बाल काटना नाई का धर्म नहीं धंधा है, चमड़े की सिलाई करना मोची का धर्म नहीं धंधा है, इसी तरह पूजा पाठ करना करवाना ब्राह्मण का धर्म नहीं धंधा है.' - महात्मा जोतीराव फुले.
इस लिए पूजा पाठ करना और करवाने के धंधे को कोई भी कर सकता है। - महात्मा मुकेश मोहन।
आज कल ब्राम्हण "डा. बी. एन. राव" के डिग्रीयों की चर्चा बहुत ज्यादा है,
आप बताओ @grok कि डा. भीमराव अम्बेडकर जी के पास ज्यादा डिग्रीयां था या बी. एन. राव के पास ??
किसके पास ज्यादा डिग्रीयां था |
आगे वही हुआ। ��ुप्रीम कोर्ट में #VVPAT केस की फ़ाइनल हियरिंग की तारीख मिली थी 9 अप्रैल, Item No 52 . लेकिन वही हुआ जो इसके पहले पोस्ट में हमने कहा था। इस केस को न सुने जाने की बिसात बिछ चुकी थी। Cause List में यह लगभग आखिर Item No 52 के तौर पर लगा और Item No 1 से बात आगे बढ़ी ही नहीं। यह Item था M/S SUNDEW PROPERTIES LIMITED जिसपर सुनवाई देश में जनतंत्र बचाने से अधिक ज़रूरी था। केस नहीं सुने जाने की पूरी सम्भावना थी ही क्योंकि 3 बजे जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बी आर गवई के साथ जॉइंट बेंच में चले गए। लेकिन तब तक कुछ हुआ। लगभग 200 वकील और सिविल सोसाइटी के लोग सुप्रीम कोर्ट के गेट D पर निम्नलिखित प्ले कार्ड को लेकर ""आपकी VVPAT पर्ची आपके हाँथ" DECIDE VVPAT CASE TODAY : SUPREME COURT : DEFEND PEOPLE’S VOTE" #BanEvmSaveIndia100% प्रतिशत VVPAT पर्ची की गिनती तब चुनाव परिणाम की घोषणा SUPREME COURT : DEFEND PEOPLE’S VOTE" आदि लेकर जमकर स्लोगन shouting किये और नारे लगाए" . कुछ मिडिया ने कवर भी किया। हम देश के सर्वोच्च न्यायालय और सभी अधिवक्ताओं से करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि यह केस देश के संविधान बचाने का, वोट के अधिकार को सुरक्षित करने का, देश में चल रहे कॉर्पोरेट गुंडागर्दी के विरुद्ध जनता की आखिरी उम्मीद है। इस केस को तुरंत सुना जाना चाहिए और ���स पर जल्द से जल्द उचित आदेश दिया जाना चाहिए, नहीं तो यह देश, संविधान और जनता के साथ अवमानना है। देश भर में ईवीएम के विरुद्ध बड़े जनांदोलन के बावजूद सत्ताधारी दल और "केचुआ" ईवीएम से चुनाव कराने पर तुला हुआ है। आशा की किरण "न्यायपालिका" है। सुप्रीम कोर्ट में तीन से अधिक पेटिशन है कि VVPAT के 100% पर्चियाँ गिनी जाए। इन मामलों में पिटीशनर की पैरवी देश के जाने माने वकील कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण और गोपाल शंकरनारायणन कर रहे हैं। इसके लिए पहले 20 मार्च की तारीख दी गई। फिर कोर्ट रजिस्ट्री द्वारा बिना कारण बताये उसे 3 अप्रैल कर दिया गया था। फिर 3 अप्रैल को भी Cause List में यह मैटर नहीं लगा था। इस पर जस्टिस संजीव खन्ना के कोर्ट में तीनों वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल @KapilSibal , प्रशांत भूषण @pbhushan1 और गोपाल शंकरनारायणन #GopalShankarnarayanan ने मेंशन किया और जज साहेब से दरख्वास्त की चुकि यह फैसला देश में होने वाले लोक सभा चुनाव और उसमें पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण है तो इस मैटर की सुनवाई जल्द हो फिर भी इसे 9 अप्रैल के Cause List में लगभग आखिर Item No 52 के तौर पर लगाया गया। यानि नहीं सुने जाने की पूरी सम्भावना है क्योंकि 3 बजे जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बी आर गवई के साथ जॉइंट बेंच में मामले सुने जायेंगे। हम देश के सर्वोच���च न्यायालय और सभी अधिवक्ताओं से करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि यह केस देश के संविधान बचाने का, वोट के अधिकार को सुरक्षित करने का, देश में चल रहे कॉर्पोरेट गुंडागर्दी के विरुद्ध जनता की आखिरी उम्मीद है। #सुप्रीम_कोर्ट #evm_को_बैन_करो #BanEvmSaveIndia #DefeatBJPSaveIndia #संविधान_बचाओ_संघर्ष_समिति
खीरा चोरी के झूठे आरोप में बहुजन बिना जमानत जेल में सड़ते हैं। डीएम के हत्यारे को छोड़ दिया जाता है। कब तक बहुजनों को नहीं मिलेगा न्याय।। वै���ाली इस बार बदला लेगा।।