ये सिर्फ़ प्रोटेस्ट नहीं, ये हमारे फ़्यूचर का री‑एग्ज़ाम है.
“हम साइलेंट नोट्स नहीं, लाउड प्रोटेस्ट हैं।”
1️⃣ पेपर लीक पर ज़ीरो टॉलरेंस और सख़्त क़ानून
2️⃣ एग्ज़ाम सिस्टम में पूरी पारदर्शिता
3️⃣ जिनका साल‑दो साल बर्बाद हुआ, उनके लिए न्याय
“No leak, only merit.”
ये सिर्फ़ प्रोटेस्ट नहीं, ये हमारे फ़्यूचर का री‑एग्ज़ाम है.
“हम साइलेंट नोट्स नहीं, लाउड प्रोटेस्ट हैं।”
1️⃣ पेपर लीक पर ज़ीरो टॉलरेंस और सख़्त क़ानून
2️⃣ एग्ज़ाम सिस्टम में पूरी पारदर्शिता
3️⃣ जिनका साल‑दो साल बर्बाद हुआ, उनके लिए न्याय
“No leak, only merit.”
देव मीना और कुलदीप कुमार ने पोल वॉल्ट में 5.45 मीटर की ज़बरदस्त छलांग लगाकर नेशनल रिकॉर्ड तोड़ दिया 🇮🇳
लेकिन कुछ घंटों बाद 👇🏼
इन चैंपियंस को अपने पोल ई-रिक्शा पर ले जाते हुए देखा गया। 💔
इस देश में सारा फोकस क्रिकेट पर है। बाक़ी खेल और खिलाड़ियों की हालत किसी से छिपी नहीं है।
इस बच्चे की मासूमियत देखकर आपको रोना आ आएगा 😢
मां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही है, इलाज में लगातार बहुत पैसे खर्च कर दिए,
लेकिन फिर भी ठीक नहीं हो पा रही। घर की जिम्मेदारी अब इस छोटे से बच्चे के कंधों पर आ गई है,
वह अपने छोटे भाई-बहनों का सहारा बनकर उन्हें संभालने की कोशिश कर रहा है, और हर हाल में हिम्मत बनाए रखता है,
लेकिन जब वह अपनी मजबूरी और हालात के बारे में बताने लगता है, तो आखिर में खुद को रोक नहीं पाता और रो पड़ता है… 😢
इस बच्चे की मासूमियत देखकर आपको रोना आ आएगा 😢
मां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही है, इलाज में लगातार बहुत पैसे खर्च कर दिए,
लेकिन फिर भी ठीक नहीं हो पा रही। घर की जिम्मेदारी अब इस छोटे से बच्चे के कंधों पर आ गई है,
वह अपने छोटे भाई-बहनों का सहारा बनकर उन्हें संभालने की कोशिश कर रहा है, और हर हाल में हिम्मत बनाए रखता है,
लेकिन जब वह अपनी मजबूरी और हालात के बारे में बताने लगता है, तो आखिर में खुद को रोक नहीं पाता और रो पड़ता है… 😢
भारत का अपना फ्लाइंग एक्सप्रेस!!
गुरिंदरवीर सिंह के नाम अब 100 मीटर रेस में सबसे तेज दौड़ने का कीर्तिमान दर्ज हो गया है। उन्होंने 100 मीटर की दौड़ सिर्फ 10.09 सेकंड में पूरी कर इतिहास रच दिया। यह एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
एक ओडिशा के रहने वाले व्यक्ति ने अपनी मृत बहन की कब्र खोदकर उसकी कंकाल को बैंक ले आया, सिर्फ ये साबित करने के लिए कि वो मर चुकी है।
वो अपनी बहन के खाते से ₹20,000 निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बैंक कर्मचारी बार-बार कह रहे थे कि खाताधारक को खुद आना होगा। उसने बार-बार बताया कि उसकी बहन की मौत हो चुकी है, लेकिन कोई नहीं माना।
परेशान होकर और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण उसने ये बेहद निराशाजनक कदम उठा लिया।
यह घटना न सिर्फ जागरूकता की कमी को दर्शाती है, बल्कि सिस्टम में बुनियादी मानवीय समझ और संवेदना की भी बुरी तरह से कमी को उजागर करती है😢
एक ओडिशा के रहने वाले व्यक्ति ने अपनी मृत बहन की कब्र खोदकर उसकी कंकाल को बैंक ले आया, सिर्फ ये साबित करने के लिए कि वो मर चुकी है।
वो अपनी बहन के खाते से ₹20,000 निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बैंक कर्मचारी बार-बार कह रहे थे कि खाताधारक को खुद आना होगा। उसने बार-बार बताया कि उसकी बहन की मौत हो चुकी है, लेकिन कोई नहीं माना।
परेशान होकर और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण उसने ये बेहद निराशाजनक कदम उठा लिया।
यह घटना न सिर्फ जागरूकता की कमी को दर्शाती है, बल्कि सिस्टम में बुनियादी मानवीय समझ और संवेदना की भी बुरी तरह से कमी को उजागर करती है😢
"लेस का एक जैसा फ्लेवर। लेकिन, एक में पाम ऑयल है और एक में नहीं। आपको यह पता करने के लिए एक पहेली सुलझानी होगी।"
इन कंपनियों ने क्या दिमाग लगाया है। "पहेली" सुलझाना आसान नहीं। बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं।
सनातन धर्म पूर्ण रूप से विज्ञान पर आधारित है...
एक लड़की की जब विवाह के समय विदाई होती है तो वो चावल पीछे की तरफ़ क्यों फेंकती है ?
और ससुराल में पहला कदम रखते समय चावल से भरा लोटा अंदर क्यों गिराती है ?
इसके पीछे क्या कारण है ? क्या हमने कभी सोचा ?