने दुश्मन सिर्फ सीमा के उस पार नहीं है हमारे घर के अंदर भी है जो दीमक की तरह चाट रहे हैं देश को।
भरत तिवारी जी का एनकाउंटर से पहिले आत्मसमर्पण
का Video देखिये ,,
भाई ने बहुत भरोसा करके आत्मसमर्पण किया था ...
लेकिन उनका भरोसा टूट गया और जिन्दगी का साथ
छुट गया ।
#BharatTiwari#Bhojpur#viralvídeo
आजाद तिवारी लड़े थे गोरों से, भरत तिवारी लड़े हैं चोरों से...
बड़े बुजुर्ग कहते थे कि खून बोलता है.. वह खून कैसे बोलता है यह मैं आपको बता रहा हूं..
ज़ब भरत तिवारी स्पॉट पर ही मर चुके थे, इसलिए आपका एक शेयर बिहार पुलिस अधिकारियो की चिता की 1-1 लकड़ी बनकर जलेगा... जनजन तक आग को ले जाना है..
पहले तो लोग सोचते थे कि इस तरह की हत्या से लोग डर जाएंगे फिर सोचा की डर को और बढ़ा दो तो घर वालों पर देते हैं तो दो FIR और करा दिया गया.
.उसके बाद सोचे की हमारे ऊपर तो कोई FIR होगी नहीं.. लेकिन वह भी हो गई,
अब जो लोग उसमें नामजद हुए हैं उनको एंटीसीपेटरी बेल मिलनी नहीं है... उन्होंने तो किसी की आदेश से ही हत्या किया होगा न, अब जिन्होंने आदेश दिया उनके अंदर खरमंडल मचना स्वाभाविक है कि कैसे बचा जाए?
तो ये डर का परिचायक है अभी कल रात को 12:00 बजे एसपी स्वयं भरत तिवारी जी के घर पहुंचे उनके 16 वर्षीय भाई को धमकाया कि अब मामला को आगे मत बढ़ाओ.....
लेकिन कोई असर नहीं हुआ बल्कि उल्टा पड़ गया दांव, आ बैल मुझे मार ये खुद ही एक्सपोज़ हो गये और लाइट में आ गये ...
अब उनके ऊपर वाले अधिकारी भी सोच में पड़े हैं..
अब जांच का दायरा जैसे-जैसे विस्तृत होता जायेगा वैसे-वैसे इन लोगों के फसने की संभावना और बलवती होती जाएगी.. यह डर अब डर फैलाने वाले लोगों में समा चुका है क्योंकि अपने बिछाए जाल में खुद फंसते जा रहें है सभी के सब.. ..
इसको कहते हैं कि खून सर चढ़कर बोल रहा है जबकि मरने वाला तो मर चुका है... तो अपने अपने बचाव के लिए बड़े अधिकारियों ने भी घेराबंदी शुरू कर दी है..
जांच सीबीआई की तो होकर रहेगी बस केवल ये देखना है कि समय और अभी कितना लगता है..?
क्योंकि ये लड़ाई नहीं महासंग्राम घोषित हो चुका है फैसला खुद परिवार के भी हाथ में न रहकर पूरे देश में युवा बुद्धजीवीयों से होते हुए सुप्रीम कोर्ट संसद का रुख कर चुका है.. बड़े बड़े नेता वीर भूमि की मिट्टी सर पर लगाकर कसम खा चुके है..
शहीद का दर्जा हमको सरकार से नहीं चाहिए वो हम दे चुके है..
शहीद भरत तिवारी को शहीद कराने में मुख्य नाम भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा के पुत्र और और तत्कालीन शाहपुर विधायक राकेश ओझा का आ रहा है बताया जा रहा है मामला ₹8 करोड़ के घूसखोरी का है,जो पुलिस पर दबाव बना यह घटना कराई।इतने घूसखोर सब भजपा में हीं क्यों हैं,क्या जांच होगी?
काले अंग्रेज
ये महोदय भोजपुर के SP हैं SP साहब रात में भरत तिवारी के घर में परिवार से मिलने गए थे जैसा कि सबने देखा पर ये सिर्फ मिलने नहीं गए थे भरत तिवारी के छोटे भाई को जो कि अभी 16 साल का है उसको अलग लेजाकर धमकाते है कि ये सब बंद करो अन्यथा ठीक नहीं होगा ये सारी बातें लक्की बिष्ट जी ने अपने वीडियो में बोली हैं और इन बातों का सुबूत भी है उनके पास ।
मतलब अभी भी वर्दी का घमंड सत्ता के मद में चूर दिख रहे हैं SP साहब क्या न्याय देते होंगे ये जनता को सच कहा था ब्रिगेडियर साहब ने दुश्मन सिर्फ सीमा के उस पार नहीं है हमारे घर के अंदर भी है जो दीमक की तरह चाट रहे हैं देश को।