Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
देश के गुनहगार सुन लें - वक़्त बदलेगा, सज़ा ज़रूर मिलेगी।
Security guard एक हाथ में cigarette, दूसरे में admit card चेक कर रहा! 😡
ये है SSC का security level?
Chairman साहब, जो सफाई दे रहे थे, ये video देखें! Blacklisted company, faulty papers, no labs, no amenities
lakhon students का भविष्य दांव पर, और आप “improving” बोल रहे?
#sscReforms2025
#SSCVendorFailure
#SSCMisManagement
मीडिया- शिक्षक भर्ती पर क्या बोलेंगे आप PM से
अभिनव सर - शिक्षक भर्ती पर तो इनका जवाब होगा हम स्कूल बंद करना है तो शिक्षकों की क्या जरूरत हमे तो ठेका खोलना है हर KM पर भले 10Km पर स्कूल हो या ना हो
सलाम है सर आपको एक मात्र शिक्षक जो हमेशा से इनके चहरे को जनता है 🫡
SSC फेज़ 13 की परीक्षा में सामने आ रही गड़बड़ियां सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मोदी सरकार के विफल और सड़े हुए सिस्टम का आईना हैं।
400–500 किलोमीटर दूर से परीक्षा देने पहुंचे युवाओं को केंद्र पर जाकर पता चलता है कि उनकी परीक्षा रद्द कर दी गई है। सिस्टम की खामियों के कारण लगातार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से लाखों युवाओं और उनके परिवारों की मेहनत, समय और उम्मीदें बर्बाद हो रही हैं।
पिछले 10 सालों में NEET, UGC-NET, UPPSC, BPSC और बोर्ड परीक्षाओं सहित 80 से ज्यादा पेपर्स में खुलेआम धांधली हुई है। सिर्फ इस साल की धांधली से 85 लाख बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इन्हें रोकने में सरकार नाकाम रही है और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार के उसके बड़े-बड़े वादे खोखले साबित हुए हैं।
यह सरकार के निकम्मेपन, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और परीक्षा माफियाओं के गठजोड़ का नतीजा है। युवाओं के सपनों के साथ यह विश्वासघात बंद होना चाहिए।
राम चंद्र कह गए सिया से ऐसा कलियुग आयेगा, हंस चुनेगा दाना तिनका, कौआ मोती खायेगा. बंदे की एक और सही चेतावनी निकली. तीन साल पहले संसद के रिकार्ड पर. सामने लोग हुआ हुआ करने में लगे थे. सुन नहीं रहे थे
मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं के साथ हुई क्रूरतापूर्ण दरिंदगी के खिलाफ राज्य के आदिवासी बारिश में भीगते हुए पीड़िताओं को न्याय के लिए मार्च निकाल रहे है। राज्य में तात्कालिक शांति के लिए बीरेन सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर रहे है। क्या सरकार सुनेगी?
वन अधिकार अधिनियम,2006 आदिवासियों को वन संसाधन संबंधी उन अधिकारों को मान्यता प्रदान करता है, जिन पर यह समुदाय विभिन्न प्रकार की जरूरतों के लिए निर्भर है, जिनमें उनकी आजीविका से जुड़ी आवश्यकताएं शामिल है।फिर आदिवासी बच्चियों द्वारा सुखी लकड़ी इक्कट्टा करके लेकर आना कौनसा गुनाह है?