JanNayak @RahulGandhi ji ♥️ 🫡
मेरे युवा साथियों,
जब पेपर लीक होता है, सिर्फ़ एक परीक्षा नहीं टूटती — लाखों सपने टूटते हैं।
जब भर्तियाँ रद्द होती हैं, सिर्फ़ नौकरियाँ नहीं छिनतीं — युवाओं का भविष्य छिनता है।
जब सरकार जवाबदेही से भागती है, तब युवाओं को अपनी आवाज़ बुलंद करनी पड़ती है।
यह लड़ाई किसी एक परीक्षा, एक भर्ती या एक राज्य की नहीं है। यह देश के हर उस युवा की लड़ाई है जो मेहनत पर भरोसा करता है और अपने सपनों के लिए संघर्ष कर रहा है।
आइए, मिलकर बताएं कि भारत का युवा चुप नहीं बैठेगा।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
#lucknow#upsi
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी,
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए।
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में,
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए।
सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।
12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और compromised विदेश नीति ने आज देश को ऐसे हालात में ला खड़ा कर दिया है जहाँ लाखों गरीब परिवारों और महिलाओं को लकड़ी के ज़हरीले धुएं की तरफ धकेल दिया गया है।
उज्ज्वला योजना में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दिया गया। उसपर पिछले 3 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दाम ₹89 बढ़ा दिया गया - मतलब, पहले दाम बढ़ाओ, फिर सब्सिडी घटाओ, गरीबों का चूल्हा बुझाओ।
प्रवासी मजदूरों की जीवनरेखा, 5 किलो का सिलेंडर भी ₹323 महंगा कर दिया - वो कमाएगा क्या, खाएगा क्या, और बचाएगा क्या?
अरबपति मित्रों को लाखों करोड़ों की कर्ज़माफ़ी दिलाना और गरीबों को अपनी नाकामियों का बिल थमाना - ये लूट का मोदी मॉडल है।
मोदी जी, क्या आपकी नाकामियों का बोझ सिर्फ गरीब उठाएंगे? क्या आपकी बनाई इस चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही चुकाएंगे?
प्रयागराज में छात्र आंदोलन के नेतृत्वकर्ता आशुतोष पाण्डेय और पंकज पाण्डेय को पुलिस ने हिरासत में लिया। पेपर लीक को लेकर हुए आंदोलन के चलते दोनों नेतृत्वकर्ताओ को हिरासत में लिया गया है। छात्रों में काफी रोष व्याप्त है।
#UPSI#Lekhpal#Paper_leak@4many_troller#Neet_UG
धांधली बंद करो, युवाओं का भविष्य बचाओ—यूपी सरकार होश में आओ!
सालों-साल तैयारी, दिन-रात की मेहनत और आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने—यूपी के युवाओं को बदले में क्या मिला? सिर्फ धांधली, पेपर लीक और सड़कों पर लाठियों का डर! लेखपाल भर्ती में हुई धांधली को लेकर प्रयागराज में गूंजती युवाओं की हुंकार यूपी सरकार की नाकामियों को दर्शा रही है।
विज्ञापनों में रोजगार का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार आखिर असली इम्तिहानों में इतनी लाचार क्यों दिखती है? युवाओं के भविष्य को बेचने वाले माफियाओं पर आपका बुलडोजर कब चलेगा?
I know you are desperately trying to hack the account but since you have failed to do so. Let me share the real data.
Why would you call 94% of Indian youth as Pakistanis?