सवाल - Neet प्रोटेस्ट में छात्रों को किसने पीटा?
जवाब - दिल्ली पुलिस ने
सवाल - दिल्ली पुलिस किसके अंडर आती है?
जवाब - गृहमन्त्री अमित शाह के
ध्यान से देखिये इन दोनों को. जीन्स पहनी हुई है
गले में रुमाल बंधा हुआ है, पैरों में स्पोर्ट्स शूज हैँ
वर्दी नहीं है, बैच नहीं है, किसी थाने का कोई एड्रेस तक नहीं है,
और दिल्ली पुलिस ने इनको ऑफिसियल तौर पर छात्रों को पीटने के लिए बैठाया हुआ है.
ये पुलिस किसके अंडर आती है , क्योंकि छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर लोग अब चुप नहीं रहेंगे.
जवाब दीजिये @DelhiPolice??
@KraantiKumar बैर हो या न हो। असल होना चाहिए। कल उसकी आज इसकी फिर कल किसी ओर की बारी होगी। ये तो चलता ही रहेगा। काम ईमानदारी से होना चाहिए। रोना नहीं चाहिए।
देश की संसद में झूठ बोला गया था कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ।
अब इसी ऑपरेशन में शहीद होने वाले छह सैनिकों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं।
सूबेदार मेजर पवन कुमार
राइफलमैन सुनील कुमार
लांस नायक दिनेश कुमार
एविएशन टेक्नीशियन मुरलीनाइक
हवलदार सुनील कुमार सिंह
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार
जिनके बेटे देश के लिए शहीद हो गए, उन्हें कैसा महसूस हुआ होगा जब अपनी पीठ ठोंकने के लिए उनकी शहादत को नकार दिया गया?
@LegalAdvisour हां ये वीडियो मैने भी देखा है जब उन्होंने ये बयान दिया था। ओर फिर एक साल बाद 6 जवान शहीद होने की पुष्टि की। क्या ही चल रहा है देश में। मतलब कुछ भी बोल दो। कोई फर्क नहीं। बिल्कुल मजाक।
जब आये दिन खाने में मिलावट की खबरें आती हैं।
Food frozen खिलाया जा रहा है...
नकली पनीर पकड़ा जा रहा है..
नकली मावा पकड़ा जा रहा है..
हर दिन हम डर में जी रहे है...
तब पता चलता है कि FSSAI तो JP NADDA साहब देखते है।
और Nadda साहब ने तो प्रधानमंत्री के अलावा कुछ देखा ही नहीं।
~Abhinay Sharma
नागपुर का एक स्टूडेंट जिसका नीट का दुबारा एग्ज़ाम है, उसका सेंटर NTA ने अबुधाबी में दे दिया।
प्रधानमंत्री जी अपने लीक-प्रधान को हटाओ, उसका इस्तीफ़ा लो, NTA को बैन करो, टेलीग्राम बैन करने से कुछ नहीं होगा।
कुछ दिनों पहले कंगना रनौत का एक फोटो वायरल हो रहा था , जिसको लेकर दावा किया जा रहा था कि उन्होंने शादी कर लिया हैं ,
लेकिन बाद में कंगना ने क्लियर किया कि ये उनकी अगली फिल्म का लुक हैं , न कि शादी कर लिया हैं !
इसके खबर के बाद मेरे मन में एक सवाल उठ रहा हैं कि ये भी फिल्म की शूटिंग कर रही हैं ,
रवि किशन भी हर साल दो चार फिल्म और वेबसीरीज में दिख जाते हैं , जबकि दोनों सांसद हैं !
सरकार से हर महीने लाखों की तनख्वाह लेते हैं , बंगला लेते हैं , ऑफिस के लिए भी पैसे मिलते हैं , रोज के क्षेत्र में खर्च करने के लिए ढाई हजार अलग से मिलते हैं , मोबाइल रिचार्ज के लिए भी 15 हजार लेते हैं ,
ट्रेन , प्लेन का फ्री टिकट भी लेते हैं , कैंटीन में सस्ता रायता भी पीते हैं , आजीवन पेंशन भी लेते हैं , फिर भी करोड़ो लेकर फिल्मों में काम करते हैं !
जबकि एक 30 से 35 हजार कमाने वाला सरकारी कर्मचारी कोई और काम नहीं कर सकता , यहां तक कि कही इन्वेस्ट भी नहीं कर सकता !
फिर इन नेताओं को इतनी छूट क्यों ?
सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए लेकर भी अपना काम करते रहते हैं , जबकि जनता ने जिस काम कर लिये वोट देकर चुना था वो काम नहीं करते हैं !
इस लिस्ट में राजीव प्रताप रूड़ी का भी नाम है जो आज भी पायलट की नौकरी करते हैं , हरभजन सिंह कमेंट्री करके पैसे कमाते हैं ,
ऐसे ही न जाने कितने ही सांसद विधायक मलाई खा रहे हैं , इनके लिए भी कोई कानून बनना चाहिए,
सांसद भी अपने क्षेत्र में उपलब्ध रहे दिन भर , तब जाकर विकास होगा !
@premkumarcbn01 आपकी पोस्ट बहुत ही अच्छी है। ऐसा ही मुद्दा होना चाहिए। ओर पब्लिक का माइंडसेट भी ऐसा ही होना चाहिए। जितने भी सोशल मीडिया क्रिएटर है जो फेमस है या ठीक ठाक फॉलोअर है, उनको ये जिम्मेदारी से करना चाहिए। लेकिन अफसोस, अपने यहां तो पढ़े लिखे लोग भी तर्क वाली बात नहीं करते।